Aligarh News: यमुना उफान पर, टप्पल क्षेत्र में बन रहे बाढ़ जैसे हालात, गंगा का जल स्तर बढ़ा रहा चिंता
पिछले 72 घंटे से यमुना का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे गांव महाराजगढ़ और शेरपुर में खेतों एवं आम रास्तों में पानी घुस आने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। यमुना किनारे के गांव किशनगढ़, पखोदना, ऊंटासानी की ओर भी पानी बढ़ रहा है। हालांकि, तहसील प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।
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पहाड़ों पर लगातार बारिश होने और यमुना में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से टप्पल इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। महाराजगढ़ व शेरपुर समेत आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। किसानों की 400 बीघा फसल पानी में डूब चुकी है। पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। वहीं, गंगा का जल स्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
पिछले 72 घंटे से यमुना का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे गांव महाराजगढ़ और शेरपुर में खेतों एवं आम रास्तों में पानी घुस आने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। यमुना किनारे के गांव किशनगढ़, पखोदना, ऊंटासानी की ओर भी पानी बढ़ रहा है। हालांकि, तहसील प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। प्रशासन ने पशुओं को निचले स्थानों से हटवाकर ऊंचे स्थानों पर भिजवा दिया है। ग्रामीणों से टप्पल के जमुना खंड इंटर कॉलेज में बनाए गए राहत शिविर में जाने की अपील की जा रही है, लेकिन ग्रामीण गांव छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रशासन के मुताबिक, राहत शिविर में खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
उधर, गंगा का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यह खतरे के निशान से कुछ दूर ही है। अगले दो दिनों में यहां और जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। लेखपाल, सचिव, स्वास्थ्य विभाग की टीमों की तैनाती कर दी गई है। अतरौली क्षेत्र में गंगा उफान पर है। एसडीएम अनिल कटियार एवं तहसीलदार लीलू सिंह ने सांकरा क्षेत्र में गंगा में बढ़ रहे जलस्तर एवं बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को एहतियात के रूप में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
इन गांवों में मंडराया बाढ़ का खतरा
तहसील खैर- महाराजगढ़, फाजिलपुर, समसपुर, लालपुर, रैयतपुर, नरवारी, गिरधरपुर, शेरपुर, रामगढ़ी, मालव, नगला अमर सिंह, नगला चंडीगढ़, नगला रामस्वरूप, ऊंटासनी, पखोदना।
तहसील अतरौली - दीनापुर, गनेशपुर, हमीदपुर, रुस्तम नगर, नगला जोगिया, सीकरी, गहतौली गंग, नगला अलिया, गोपालपुर, हारनपुर, अहमतमाली, नगावली, सकूरगंज, सांकरा, टोडरपुर, किरतौली, हारपुर।
जिले में ये है स्थिति
- 178.26 मीटर पर गंगा में खतरे का निशान
- बृहस्पतिवार को 177. 765 मीटर तक जलस्तर पहुंचा
- 1,45,780 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया
- 200.600 मीटर पर यमुना में खतरे का निशान
- 195.30 मीटर है यमुना का जलस्तर
- 1,84,363 क्यूसेक पानी छोड़ा यमुना में
ऐसे समझें क्यूसेक को
एक क्यूसेक में 28.317 लीटर पानी होता है, जो प्रति सेकंड बहता है। प्रति सेकंड एक घनफुट पानी के बहाव को क्यूसेक कहते हैं। गंगा में लगभग 1.45 लाख और यमुना में 3.33 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं।