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तो चार घंटे में बंद हो जाएगा कासिमपुर पावर हाउस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 May 2016 01:35 AM IST
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पाॉवर हाउस
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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हरदुआगंज तापीय परियोजना कासिमपुर (कासिमपुर पावर हाउस) पर पिछले एक हफ्ते से ठेकेदार हड़ताल पर हैं। उनका करोड़ों रुपये का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है।
इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दिसंबर महीने में 660 मेगावाट की नई इकाई के शिलान्यास कार्यक्रम का भुगतान भी शामिल है। ठेकेदारों के संगठन युवा संविदाकार कल्याण समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि अभी सिर्फ पदाधिकारी धरने पर हैं। जिस दिन संविदा के श्रमिक भी हड़ताल पर चले जाएंगे तो पावर हाउस 4 घंटे भी नहीं चल सकेगा। अब ठेकेदारों ने शनिवार से आमरण अनशन की घोषणा की है। हालांकि मंगलवार को पावर हाउस के जीएम आरके वाही ने ठेेकेदारों अपील की कि वह धरना समाप्त कर दें।
उनका भुगतान हो जाएगा। लेकिन ठेकेदार उनकी इस बात से आश्वस्त नहीं हैं।
युवा संविदाकार कल्याण समिति के अध्यक्ष विकास जादौन ने बताया कि दिसंबर में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा शिलान्यास कार्यक्रम के लिए बाहरी एजेंसियों द्वारा स्थानीय ठेकेदारों से भी काम कराया गया। तय था कि कार्यक्रम के बाद भुगतान होगा। बाहरी एजेंसियों का भुगतान हुआ लेकिन हमें आज तक भुगतान नहीं हुआ। इसके अलावा रुटीन के काम का भी पेमेंट, जो कि करीब 8 से 10 करोड़ रुपये बैठता है, छह महीने से भुगतान नहीं हुआ है।ओवर हालिंग का भी करीब 4 करोड़ बकाया है।
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विकास जादौन ने कहा कि पावर हाउस में हमारी ही लेबर लगी है। हम भी राष्ट्रहित में काम करते हैं। हम लेबर से धरने में शामिल होने के लिए नहीं कह रहे हैं लेकिन अगर वह हमारे साथ आए तो चार घंटे भी पावर हाउस नहीं चल सकेगा। शनिवार से आमरण अनशन पर पांच लोग बैठेंगे।
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इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दिसंबर महीने में 660 मेगावाट की नई इकाई के शिलान्यास कार्यक्रम का भुगतान भी शामिल है। ठेकेदारों के संगठन युवा संविदाकार कल्याण समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि अभी सिर्फ पदाधिकारी धरने पर हैं। जिस दिन संविदा के श्रमिक भी हड़ताल पर चले जाएंगे तो पावर हाउस 4 घंटे भी नहीं चल सकेगा। अब ठेकेदारों ने शनिवार से आमरण अनशन की घोषणा की है। हालांकि मंगलवार को पावर हाउस के जीएम आरके वाही ने ठेेकेदारों अपील की कि वह धरना समाप्त कर दें।
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उनका भुगतान हो जाएगा। लेकिन ठेकेदार उनकी इस बात से आश्वस्त नहीं हैं।
युवा संविदाकार कल्याण समिति के अध्यक्ष विकास जादौन ने बताया कि दिसंबर में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा शिलान्यास कार्यक्रम के लिए बाहरी एजेंसियों द्वारा स्थानीय ठेकेदारों से भी काम कराया गया। तय था कि कार्यक्रम के बाद भुगतान होगा। बाहरी एजेंसियों का भुगतान हुआ लेकिन हमें आज तक भुगतान नहीं हुआ। इसके अलावा रुटीन के काम का भी पेमेंट, जो कि करीब 8 से 10 करोड़ रुपये बैठता है, छह महीने से भुगतान नहीं हुआ है।ओवर हालिंग का भी करीब 4 करोड़ बकाया है।
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विकास जादौन ने कहा कि पावर हाउस में हमारी ही लेबर लगी है। हम भी राष्ट्रहित में काम करते हैं। हम लेबर से धरने में शामिल होने के लिए नहीं कह रहे हैं लेकिन अगर वह हमारे साथ आए तो चार घंटे भी पावर हाउस नहीं चल सकेगा। शनिवार से आमरण अनशन पर पांच लोग बैठेंगे।