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अलीगढ़: फैक्टरी भेजी जा रहीं 500 किलो जस्ते की सिल्लियां, रास्ते में रोका, 50 हजार मांगने पर हुआ हंगामा

Mon, 12 Oct 2026 04:08 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 12 Oct 2026 04:08 PM IST
सार

500 किलो जस्ते की सिल्लियां ई-रिक्शा में लादकर आयशा मेटल चुहरपुर आईटीआई रोड भेजीं। इसी बीच जीएसटी की सचल दल इकाई ने उसे बिल दिखाने के लिए रोक लिया। रिक्शा चालक ने कहा कि पीछे मालिक बिल और ई-वे बिल लेकर आ रहे हैं, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। 

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Zinc Ingots Seized GST Team
सचल दल द्वारा माल पकड़ने पर नोकझोंक करते व्यापारी नेता यतेंद्र वाई के - फोटो : संवाद

विस्तार

ई-रिक्शा से अलीगढ़ के सासनी गेट से चुहरपुर भेजी जा रही 500 किलो जस्ते की सिल्लियां रास्ते में रोकने पर रविवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। इस माल को भेजने वाले व्यापारी श्यौदान सिंह ने जीएसटी की सचल दल इकाई पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। उनके समर्थन में आए इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष यतेंद्र वाईके ने नारेबाजी करते हुए जीएसटी अफसरों की संपत्ति की जांच करने की मांग उठाई है।

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थाना सासनी गेट क्षेत्र स्थित गंगाधाम कॉलोनी के व्यापारी श्यौदान सिंह जस्ते की सिल्ली बनाते हैं। उन्होंने रविवार दोपहर डेढ़ बजे 500 किलो जस्ते की सिल्लियां ई-रिक्शा में लादकर आयशा मेटल चुहरपुर आईटीआई रोड भेजीं। रिक्शा पुराने मथुरा बाईपास से सारसौल जा रहा था। इसी बीच जीएसटी की सचल दल इकाई ने उसे बिल दिखाने के लिए रोक लिया। रिक्शा चालक ने कहा कि पीछे मालिक बिल और ई-वे बिल लेकर आ रहे हैं, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। सचल दल वाले रिक्शा को मथुरा बाईपास वाले रास्ते से आगरा रोड स्थित चिंरजीलाल इंटर कॉलेज की ओर ले आए और तालानगरी स्थिति जीएसटी कार्यालय ले जाने लगे।
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इसकी खबर चालक ने श्यौदान सिंह को दे दी। सूचना मिलने पर इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष यतेंद्र वाईके साथियों के साथ चिरंजीलाल इंटर कॉलेज पहुंच गए। इसी बीच बिल भी मंगा लिया गया। इसके बाद भी अधिकारी माल को जीएसटी कार्यालय ले जाने की जिद पर अड़े रहे। श्यौदान सिंह ने जीएसटी अधिकारियों पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। यतेंद्र वाईके ने कहा कि कुछ अफसर सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। ऐसे अफसरों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए। लगभग तीन घंटे चले हंगामे के बाद जीएसटी के अधिकारी जिस माल को अवैध बता रहे थे, उसी को क्लीन चिट देकर चले गए।
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बिल और ई-वे बिल दोनों बने थे
श्यौदान सिंह ने बताया कि वर्तमान में एक किलो जस्ते का भाव 396 रुपये है। 500 किलो की कीमत 1.98 लाख रुपये होती है। जस्ते पर पांच फीसदी जीएसटी लागू है। इसलिए 2,07,900 रुपये का पक्का बिल बना। इस बिल के साथ संबंधित ई-रिक्शे का ई-वे बिल भी बनवाया गया। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म सिद्धार्थ ट्रेडर्स के नाम से वर्ष 2020 से पंजीकृत है। जिसका जीएसटी नंबर भी उनके पास है। इसके बाद भी आए दिन अफसर परेशान कर रहे हैं।

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