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हादसे के लिए कौन जिम्मेदार, हो रही जांच : लक्ष्मीनारायण
Sun, 02 Jun 2024 03:22 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sun, 02 Jun 2024 03:22 AM IST
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जम्मू में बस हादसे में मरने वालों के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद प्रदेश सरकार के मंत्री चौ.लक्
- फोटो : Samvad
प्रदेश सरकार के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि अखनूर में तीर्थयात्रियों से भरी बस हादसे की जांच जम्मू-कश्मीर सरकार सहित यूपी सरकार भी करा रही है। जांच में जिस स्तर पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले अन्य सभी मंत्री व विधायकों के साथ उन्होंने मृतकों के परिवार वालों से मिलकर सांत्वना दी।
नाया गांव में 11 तीर्थयात्रियों के शवों के अंतिम संस्कार में पहुंचे गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी से लोगों ने कहा कि मोटरसाइकिल पर तीसरा व्यक्ति बैठा हो तो पुलिस चालान कर देती है, लेकिन 57 सीटर बस में इतनी अधिक संख्या में तीर्थयात्री सवार थे।
यूपी सहित चार राज्य बस पार कर गई, लेकिन कहीं भी पुलिस और परिवहन विभाग ने चेकिंग तक नहीं की। परिवहन विभाग ने भी बिना स्थलीय सत्यापन के परमिट जारी कर दिया? लोगों के इन सवालों पर गन्ना मंत्री जांच और कार्रवाई की बात कहते रहे। कहा कि जम्मू सरकार, प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की ओर से नियमानुसार जो भी आर्थिक सहायता है वह मृतकों और घायलों के परिवार वालों को दिलाई जाएगी।
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सभी मंत्री, विधायक और अधिकारी गांव के बाहर बगीची में सबसे पहले पहुंचे जहां पर मथुरा से एंबुलेंस से शव लाकर रखने की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद वह श्मशान घाट पहुंचे जहां पर सभी के शव को मुखाग्नि दी गई।
नाया में दुख बंटाने पहुंचे हजारों लोग
नाया गांव के निवासियों का दुख बंटाने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। करीब छह-सात हजार लोग नाया पहुंचे थे। इसमें सैकड़ों की संख्या में चार पहिया और दो पहिया वाहन थे। आसपास गांवों सहित तोछीगढ़, इगलास, सासनी, मनीपुर, बेसवां, केमावली आदि के लोग 11 मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्न गांवों से मृतकों के रिश्तेदार भी पहुंंचे थे। वाहनों की बड़ी संख्या होने से गांव के रास्ते पर जाम के हालात थे।
पांच चिता में जले 11 शव
इगलास (अलीगढ़)। शनिवार की रात नाया गांव पहुंचे सभी 11 शव पांच चिता में जलाए गए। एक चिता में लक्ष्मण प्रसाद शर्मा सहित उनकी पत्नी, बेटे और बेटी का शव था। दूसरी चिता में सबरजीत और उनकी पत्नी सीमा के शव थे। तीसरी चिता में सुरेश सिंह, उनकी भतीजी सोनू उर्फ अंजली और तनुज के शव थे। वहीं सुनीता और संजय के शव अलग-अलग चिता में सजाए गए। इस तरह कुल पांच चिता में 11 शवों को मुखाग्नि दी गई। संवाद
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नाया गांव में 11 तीर्थयात्रियों के शवों के अंतिम संस्कार में पहुंचे गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी से लोगों ने कहा कि मोटरसाइकिल पर तीसरा व्यक्ति बैठा हो तो पुलिस चालान कर देती है, लेकिन 57 सीटर बस में इतनी अधिक संख्या में तीर्थयात्री सवार थे।
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यूपी सहित चार राज्य बस पार कर गई, लेकिन कहीं भी पुलिस और परिवहन विभाग ने चेकिंग तक नहीं की। परिवहन विभाग ने भी बिना स्थलीय सत्यापन के परमिट जारी कर दिया? लोगों के इन सवालों पर गन्ना मंत्री जांच और कार्रवाई की बात कहते रहे। कहा कि जम्मू सरकार, प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की ओर से नियमानुसार जो भी आर्थिक सहायता है वह मृतकों और घायलों के परिवार वालों को दिलाई जाएगी।
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सभी मंत्री, विधायक और अधिकारी गांव के बाहर बगीची में सबसे पहले पहुंचे जहां पर मथुरा से एंबुलेंस से शव लाकर रखने की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद वह श्मशान घाट पहुंचे जहां पर सभी के शव को मुखाग्नि दी गई।
नाया में दुख बंटाने पहुंचे हजारों लोग
नाया गांव के निवासियों का दुख बंटाने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। करीब छह-सात हजार लोग नाया पहुंचे थे। इसमें सैकड़ों की संख्या में चार पहिया और दो पहिया वाहन थे। आसपास गांवों सहित तोछीगढ़, इगलास, सासनी, मनीपुर, बेसवां, केमावली आदि के लोग 11 मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्न गांवों से मृतकों के रिश्तेदार भी पहुंंचे थे। वाहनों की बड़ी संख्या होने से गांव के रास्ते पर जाम के हालात थे।
पांच चिता में जले 11 शव
इगलास (अलीगढ़)। शनिवार की रात नाया गांव पहुंचे सभी 11 शव पांच चिता में जलाए गए। एक चिता में लक्ष्मण प्रसाद शर्मा सहित उनकी पत्नी, बेटे और बेटी का शव था। दूसरी चिता में सबरजीत और उनकी पत्नी सीमा के शव थे। तीसरी चिता में सुरेश सिंह, उनकी भतीजी सोनू उर्फ अंजली और तनुज के शव थे। वहीं सुनीता और संजय के शव अलग-अलग चिता में सजाए गए। इस तरह कुल पांच चिता में 11 शवों को मुखाग्नि दी गई। संवाद