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कह कर गए थे जल्दी लौटूंगा: रात को जाते समय पत्नी विरोध करती रही, पर याकूब ने नहीं मानी बात

Fri, 19 Jul 2024 04:13 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 19 Jul 2024 04:13 PM IST
सार

होनी तो होकर रहती है, यह याकूब के साथ हुए हादसे पर सही साबित हुआ। घटना वाली रात याकूब की पत्नी ने जाने से रोका था, क्योंकि सुबह बेटी को स्कूल छोड़ने उन्हें जाना था। याकूब चले गए और फिर उनके मौत की ही खबर आई। 

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Yakub wife told about the night of the incident
सिपाही की मौत के बाद घर पर विलाप करती पत्नी व अन्य परिजन - फोटो : संवाद

विस्तार

18 जुलाई सुबह याकूब की पत्नी जोहा बिलखते हुए कह रही थीं कि रात को जाते समय विरोध किया था। मगर नहीं माने और ड्यूटी पर चले गए। बेटी को स्कूल छोड़ने जाने के समय से पहले उनकी मौत की खबर आई। यह सुनकर सभी का कलेजा फट जा रहा था।

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मृतक याकूब
याकूब के पिता वसीउल्लाह के पांच बेटियों में तीन विवाहित हैं और दो अभी अविवाहित हैं। चार बेटों में सबसे बड़ा व्यापार करता है। उससे छोटा याकूब पुलिस में था। उससे छोटा जुबेर जिला पुलिस में ही इंटेलिजेंस में तैनात है। सबसे छोटा शिक्षक है। याकूब की शादी जोहा संग छह वर्ष पहले हुई और एक चार वर्ष की बेटी फायजा व ढाई वर्ष का बेटा यूसुफ है। इस कम उम्र में जोहा के विधवा होने और बच्चों के सिर से पिता का साया उठने पर घर में करुण पुकार का माहौल था। लोग महिलाओं को संभाल नहीं पा रहे थे। रात को घर से जाते समय जोहा ने न जाने की जिद की थी। मगर याकूब जल्दी लौटने की बात कहकर चले गए थे। सुबह मौत की खबर मिली। खास बात यह थी कि याकूब ही बेटी को स्कूल छोड़ने हर दिन जाते थे।
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विलाप
फॉरेंसिक टीम ने दोहराया क्राइम सीन, जुटाए साक्ष्य
गभाना में सुमेरपुर से आठ सौ मीटर दूरी पर स्थित घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। इस दौरान पूरा क्राइम सीन दोहराया गया। इस दौरान मौके पर खून जरूर बंबे की पटरी पर जमा मिला। मगर आसपास ग्रामीणों ने फायर की आवाज सुनने की पुष्टि नहीं की। परिवार की ओर से कहा गया था कि जिस तरह से गोली चलना बताया गया है और गोली लगी है। उस पर क्राइम सीन दोहराया जाए। पुलिस विवेचना का भी हिस्सा है। इसी क्रम में फॉरेंसिक टीम को मौके पर भेजकर क्राइम सीन दोहराया गया। आसपास कच्चे में जूतों के निशान मिले हैं। मौके पर ग्रामीणों ने आठ सौ मीटर दूरी के गांव में आवाज न सुनने की बात कही है।
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जब पुलिस के होश उड़े
इस घटना में जिस सिपाही की मौत हुई है। उसका नाम को सुनते ही पुलिस के होश उड़ गए। अधिकारी भी परेशानी में आ गए। चूंकि सिपाही के पिता व भाई खुद पुलिस सेवा से हैं। उन्होंने अपने जानकारों की मदद से सच जाना। तब जाकर वे शांत हुए। अन्यथा इस मामले में कुछ लोगों ने तो राजनीतिक रंग देने तक की कोशिश की। हालांकि बाद में इलाके के लोगों, पुलिस मित्रों, रिश्तेदार बसपा नेता सलमान शाहिद आदि ने परिवार से वार्ता की और माहौल सामान्य हुआ।

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