फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   When the Supreme Court upheld the minority status, AMU rejoiced

Aligarh : सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार किया तो झूम उठा एएमयू, आतिशबाजी के बीच लहराया तिरंगा

Sat, 09 Nov 2024 07:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 09 Nov 2024 07:04 AM IST
सार

फैसला आते ही जमकर आतिशबाजी हुई। मिठाइयां बांटीं गईं। छात्रों ने तिरंगा लहराकर खुशी का इजहार किया।

विज्ञापन
When the Supreme Court upheld the minority status, AMU rejoiced
AMU - फोटो : आधिकारिक वेबसाइट (@amu.ac.in.)

विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार रहने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों ने जश्न मनाया। फैसला आते ही जमकर आतिशबाजी हुई। मिठाइयां बांटीं गईं। छात्रों ने तिरंगा लहराकर खुशी का इजहार किया। शुक्रवार को सुबह आठ बजे से ही बाब-ए-सैयद पर छात्रों, पूर्व छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सुबह 11:30 बजे सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही खुशियां मनाई जाने लगीं। सब एक-दूसरे के गले लगकर मुबारकबाद देने लगे। यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों ने आतिशबाजी की और नारेबाजी भी की। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले बाब-ए-सैयद पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। एएमयू सर्किल पर फोर्स तैनात रही। छात्रों की भीड़ को देखकर पुलिस अफसर भी सतर्क रहे। आतिशबाजी और जश्न मनाने के बाद छात्र जामा मस्जिद में नमाज पढ़ने चले गए। इसके बाद यूनिवर्सिटी की प्रॉक्टोरियल टीम भी जामा मस्जिद पहुंच गई। छात्रों को ज्यादा उत्साहित होने से शिक्षकों ने रोका भी। शाम चार बजे तक छात्र बाब-ए-सैयद पर डटे रहे। वहीं, खुफिया एजेंसी भी सक्रिय रही। बाब-ए-सैयद पर होने वाली हर गतिविधियों की जानकारी वह उच्चाधिकारियों को दे रहे थे। एएमयू जामा मस्जिद, कुलसचिव मस्जिद सहित ऊपरकोट जामा मस्जिद में जुमे की नमाज में खुदा का शुक्र अदा किया गया। नमाज पढ़ने के बाद मस्जिद से बाहर आए लोगों ने कहा कि यह इन्साफ की जीत है।
विज्ञापन

 
एससी-एसटी व ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण नहीं, कोटा से होता है प्रवेश
एएमयू में स्कूल, स्नातक और परास्नातक में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। लेकिन नामांकन (नॉमिनेशन) कोटा के जरिये यूनिवर्सिटी में इनका दाखिला होता है। साथ ही दिव्यांग, एनसीसी, खेलकूद, शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए भी यही प्रवेश व्यवस्था है। एएमयू एग्जाम कंट्रोलर प्रो. मुजीबुल्लाह जुबेरी ने बताया कि यूनिवर्सिटी में 10 वर्गों में नॉमिनेशन प्रक्रिया से प्रवेश दिए जाते हैं। एएमयू के स्कूलों, स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों का नामांकन निर्धारित है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
  • इसी तरह यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों के बच्चों (सीई), पूर्व छात्रों के बच्चों (सीए), केंद्रीय कर्मचारी, जिनका तबादला शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले हुआ है, उनके बच्चों (सीजी), दूसरे राज्य के विद्यार्थियों (डीएस), दिव्यांग (पीएच), एनसीसी (एनसी), खेलकूद (एसएम), असाधारण डिबेटर (डीआर), शहीद सैनिकों के बच्चों (सीएफ) के लिए अलग से अंकों की व्यवस्था की गई है। 
  • इन अंकों को प्रवेश परीक्षा के अंकों में जोड़ दिया जाता है। इस आधार पर इन छात्रों का विवि में दाखिला होता है। हालांकि, एमबीबीएस, एमडी, एमएस, एमडीएस, पीजी डिप्लोमा, बीडीएस, एम.सीएच, डीएम, बीयूएमएस, प्री तिब, एमसीए, माहिरे तिब, माहिरे जराहत, बीएससी नर्सिंग, एम.टेक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में नॉमिनेशन व्यवस्था नहीं है।

मुस्लिम समुदाय ने जताई खुशी... सरकार को दिखाया आईना
इस निर्णय ने मौजूदा सरकार को भी आईना दिखाया है। यह उनके लिए करारा जवाब है जो अल्पसंख्यक दर्जे की बहाली में रुकावट बने हुए थे। 1967 में अजीज बाशा मामले में फैसले के बाद से ही जमीयत ने लंबी लड़ाई लड़ी है।
-मौलाना महमूद मदनी, अध्यक्ष, जमीयत उलमा-ए-हिंद

मुस्लिमाें के दान से हुई थी स्थापना
एएमयू की स्थापना मुस्लिमों द्वारा, मुस्लिम शिक्षा के लिए, मुस्लिमाें के दान से की गई थी। एएमयू को अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना जाएगा, तो किसे अल्पसंख्यक संस्थान कहा जाएगा।
-मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, अध्यक्ष, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, लखनऊ 

बेहतर शिक्षा के लिए पहचान
कुछ लोगों के दिलों में एएमयू व अल्पसंख्यक दर्जा कांटे की तरह चुभता है। एएमयू बेहतर शिक्षा के लिये पहचाना जाता है। उम्मीद है, तीन जजों की बेंच भी यही फैसला देगी। -मौलाना यासूब अब्बास, महासचिव, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड

मुसलमानों के लिए अहम दिन
यह भारत के मुसलमानों के लिए अहम दिन है। अनुच्छेद 30 के अनुसार, अल्पसंख्यकों को अपने शैक्षणिक संस्थानों को उस तरीके से स्थापित करने और संचालित करने का अधिकार है, जैसा वे उचित समझें।


- असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम प्रमुख 

केंद्र सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेगा : भाजपा
भरतीय जनता पार्टी ने कहा कि केंद्र सरकार एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट की नई पीठ के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का प्राथमिक कर्तव्य संविधान के प्रावधानों की व्याख्या करना है और वह ऐसा करेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed