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अलीगढ़ः हेलमेट पहनकर मुख्यमंत्री ने दो मिनट में देखा मॉडल
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हरदुआगंज तापीय परियोजना का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : CITY OFFICE
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलिकॉप्टर से उतरकर सीधे हरदुआगंज तापीय परियोजना विस्तार के तहत 660 मेगावाट की नई यूनिट का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने दो मिनट तक मॉडल देखा। करीब दो मिनट तक कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। साथ ही अधिकारियों से परियोजना की जानकारी ली। इससे पहले उन्होंने सुरक्षा के लिए हेलमेट व हेडफोन भी लगाया। इस दौरान उनके साथ ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, राज्यमंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहे। यहां के बाद मुख्यमंत्री सीधे जनसभा स्थल पहुंचे।
दोपहर 12:36 बजे मुख्यमंत्री सीधे 660 मेगावाट की नई यूनिट परिसर में पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर उनको हेलमेट पहनाया गया, जबकि तेज आवास से बचने के लिए सेफ्टी हेडफोन लगाया। इसके बाद उन्होंने मॉडल देखा। यहां परियोजना के चेयरमैन व एमडी ने उन्हें मॉडल के बारे में जानकारी दी। इसके बाद वह कंट्रोल रूम में निरीक्षण के लिए पहुंचे तो यहां अधिकारियों से पूछा कि यूनिट को कंट्रोल कैसे करते हैं। अधिकारियों ने तकनीकी जानकारी देते हुए उन्हें बताया कि यूनिट चालू है। लोड आदि को लेकर तकनीकी मॉनीटरिंग कंट्रोल रूम से की जाती है। इसके बाद वह बाहर आए और गाड़ी में बैठकर सीधे सभा स्थल के लिए रवाना हुए।
72 घंटे तक लगातार चलेगी इकाई, तब घोषित होगी व्यावसायिक
हरदुआगंज तापीय परियोजना विस्तार के तहत स्थापित 660 मेगावाट की नई इकाई 31 दिसंबर से संचालित है। यह इकाई एक महीने तक ट्रायल पर चलेगी। इससे पहले इसकी टेस्टिंग हो चुकी है। खास बात यह है कि यह यूनिट लगातार 72 घंटे तक फुल लोड पर जाती है, तब व्यावसायिक इकाई के लिए आवेदन किया जाएगा। लखनऊ स्थित एसएलडीसी रीडिंग और लोड को चेक करेंगे। इसके बाद ही इस इकाई को व्यावसायिक घोषित किया जाएगा।
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नई इकाई की टेस्टिंग विगत महीनों से की जा चुकी है। लोकार्पण से पहले 660 मेगावाट की नई इकाई 31 दिसंबर से ट्रायल पर है। लोकार्पण के बाद इसे फुल लोड पर डाला गया है। अब लगातार 72 घंटे तक यह इकाई 660 मेगावाट के फुल लोड पर चलेगी तब व्यावसायिक इकाई के लिए आवेदन किया जाएगा। लखनऊ में एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) इसकी रीडिंग व लोड को चेक करेंगे। वह लगातार इकाई की मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं। जैसे ही लगातार 72 घंटे तक इकाई फुल लोड पर बनी रहेगी। वैसे ही इसे व्यावसायिक घोषित कर दिया जाएगा। 72 घंटे फुल लोड पर चलने का मतलब है कि बिजली का उत्पादन 660 मेगावाट होना चाहिए।
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दोपहर 12:36 बजे मुख्यमंत्री सीधे 660 मेगावाट की नई यूनिट परिसर में पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर उनको हेलमेट पहनाया गया, जबकि तेज आवास से बचने के लिए सेफ्टी हेडफोन लगाया। इसके बाद उन्होंने मॉडल देखा। यहां परियोजना के चेयरमैन व एमडी ने उन्हें मॉडल के बारे में जानकारी दी। इसके बाद वह कंट्रोल रूम में निरीक्षण के लिए पहुंचे तो यहां अधिकारियों से पूछा कि यूनिट को कंट्रोल कैसे करते हैं। अधिकारियों ने तकनीकी जानकारी देते हुए उन्हें बताया कि यूनिट चालू है। लोड आदि को लेकर तकनीकी मॉनीटरिंग कंट्रोल रूम से की जाती है। इसके बाद वह बाहर आए और गाड़ी में बैठकर सीधे सभा स्थल के लिए रवाना हुए।
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72 घंटे तक लगातार चलेगी इकाई, तब घोषित होगी व्यावसायिक
हरदुआगंज तापीय परियोजना विस्तार के तहत स्थापित 660 मेगावाट की नई इकाई 31 दिसंबर से संचालित है। यह इकाई एक महीने तक ट्रायल पर चलेगी। इससे पहले इसकी टेस्टिंग हो चुकी है। खास बात यह है कि यह यूनिट लगातार 72 घंटे तक फुल लोड पर जाती है, तब व्यावसायिक इकाई के लिए आवेदन किया जाएगा। लखनऊ स्थित एसएलडीसी रीडिंग और लोड को चेक करेंगे। इसके बाद ही इस इकाई को व्यावसायिक घोषित किया जाएगा।
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नई इकाई की टेस्टिंग विगत महीनों से की जा चुकी है। लोकार्पण से पहले 660 मेगावाट की नई इकाई 31 दिसंबर से ट्रायल पर है। लोकार्पण के बाद इसे फुल लोड पर डाला गया है। अब लगातार 72 घंटे तक यह इकाई 660 मेगावाट के फुल लोड पर चलेगी तब व्यावसायिक इकाई के लिए आवेदन किया जाएगा। लखनऊ में एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) इसकी रीडिंग व लोड को चेक करेंगे। वह लगातार इकाई की मॉनीटरिंग भी कर रहे हैं। जैसे ही लगातार 72 घंटे तक इकाई फुल लोड पर बनी रहेगी। वैसे ही इसे व्यावसायिक घोषित कर दिया जाएगा। 72 घंटे फुल लोड पर चलने का मतलब है कि बिजली का उत्पादन 660 मेगावाट होना चाहिए।