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तारिक हत्याकांड में विनय के फरार साथियों ने किया सरेंडर
Thu, 25 Jun 2020 01:14 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Thu, 25 Jun 2020 01:14 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
ऊपरकोट बवाल के दिन बाबरी मंडी के सांप्रदायिक टकराव में जान गवाने वाले मो.तारिक की हत्या में जेल में निरुद्ध भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय के दो साथी भी जेल पहुंच गए। दोनों ने पुलिस दबाव के चलते मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस दौरान न्यायालय ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। अब इस मामले में विवेचना कर रही एसआईटी उन्हें रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी। ताकि साक्ष्यों पर पूछताछ के बाद इन दोनों पर भी चार्जशीट दायर की जा सके।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर ऊपरकोट पर धरना दे रही महिलाओं ने 23 फरवरी को पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इसे लेकर हुए उपद्रव के दौरान ऊपरकोट से सटे बाबरी मंडी में सांप्रदायिक टकराव हो गया था। इस दौरान गोली लगने से हार्डवेयर कारोबारी का बेटा मोहम्मद तारिक घायल हुआ था। इस हमले में तारिक के भाई शारिक ने भाजपा नेता व बूथ अध्यक्ष विनय वार्ष्णेय, सुरेंद्र व त्रिलोकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने विनय को जेल भेज दिया। इन दिनों वह एटा जेल में है। बाद में तारिक की मौत हो गई।
इसके चलते हमले का मुकदमा हत्या में तरमीम किया गया। मगर घटना के बाद से ही नामजद सुरेंद्र व त्रिलोकी फरार थे। इस मामले में विवेचना कर रही एसआईटी स्तर से इनके खिलाफ एनवीडब्ल्यू के साथ-साथ कुर्की की तैयारी शुरू कर दी गई थी। हालांकि वह मुकदमे में पिछले एक पखवाड़े से कोर्ट में सरेंडर करने को प्रयासरत थे।
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मगर पुलिस की निगरानी के चलते नहीं कर पा रहे थे। मंगलवार को वह दोनों न्यायालय में हाजिर हो गए। न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया है। इस मामले में विवेचना कर रही एसआईटी के पर्यवेक्षण अधिकारी डॉ.अरविंद ने बताया कि मामले में विनय पर चार्जशीट लग चुकी है। इन पर चार्जशीट लगाने से पहले इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद इन दोनों पर भी चार्जशीट जल्द लगाई जाएगी।
हमारे मुकदमों में गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही
इस घटना के दौरान त्रिलोकी व सुरेंद्र पक्ष से भी लोग जख्मी हुए थे। उनकी ओर से भी तीन अलग अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इसे लेकर अब आवाज उठने लगी है कि जब हमारे पक्ष के लोगों को जेल भेजा गया या जेल भेजने का दबाव बनाया गया तो हमारे मुकदमे के नामजदों को आज तक जेल क्यों नहीं भेजा गया। इसे लेकर लोगों में पुलिस की कार्यवाही के प्रति नाराजगी है। इसे लेकर किसी भी दिन लोग कोई कदम उठा सकते हैं।
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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर ऊपरकोट पर धरना दे रही महिलाओं ने 23 फरवरी को पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इसे लेकर हुए उपद्रव के दौरान ऊपरकोट से सटे बाबरी मंडी में सांप्रदायिक टकराव हो गया था। इस दौरान गोली लगने से हार्डवेयर कारोबारी का बेटा मोहम्मद तारिक घायल हुआ था। इस हमले में तारिक के भाई शारिक ने भाजपा नेता व बूथ अध्यक्ष विनय वार्ष्णेय, सुरेंद्र व त्रिलोकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने विनय को जेल भेज दिया। इन दिनों वह एटा जेल में है। बाद में तारिक की मौत हो गई।
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इसके चलते हमले का मुकदमा हत्या में तरमीम किया गया। मगर घटना के बाद से ही नामजद सुरेंद्र व त्रिलोकी फरार थे। इस मामले में विवेचना कर रही एसआईटी स्तर से इनके खिलाफ एनवीडब्ल्यू के साथ-साथ कुर्की की तैयारी शुरू कर दी गई थी। हालांकि वह मुकदमे में पिछले एक पखवाड़े से कोर्ट में सरेंडर करने को प्रयासरत थे।
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मगर पुलिस की निगरानी के चलते नहीं कर पा रहे थे। मंगलवार को वह दोनों न्यायालय में हाजिर हो गए। न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया है। इस मामले में विवेचना कर रही एसआईटी के पर्यवेक्षण अधिकारी डॉ.अरविंद ने बताया कि मामले में विनय पर चार्जशीट लग चुकी है। इन पर चार्जशीट लगाने से पहले इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद इन दोनों पर भी चार्जशीट जल्द लगाई जाएगी।
हमारे मुकदमों में गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही
इस घटना के दौरान त्रिलोकी व सुरेंद्र पक्ष से भी लोग जख्मी हुए थे। उनकी ओर से भी तीन अलग अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इसे लेकर अब आवाज उठने लगी है कि जब हमारे पक्ष के लोगों को जेल भेजा गया या जेल भेजने का दबाव बनाया गया तो हमारे मुकदमे के नामजदों को आज तक जेल क्यों नहीं भेजा गया। इसे लेकर लोगों में पुलिस की कार्यवाही के प्रति नाराजगी है। इसे लेकर किसी भी दिन लोग कोई कदम उठा सकते हैं।