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वेबिनार : आपातकाल में बढ़ गई है शिक्षकों की जिम्मेदारी
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एसवी कालेज के इग्नू सेंटर द्वारा आयोजित वेबिनार।
- फोटो : CITY OFFICE
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कोविड-19 के चलते शैक्षणिक सत्र की प्रक्रियात्मक चुनौतियां व समाधान विषय पर मंगलवार श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय के इग्नू सेंटर द्वारा छात्र छात्राओं के लिए एक इंडक्शन मीटिंग तथा छात्र संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसके अंत में श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष शेखर सराफ को श्रद्धांजलि देते हुए सभी ने दो मिनट का मौन धारण किया।
वेबिनार में चर्चा हुई की वर्तमान समय में शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सेंटर कोऑर्डिनेटर डॉ. गुंजन अग्रवाल ने बताया कि दोपहर 2:00 बजे वेब लिंक द्वारा इस छात्र संगोष्ठी को ऑनलाइन शुरू किया गया। जिसमें 80 छात्र ऑनलाइन उपस्थित रहे तथा इग्नू रीजनल सेंटर के 15 से अधिक अधिकारियों ने भी शिरकत की। अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. पंकज वार्ष्णेय ने शिक्षकों व छात्रों को आगामी सत्र की प्रक्रियात्मक व्यवस्थाओं एवं चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए कहा। साथ ही छात्रों को घर पर ही रह कर पूरे मनोबल के साथ परिस्थिति का सामना करने की सीख भी दी।
मुख्य अतिथि इग्नू के रीजनल डायरेक्टर डॉ. सफदर आजम ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सभी शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराया और कहा कि देश विषम परिस्थितियों में चल रहा है। ऐसी परिस्थितियों में शिक्षक की समाज के प्रति जिम्मेदारी एवं जागरूकता और ज्यादा बढ़ जाती है। रीजनल डायरेक्टर ने कहा की इन विषम परिस्थितियों में भी इग्नू हर हाल में छात्र-छात्राओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बाध्य है तथा किसी भी छात्र का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रकार के विकल्पों तथा ऑनलाइन असाइनमेंट एवं परीक्षा का भी प्रावधान ढूंढा जा रहा है।
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कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर डॉ. एमआर फैसल ने नए सत्र में छात्रों के लिए सुनिश्चित की गई शैक्षिक व्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला। शेखर सराफ को श्रद्धांजलि देते हुए डॉ. पंकज वार्ष्णेय ने कहा कि शेखर सराफ का हमारे बीच में से जाना अपूरणीय क्षति है। कार्यक्रम में असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर डॉक्टर नीरू वार्ष्णेय, डॉ. राकेश, डॉ. नंदिता, डॉ. सत्येंद्र, सचिन, देव कुमार अरोड़ा, कौशलेंद्र, निरुपम कन्हैया, रति गुप्ता, काशी विश्वनाथ एवं नारायण आदि ने भी प्रतिभाग किया।
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वेबिनार में चर्चा हुई की वर्तमान समय में शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सेंटर कोऑर्डिनेटर डॉ. गुंजन अग्रवाल ने बताया कि दोपहर 2:00 बजे वेब लिंक द्वारा इस छात्र संगोष्ठी को ऑनलाइन शुरू किया गया। जिसमें 80 छात्र ऑनलाइन उपस्थित रहे तथा इग्नू रीजनल सेंटर के 15 से अधिक अधिकारियों ने भी शिरकत की। अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. पंकज वार्ष्णेय ने शिक्षकों व छात्रों को आगामी सत्र की प्रक्रियात्मक व्यवस्थाओं एवं चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए कहा। साथ ही छात्रों को घर पर ही रह कर पूरे मनोबल के साथ परिस्थिति का सामना करने की सीख भी दी।
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मुख्य अतिथि इग्नू के रीजनल डायरेक्टर डॉ. सफदर आजम ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सभी शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों का बोध कराया और कहा कि देश विषम परिस्थितियों में चल रहा है। ऐसी परिस्थितियों में शिक्षक की समाज के प्रति जिम्मेदारी एवं जागरूकता और ज्यादा बढ़ जाती है। रीजनल डायरेक्टर ने कहा की इन विषम परिस्थितियों में भी इग्नू हर हाल में छात्र-छात्राओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बाध्य है तथा किसी भी छात्र का साल खराब नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रकार के विकल्पों तथा ऑनलाइन असाइनमेंट एवं परीक्षा का भी प्रावधान ढूंढा जा रहा है।
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कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर डॉ. एमआर फैसल ने नए सत्र में छात्रों के लिए सुनिश्चित की गई शैक्षिक व्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला। शेखर सराफ को श्रद्धांजलि देते हुए डॉ. पंकज वार्ष्णेय ने कहा कि शेखर सराफ का हमारे बीच में से जाना अपूरणीय क्षति है। कार्यक्रम में असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर डॉक्टर नीरू वार्ष्णेय, डॉ. राकेश, डॉ. नंदिता, डॉ. सत्येंद्र, सचिन, देव कुमार अरोड़ा, कौशलेंद्र, निरुपम कन्हैया, रति गुप्ता, काशी विश्वनाथ एवं नारायण आदि ने भी प्रतिभाग किया।