एक युद्ध पटाखों के विरुद्धः पटाखों रहेंगे दूर, दीपक जलाएंगे भरपूर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Sat, 31 Oct 2020 02:15 AM IST
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पटाखों के विरुद्ध शपथ दिलाते मिशन साक्षरता अधिकारी एवं जीजीआईसी छपरा की प्रिंसिपल नीलम शर्मा।
पटाखों के विरुद्ध शपथ दिलाते मिशन साक्षरता अधिकारी एवं जीजीआईसी छपरा की प्रिंसिपल नीलम शर्मा। - फोटो : amar ujala

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अमर उजाला अभियान ‘एक युद्ध, पटाखों के विरुद्ध’ के अंतर्गत शुक्रवार को आईटीआई रोड स्थित रोज एकेडमी पब्लिक स्कूल में महिलाओं को मिशन साक्षरता अधिकारी व जीजीआईसी छर्रा की प्रधानाचार्य नीलम शर्मा ने शपथ दिलाई। कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए दीवापली पर पटाखों को नहीं जलाएंगे। महिलाएं घर का अभिन्न अंग होती हैं। इस अभियान में मातृ शक्ति पूरा सहयोग करेगी।
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नीलम शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को मोबाइल पर आए नोटिफिकेशन के अनुसार अलीगढ़ शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 355 था, जो कि हानिकारक है। ऐसे परिवेश में लंबे समय तक रहने पर फेफड़े और दिल की बीमारियां बढ़ेंगी।
राधे राधे वूमेन क्राफ्ट इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर गौरव अग्रवाल ने कहा कि वायू प्रदूषण के चार प्रमुख कारण हैं। पहला हवा के बहाव में कमी आना। दूसरा दीपावली पर अत्यधिक बारूद चलाना। तीसरा हरियाणा और पंजाब के में पराली जलना और वाहनों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होना। ऐसे में दीपावली पर ‘अमर उजाला’ के अभियान का हिस्सा बनकर लोगों को पटाखे न जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। इससे प्रदूषण को काफी हद तक रोका जा सकेगा। इस मौके पर जिला केंद्र प्रभारी रागिनी राजपूत, केंद्र प्रभारी गौसिया नसीम, प्रेरणा सक्सेना, रिया सक्सेना, प्रबंधक देश दीपक शर्मा मौजूद रहे।
- वायु प्रदूषण में पटाखे भी कई हद तक प्रमुख कारण है। मैं अपने परिवार को प्रेरित करूंगी कि वह इस बार घर में पटाखें नहीं लाएं और अमर उजाला के अभियान से जुड़े। -रागिनी राजपूत।

-पटाखों के साथ वाहनों की बढ़ती संख्या भी प्रदूषण को बढ़ावा दे रही है। हम पटाखों को न लाने की शपथ ले रहे हैं। इसके साथ ही प्राकृतिक ईधन से चलने वाले वाहनों को तवज्जो देनी चाहिए। -अंजलि राजौरा।

-अलीगढ़ में वायु प्रदूषण में बढ़ोत्तरी हो रही है। ऑक्सीजन की कमी हो रही है। अगर आज हम सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। - प्रेरणा सक्सेना।

-हमें हर वह तकनीक विकसित करनी होगी, जिससे पर्यावरण का संरक्षण कर सकें। अन्यथा आने वाली पीढ़ी को आक्सीजन मास्क लगाकर घूमना पड़ेगा। आज नहीं सुधरे तो कल का भविष्य अंधकार में होगा। -प्रिया सक्सेना।

- त्योहार पर आतिशबाजी करना अच्छा लगता है, लेकिन मानवजाति के हित को देखते हुए अमर उजाला के अभियान से जुड़ रहे हैं। हम खुद न तो आतिशबाजी लाएंगे और न ही परिजनों को लाने देंगे। -देश दीपक भट्ट, डायरेक्टर रोज एकेडमी पब्लिक स्कूल।
 
 
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