{"_id":"694077376995bcb8f10ca140","slug":"yamuna-expressway-a-gift-to-over-500-farmers-of-aligarh-aligarh-news-c-2-1-gur1003-862681-2025-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना एक्सप्रेसवे: अलीगढ़ के 500 से ज्यादा किसानों को सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना एक्सप्रेसवे: अलीगढ़ के 500 से ज्यादा किसानों को सौगात
विज्ञापन
यमुना एक्सप्रेस के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बड़ी सौगात दी है, किसानों को सीएम ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे की मंजूरी दी है, जिससे अलीगढ़ के 12 गांवों के 500 से ज्यादा किसानों को यह सौगात मिलेगी।
वहीं यीडा ने भी आनन-फानन पांच गांवों के किसानों के रुके हुए 20 करोड़ के मुआवजे का भुगतान करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है।
यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए टप्पल क्षेत्र के 12 गांवों किसानों और भू स्वामियों ने जमीन दी थी, जिनकी संख्या 500 से ज्यादा है, इनमें अलीगढ़, मथुरा आगरा के किसानों को ग्रेटर नोएडा में अधिग्रहीत की गई जमीन से कम मुआवजा मिला था, इसे लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन करते हुए अतिरिक्त मुआवजे की मांग करते चले आ रहे थे लेकिन उनकी मांगों पर सिर्फ आश्वासन मिलता रहा था लेकिन अब प्रदेश सरकार के इस निर्णय से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
वहीं टप्पल, कंसेरा, जिकरपुर, जहानगढ़ और कृपालपुर के करीब 300 किसानों को अब तक उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला है, जिसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अलीगढ़ प्रशासन को तुरंत भुगतान के निर्देश देते हुए एक पत्र भेजा है। वर्ष 2009 में इन पांच गांवों की लगभग 500 हेक्टेयर जमीन यीडा की एलएफडी (लैंड एक्वीजीशन फ्रेमवर्क एंड डेवलपमेंट) परियोजना के तहत अधिगृहीत की गई थी। उस समय मुआवजे की दर को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच बड़ा संघर्ष हुआ था, जिसके चलते लगभग 300 किसानों ने मुआवजा लेने से इन्कार कर दिया था और वे कानूनी लड़ाई के लिए हाईकोर्ट चले गए थे।
विज्ञापन
हाल ही में, किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यीडा के अधिकारियों से मुलाकात कर लंबित मुआवजे की समस्या उठाई। यीडा के रिकॉर्ड के अनुसार, किसानों को भुगतान की जाने वाली राशि जेपी इंफ्राटेक द्वारा बहुत पहले ही सरकारी खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है। यीडा के ओएसडी द्वारा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ), अलीगढ़ को भेजे गए पत्र में कहा है कि करार नियमावली के तहत इन पांच गांवों के किसानों को प्रतिकर भुगतान के लिए जेपी इन्फ्राटेक द्वारा खसरावार 20,14,85,070 की धनराशि प्राधिकरण में जमा कराई गई थी। यह राशि अगस्त-2025 में ही एसएलओ, अलीगढ़ के पदनाम से एचडीएफसी बैंक में भेजी जा चुकी है।
यीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह के मुताबिक धनराशि बैंक में भेजे जाने के बावजूद किसी भी कृषक को प्रतिकर का भुगतान नहीं किया गया है। अब एसएलओ अलीगढ़ को इस धनराशि को किसानों में वितरित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने को कहा है।
विज्ञापन
वहीं यीडा ने भी आनन-फानन पांच गांवों के किसानों के रुके हुए 20 करोड़ के मुआवजे का भुगतान करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है।
यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए टप्पल क्षेत्र के 12 गांवों किसानों और भू स्वामियों ने जमीन दी थी, जिनकी संख्या 500 से ज्यादा है, इनमें अलीगढ़, मथुरा आगरा के किसानों को ग्रेटर नोएडा में अधिग्रहीत की गई जमीन से कम मुआवजा मिला था, इसे लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन करते हुए अतिरिक्त मुआवजे की मांग करते चले आ रहे थे लेकिन उनकी मांगों पर सिर्फ आश्वासन मिलता रहा था लेकिन अब प्रदेश सरकार के इस निर्णय से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
वहीं टप्पल, कंसेरा, जिकरपुर, जहानगढ़ और कृपालपुर के करीब 300 किसानों को अब तक उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिला है, जिसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अलीगढ़ प्रशासन को तुरंत भुगतान के निर्देश देते हुए एक पत्र भेजा है। वर्ष 2009 में इन पांच गांवों की लगभग 500 हेक्टेयर जमीन यीडा की एलएफडी (लैंड एक्वीजीशन फ्रेमवर्क एंड डेवलपमेंट) परियोजना के तहत अधिगृहीत की गई थी। उस समय मुआवजे की दर को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच बड़ा संघर्ष हुआ था, जिसके चलते लगभग 300 किसानों ने मुआवजा लेने से इन्कार कर दिया था और वे कानूनी लड़ाई के लिए हाईकोर्ट चले गए थे।
विज्ञापन
हाल ही में, किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यीडा के अधिकारियों से मुलाकात कर लंबित मुआवजे की समस्या उठाई। यीडा के रिकॉर्ड के अनुसार, किसानों को भुगतान की जाने वाली राशि जेपी इंफ्राटेक द्वारा बहुत पहले ही सरकारी खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है। यीडा के ओएसडी द्वारा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ), अलीगढ़ को भेजे गए पत्र में कहा है कि करार नियमावली के तहत इन पांच गांवों के किसानों को प्रतिकर भुगतान के लिए जेपी इन्फ्राटेक द्वारा खसरावार 20,14,85,070 की धनराशि प्राधिकरण में जमा कराई गई थी। यह राशि अगस्त-2025 में ही एसएलओ, अलीगढ़ के पदनाम से एचडीएफसी बैंक में भेजी जा चुकी है।
यीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह के मुताबिक धनराशि बैंक में भेजे जाने के बावजूद किसी भी कृषक को प्रतिकर का भुगतान नहीं किया गया है। अब एसएलओ अलीगढ़ को इस धनराशि को किसानों में वितरित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने को कहा है।