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महिलाओं के आगे असहाय नजर आया प्रशासन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 16 Jan 2018 02:14 AM IST
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर चप्पलें लेकर दौड़ी महिलाएं।
- फोटो : Amar Ujala
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नितिन माहौर हत्याकांड मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रही महिलाओं के तेवर सोमवार को अचानक उग्र हो गए। वहां भारी संख्या में पुलिस मौजूद थी, लेकिन सब को धता बताकर महिलाएं डीएम कार्यालय में घुस गईं। महिलाओं के हंगामे के सामने प्रशासन असहाय नजर आया। महिलाओं द्वारा डीएम की कुर्सी पर कब्जा करने, पुलिस वालों पर चप्पल लहराने और पेटीकोट फेंकने से प्रशासन हक्का-बक्का रह गया।
संघर्ष समिति भ्ाी सवालों के घेरे में
मामले में एसएसपी के संयुक्त जांच समिति गठन के समझौते पर सहमति जताकर भी सहयोग न करने पर सर्वदलीय कोरी समाज संघर्ष समिति के पदाधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं। उन पर पुलिस का सहयोग करने के बजाय बेवजह मामले को तूल देने के आरोप लग रहे हैं। नितिन माहौर हत्याकांड मामले में समिति के पदाधिकारी कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं महानगर अध्यक्ष विवेक बंसल के साथ एसएसपी राजेश कुमार पांडेय से मिले थे।
इस मौके पर एसएसपी ने उनसे विस्तृत वार्ता करते हुए पूछा था कि आखिर वे चाहते क्या हैं। यदि उन्हें स्थानीय पुलिस की नीयत पर भरोसा नहीं है तो वे चाहे तो प्रदेश के किसी भी जनपद की पुलिस अथवा सीओ से मामले की जांच कराने को तैयार हैं। इस पर सभी नेताओं ने पुलिस पर भरोसा होने की बात कही थी। एसएसपी ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए प्रस्ताव रखा कि एसपी सिटी के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की जाए। इस समिति में समिति के नेताओं की सहमति से दो पब्लिक अथवा संगठन से जुड़े आदमियों को भी शामिल किया जाए।
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जिन लोगों पर संदेह है उन्हें उठाया जाए और सभी के सामने उनसे पूछताछ समेत अन्य कार्रवाइयां की जाए। इस पर सभी पदाधिकारी सहमत थे। कांग्रेस नेता विवेक बंसल ने स्वयं सभी से सहमति पूछी थी। पुलिस के मुताबिक समझौते और बार- बार आग्रह के बावजूद अब तक संगठन ने दो नामित होने वाले व्यक्तियों के न तो पुलिस को नाम दिए हैं और न ही अपने आरोपों के साक्ष्य व ब्यौरा ही पुलिस को सौंपा है।
नितिन की मां को चोट पहुंचाने की लिखाएंगे रिपोर्ट
सर्वदलीय कोरी समाज संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगदीश माहौर ने आरोप लगाया कि सोमवार को हुए हंगामे के दौरान एक दारोगा ने मृतक नितिन की मां शांतिदेवी को घूंसा मार दिया और अंगुलियां मरोड़ दी। इससे उनके जबड़े व हाथ में चोटें आई हैं। इस मामले में संगठन आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।
यह लोग बैठे भूख हड़ताल पर
-जगदीश माहौर, श्रोतीलाल माहौर, महेंद्र सिंह, शांति देवी, जितेंद्र, आकाश, राजेश, कमलेश, विनोद, नरेंद्र सिंह, अनीता, रेखा देवी, घनश्याम कोरी, आनंद कोरी, द्वारिका प्रसाद कोरी, संतशरण माहौर, भूप सिंह, मुकेश माहौर, विक्रम सिंह कोरी व तिरखा सिंह।
बिजेंद्र सिंह और जमीरउल्लाह सहित 500 पर मुकदमा
कलेक्ट्रेट पर सोमवार को जो कुछ हुआ उसमें पुलिस प्रशासन की ओर से दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें एक मुकदमे में पूर्व सांसद, पूर्व विधायक सहित 500 से आरोपी बनाए गए हैं और दूसरा मुकदमा उन महिलाओं पर किया है, जिन्होंने डीएम की कुर्सी कब्जाई और कार्यालय में गंदगी की। पहला मुकदमा भमोला चौकी इंचार्ज तसब्बुर अली की ओर से पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, कांग्रेस नेता श्योराज जीवन, राजेश राज जीवन, माहौर समाज आंदोलन समिति संयोजक जगदीश माहौर सहित 500 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। इसमें जिला मुख्यालय के बाहर जाम लगाकर सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने, हंगामा, अधिकारी और कर्मियों से दुर्व्यवहार करने, गाली देने, माहौल बिगाड़ने जैसे आरोप हैं। दूसरा मुकदमा अपर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से भेजी गई तहरीर पर अज्ञात महिलाओं के खिलाफ दर्ज हुआ है। जिसमें जबरन कलेक्ट्रेट में घुसकर डीएम दफ्तर के अंदर घुसकर उनकी कुर्सी कब्जाने और वहां गंदगी फैलाकर कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचने का आरोप है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान ने इन मुकदमों की पुष्टि की है।
यह बोले नेता
-सर्वदलीय कोरी समाज संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगदीश माहौर ने आरोप लगाया कि पुलिस घटना को दो माह बीतने के बाद भी जाति विशेष के आरोपियों को गिरफ्तार करने में आनाकानी कर रही है। समाज पर दबाव बनाने के लिए हमारे समाज के एक बच्चे को बिना किसी जांच के संगीन धाराओं में जेल भेज दिया गया है। हमारी मांग है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाय। मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
-प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम कोरी ने कहा कि घटना वाले दिन आरोपियों ने मृतक नितिन को 18 बार काल की। 18वीं काल पर वह घर से योगेंद्र कोचिंग गया। जहां उसे गोली मार दी गई। सब कुछ स्पष्ट होने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करना समझ से परे है।
-महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी एवं वरिष्ठ नेता श्योराज जीवन ने कहा कि इस घटना से भाजपा सरकार का दलित, किसान, गरीब विरोधी चेहरा सामने आ गया है। आरोपियों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
-पूर्व सांसद व कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है और उसे न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद को तैयार है।
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संघर्ष समिति भ्ाी सवालों के घेरे में
मामले में एसएसपी के संयुक्त जांच समिति गठन के समझौते पर सहमति जताकर भी सहयोग न करने पर सर्वदलीय कोरी समाज संघर्ष समिति के पदाधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं। उन पर पुलिस का सहयोग करने के बजाय बेवजह मामले को तूल देने के आरोप लग रहे हैं। नितिन माहौर हत्याकांड मामले में समिति के पदाधिकारी कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं महानगर अध्यक्ष विवेक बंसल के साथ एसएसपी राजेश कुमार पांडेय से मिले थे।
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इस मौके पर एसएसपी ने उनसे विस्तृत वार्ता करते हुए पूछा था कि आखिर वे चाहते क्या हैं। यदि उन्हें स्थानीय पुलिस की नीयत पर भरोसा नहीं है तो वे चाहे तो प्रदेश के किसी भी जनपद की पुलिस अथवा सीओ से मामले की जांच कराने को तैयार हैं। इस पर सभी नेताओं ने पुलिस पर भरोसा होने की बात कही थी। एसएसपी ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए प्रस्ताव रखा कि एसपी सिटी के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की जाए। इस समिति में समिति के नेताओं की सहमति से दो पब्लिक अथवा संगठन से जुड़े आदमियों को भी शामिल किया जाए।
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जिन लोगों पर संदेह है उन्हें उठाया जाए और सभी के सामने उनसे पूछताछ समेत अन्य कार्रवाइयां की जाए। इस पर सभी पदाधिकारी सहमत थे। कांग्रेस नेता विवेक बंसल ने स्वयं सभी से सहमति पूछी थी। पुलिस के मुताबिक समझौते और बार- बार आग्रह के बावजूद अब तक संगठन ने दो नामित होने वाले व्यक्तियों के न तो पुलिस को नाम दिए हैं और न ही अपने आरोपों के साक्ष्य व ब्यौरा ही पुलिस को सौंपा है।
नितिन की मां को चोट पहुंचाने की लिखाएंगे रिपोर्ट
सर्वदलीय कोरी समाज संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगदीश माहौर ने आरोप लगाया कि सोमवार को हुए हंगामे के दौरान एक दारोगा ने मृतक नितिन की मां शांतिदेवी को घूंसा मार दिया और अंगुलियां मरोड़ दी। इससे उनके जबड़े व हाथ में चोटें आई हैं। इस मामले में संगठन आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।
यह लोग बैठे भूख हड़ताल पर
-जगदीश माहौर, श्रोतीलाल माहौर, महेंद्र सिंह, शांति देवी, जितेंद्र, आकाश, राजेश, कमलेश, विनोद, नरेंद्र सिंह, अनीता, रेखा देवी, घनश्याम कोरी, आनंद कोरी, द्वारिका प्रसाद कोरी, संतशरण माहौर, भूप सिंह, मुकेश माहौर, विक्रम सिंह कोरी व तिरखा सिंह।
बिजेंद्र सिंह और जमीरउल्लाह सहित 500 पर मुकदमा
कलेक्ट्रेट पर सोमवार को जो कुछ हुआ उसमें पुलिस प्रशासन की ओर से दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें एक मुकदमे में पूर्व सांसद, पूर्व विधायक सहित 500 से आरोपी बनाए गए हैं और दूसरा मुकदमा उन महिलाओं पर किया है, जिन्होंने डीएम की कुर्सी कब्जाई और कार्यालय में गंदगी की। पहला मुकदमा भमोला चौकी इंचार्ज तसब्बुर अली की ओर से पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, कांग्रेस नेता श्योराज जीवन, राजेश राज जीवन, माहौर समाज आंदोलन समिति संयोजक जगदीश माहौर सहित 500 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। इसमें जिला मुख्यालय के बाहर जाम लगाकर सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने, हंगामा, अधिकारी और कर्मियों से दुर्व्यवहार करने, गाली देने, माहौल बिगाड़ने जैसे आरोप हैं। दूसरा मुकदमा अपर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से भेजी गई तहरीर पर अज्ञात महिलाओं के खिलाफ दर्ज हुआ है। जिसमें जबरन कलेक्ट्रेट में घुसकर डीएम दफ्तर के अंदर घुसकर उनकी कुर्सी कब्जाने और वहां गंदगी फैलाकर कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचने का आरोप है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान ने इन मुकदमों की पुष्टि की है।
यह बोले नेता
-सर्वदलीय कोरी समाज संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगदीश माहौर ने आरोप लगाया कि पुलिस घटना को दो माह बीतने के बाद भी जाति विशेष के आरोपियों को गिरफ्तार करने में आनाकानी कर रही है। समाज पर दबाव बनाने के लिए हमारे समाज के एक बच्चे को बिना किसी जांच के संगीन धाराओं में जेल भेज दिया गया है। हमारी मांग है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाय। मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
-प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम कोरी ने कहा कि घटना वाले दिन आरोपियों ने मृतक नितिन को 18 बार काल की। 18वीं काल पर वह घर से योगेंद्र कोचिंग गया। जहां उसे गोली मार दी गई। सब कुछ स्पष्ट होने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करना समझ से परे है।
-महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी एवं वरिष्ठ नेता श्योराज जीवन ने कहा कि इस घटना से भाजपा सरकार का दलित, किसान, गरीब विरोधी चेहरा सामने आ गया है। आरोपियों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
-पूर्व सांसद व कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है और उसे न्याय दिलाने के लिए हर संभव मदद को तैयार है।