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10 किलो आटा 50 रुपये तक महंगा, पैक तेल की किल्लत शुरू
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लॉकडाउन की वजह से बीते दो दिन के दौरान खाद्य सामग्री की सप्लाई में थोड़ा सुधार तो हुआ है, लेकिन कुछ आटा मिल व्यापारियों ने इस बीच आटे की कीमत गुपचुप तरीके से बढ़ा दी है। शहर के तमाम इलाकों में आटा मिल संचालकों ने दस किलो आटे का दाम 50 रुपये तक बढ़ा दिया है। इसके अलावा पैकिंग वाला तेल की भी सप्लाई कम हो गई है। एक लीटर पैक में आने वाले सरसों के तेल की कुछ ज्यादा ही किल्लत है।
लॉकडाउन लगने के पूर्व शहर में दस किलो आटे की कीमत 270 से 290 रुपये थी, जो अब 280 से 330 रुपये तक पहुंच गई है। जबकि, तमाम ब्रांडेड कंपनियों का आटा भी 320 से 350 रुपये प्रति दस किलो बाजार में उपलब्ध है। ब्रांडेड आटे में उसकी एक्सपायरी भी लिखी हुई है, जबकि आटा मिल व्यापारी जो आटा बाजार में उपलब्ध करवा रहे हैं, उसमें उसकी एक्सपायरी डेट का जिक्र नहीं है। रोशनबाग, प्रीतमनगर, मुंडेरा, बाईकाबाग, राम भवन, सोहबतियाबाग, साउथ मलाका, तेलियरगंज, नैनी आदि तमाम इलाकों में आटा का दाम कुछ स्थानीय कारोबारियों ने गुपचुप बढ़ा दिया है। आजाद नगर के किराना व्यापारी दीपक केसरवानी ने बताया कि पहले उन्हें एक क्विंटल आटा 2500 रुपये में मिल जा रहा था, लेकिन अब उसका दाम 2700 तक हो गया है। इस वजह से फुटकर में दाम 30 रुपये किलो रखा गया है। राजरूपपुर के किराना व्यापारी अनय गुप्ता ने बताया कि वह मुट्टीगंज से ही आटा लाते हैं। इधर मिल व्यापारियों ने उसका दाम बढ़ा दिया है। वहीं दूसरी ओर गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी का कहना है कि जिन कारोबारियों ने दाम बढ़ाया है, वह गलत है। आटे के दाम में कोई वृद्धि नहीं हुई है। बुधवार को भी चार ट्रक आटा बाहर से आया। उन्होंने बताया कि थोक में ब्रांडेड आटा 310 का दस किलो है।
एक लीटर तेल पैकिंग पर संकट
लॉकडाउन के बाद एक लीटर तेल की सप्लाई की डिमांड बढ़ गई है। तमाम खाद्य सामग्री में एक लीटर ही तेल रखा जा रहा है। इस वजह से एक लीटर सरसों के तेल की कालाबाजारी बढ़ गई है। खाद्य पैकिट वितरण करने वाले लोगों का इस पैकिंग में तेल कम ही मिल रहा है। किराना कारोबारी मुकेश जायसवाल ने बताया कि वह 15 लीटर वाला टिन खरीद कर ला रहे हैं। उसे ही फुटकर में बेचा जा रहा है।
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लॉकडाउन लगने के पूर्व शहर में दस किलो आटे की कीमत 270 से 290 रुपये थी, जो अब 280 से 330 रुपये तक पहुंच गई है। जबकि, तमाम ब्रांडेड कंपनियों का आटा भी 320 से 350 रुपये प्रति दस किलो बाजार में उपलब्ध है। ब्रांडेड आटे में उसकी एक्सपायरी भी लिखी हुई है, जबकि आटा मिल व्यापारी जो आटा बाजार में उपलब्ध करवा रहे हैं, उसमें उसकी एक्सपायरी डेट का जिक्र नहीं है। रोशनबाग, प्रीतमनगर, मुंडेरा, बाईकाबाग, राम भवन, सोहबतियाबाग, साउथ मलाका, तेलियरगंज, नैनी आदि तमाम इलाकों में आटा का दाम कुछ स्थानीय कारोबारियों ने गुपचुप बढ़ा दिया है। आजाद नगर के किराना व्यापारी दीपक केसरवानी ने बताया कि पहले उन्हें एक क्विंटल आटा 2500 रुपये में मिल जा रहा था, लेकिन अब उसका दाम 2700 तक हो गया है। इस वजह से फुटकर में दाम 30 रुपये किलो रखा गया है। राजरूपपुर के किराना व्यापारी अनय गुप्ता ने बताया कि वह मुट्टीगंज से ही आटा लाते हैं। इधर मिल व्यापारियों ने उसका दाम बढ़ा दिया है। वहीं दूसरी ओर गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी का कहना है कि जिन कारोबारियों ने दाम बढ़ाया है, वह गलत है। आटे के दाम में कोई वृद्धि नहीं हुई है। बुधवार को भी चार ट्रक आटा बाहर से आया। उन्होंने बताया कि थोक में ब्रांडेड आटा 310 का दस किलो है।
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एक लीटर तेल पैकिंग पर संकट
लॉकडाउन के बाद एक लीटर तेल की सप्लाई की डिमांड बढ़ गई है। तमाम खाद्य सामग्री में एक लीटर ही तेल रखा जा रहा है। इस वजह से एक लीटर सरसों के तेल की कालाबाजारी बढ़ गई है। खाद्य पैकिट वितरण करने वाले लोगों का इस पैकिंग में तेल कम ही मिल रहा है। किराना कारोबारी मुकेश जायसवाल ने बताया कि वह 15 लीटर वाला टिन खरीद कर ला रहे हैं। उसे ही फुटकर में बेचा जा रहा है।
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