यह हमारा घर है: धर्मशाला बचाने के लिए सड़क पर उतरीं महिलाएं...सांसद की गाड़ी के आगे लेटीं
मीनाक्षी पुल के नीचे रामदेवी धर्मशाला है। रामदेवी भारत भूषण के परिवार की बुजुर्ग थीं। उनके नाम पर ही यह धर्मशाला है। 93 साल पहले बनी इस धर्मशाला को नगर निगम पहले ही जर्जर घोषित कर चुका है। निगम ने धारा 325 का नोटिस भी जारी किया है। जर्जर घोषित होने के बावजूद इसमें 40 परिवार रह रहे हैं।
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अलीगढ़ में मीनाक्षी पुल के नीचे अभिनेता भारत भूषण के परिवार की धर्मशाला को तोड़ने के लिए दूसरे दिन 20 मई को भी पुलिस और प्रशासनिक अमला पहुंचा। टीम को दूसरे दिन भी वहां रह रहे लोगों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। वहां रहने वालीं आक्रोशित महिलाएं रामघाट रोड से गुजर रहे सांसद सतीश गौतम की गाड़ी को रोककर तपती दोपहरी में सड़क पर लेट गईं। गाड़ी से बाहर निकलकर सांसद ने मदद का आश्वासन दिया।
मीनाक्षी पुल के नीचे रामदेवी धर्मशाला है। रामदेवी भारत भूषण के परिवार की बुजुर्ग थीं। उनके नाम पर ही यह धर्मशाला है। 93 साल पहले बनी इस धर्मशाला को नगर निगम पहले ही जर्जर घोषित कर चुका है। निगम ने धारा 325 का नोटिस भी जारी किया है। जर्जर घोषित होने के बावजूद इसमें 40 परिवार रह रहे हैं। धर्मशाला मालिक अभिषेक गुप्ता ने इसके ध्वस्तीकरण को लेकर हाईकोर्ट की शरण ली। 15 मई को हाईकोर्ट ने जर्जर भवन को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इसको लेकर दो दिनों से मीनाक्षी पुल के नीचे हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा है।
20 मई की सुबह सिविल लाइन थाने की फोर्स और एसीएम द्वितीय धर्मशाला पहुंच गए। महिलाओं ने उन्हें गेट पर रोक लिया। समझाने के बाद भी महिलाएं नही मानी। भीषण गर्मी और तेज धूप में खड़े एसीएम फोर्स के साथ चौकी पर चले गए। इधर भाजपा नेता राजेंद्र कुमार और पार्षद हरिशंकर सैनी के नेतृत्व में महिलाओं ने रामघाट रोड से गुजर रहे सांसद सतीश गौतम के वाहन को रोक लिया। वाहन रुकते ही रोती-बिलखती महिलाएं चिलचिलाती धूप और तपती सड़क पर लेट गईं। यह देख सांसद गाड़ी से उतर पड़े। नेताओं ने महिलाओं को उठाया और सांसद के पास ले गए।
महिलाओं ने बेघर करने का मामला उठाया। इस पर सांसद ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि किसी को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद सांसद चले गए। मगर महिलाओं का गुस्सा थमा नहीं और वह फिर तपती सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन करने लगीं। इस दौरान रामघाट रोड और मिनाक्षी पुल पर जाम भी लग गया। महिलाओं को समझा कर हटाने के बाद यातायात बहाल करने में पुलिस के पसीने छूट गए।
हाईकोर्ट ने जर्जर धर्मशाला को ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। उसी के तहत आज भी प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस के साथ कार्रवाई करने पहुंचे। मगर विरोध के कारण संभव नहीं हो सका।- अभिषेक गुप्ता, धर्मशाला मालिक