फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Waiting for budget development not getting pace

Aligarh News: बजट का इंतजार, नहीं मिल पा रही विकास को रफ्तार

Sun, 12 Mar 2023 02:04 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Sun, 12 Mar 2023 02:04 AM IST
सार

वर्ष 2020-21 के बजट की तो 384.77 करोड़ की मांग के सापेक्ष 226 करोड़ का ही बजट मिल सका। वर्ष 2021-22 में मांग राशि में परिवर्तन नहीं किया गया, लेकिन बजट सिर्फ 162 करोड़ का ही मिल सका।

विज्ञापन
Waiting for budget development not getting pace
बजट - फोटो : amar ujala

विस्तार

अलीगढ़ के विकास के लिए पिछले तीन सालों से शासन को एक ही धनराशि के बजट की मांग भेजी जा रही है। जिसके सापेक्ष बजट नहीं मिल पा रहा है। आधे-अधूरे बजट के मिलने से विकास कार्यों को पूरी गति से रफ्तार नहीं मिल पा रही है। अगर बात करें वर्ष 2020-21 के बजट की तो 384.77 करोड़ की मांग के सापेक्ष 226 करोड़ का ही बजट मिल सका। वर्ष 2021-22 में मांग राशि में परिवर्तन नहीं किया गया, लेकिन बजट सिर्फ 162 करोड़ का ही मिल सका।

विज्ञापन


इस साल भी जिला योजना में 384. 77 करोड़ रुपये का बजट का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन कई विभागों को तो वेतन एवं जरुरी कामों के बजट को छोड़कर अन्य बजट जारी ही नहीं किया जा सका है। वर्ष 2022 में जिले के 95 विभागों के पास 27.72 अरब का बजट आया था, इसमें से 26.78 अरब का बजट ही खर्च हो सका और करीब 94.10 करोड़ का बजट वापस हुआ था। पिछले साल की तरह इस बार भी बजट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। सबसे अधिक बजट मनरेगा, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वच्छता, विकास कार्यों, रोजगार कार्यक्रम, कृषि, सिंचाई, जल-संसाधन आदि पर खर्च करने का प्रस्ताव था।
विज्ञापन


इसमें 1038 लाख रुपये का बजट मनरेगा योजना, राजकीय नलकूप 5.58 करोड़, निजी नलकूप 5.51 करोड़, ऊर्जा स्रोत के लिए 1.42 करोड़, पीडब्ल्यूडी में 35 करोड़, बेसिक शिक्षा विभाग 6.5 करोड़, माध्यमिक शिक्षा को छह करोड़, प्राथमिक विद्यालय 1.25 करोड़, सीएमओ 11 करोड़ परिवार कल्याण विभाग को तीन करोड़ रुपये का बजट मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्तीय वर्ष समाप्ति को लेकर बढ़ा लेखा-जोखा बंदी का दबाव
जिले के सरकारी दफ्तरों में वित्तीय वर्ष समाप्ती माह को लेकर लेखा- जोखा बंदी का दबाव बढ़ गया है। विभागों को मिले करोड़ों के बजट को खर्च करने को अब 18 दिन शेष बचे हैं। विभागीय अफसर एवं लेखा विभाग से जुड़े कर्मचारी हिसाब- किताब मिलाने के साथ ही बचे बजट को खर्च करने में जुटे हुए हैं। वरिष्ठ जिला कोषाधिकारी महिमा चंद्र ने बताया कि सभी विभागों को अपने खर्च किए बजट का विवरण प्रस्तुत करने को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जिले के करीब 94 विभागों से अंतिम लेखा-जोखा का व्यौरा मांगा जा रहा है।


उन्होंने सभी सरकारी विभागों के कार्यालय अध्यक्षों से ई- पेमेंट के माध्यम से सभी देयकों का भुगतान करा लेने को कहा है। उन्होंने बताया कि सभी विभागों को 31 मार्च की शाम सात बजे तक कोषागार से अपनी वित्तीय स्वीकृतियों का मिलान कर बिल का नियमानुसार भुगतान कराने का अनुरोध किया गया है। मार्च माह के अंतिम दिनों में कोषागार में एक साथ भारी संख्या में बिल आहरण हेतु प्राप्त कराए जाते हैं। इससे बिल पारण में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है ऐसी स्थिति से बचने के लिए समस्त आहरण एवं वितरण का बिंदुवार अनुपालन जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed