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Aligarh News: दिल्ली से फोन का इंतजार कर रहीं कुलपति
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डक पॉन्ड पर प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : samvad
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर बीते 16 दिन से छात्र यासिर फहद भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हैरत की बात ये है कि वीसी लॉज से महज तीन सौ मीटर दूर डक पॉन्ड पर बैठे यासिर से कुलपति मिलने तक नहीं गईं। वहीं, छात्रसंघ चुनाव की तारीख भी घोषित नहीं की जा रही है। सवाल ये उठ रहा है कि क्या कुलपति प्रो. नईमा खातून दिल्ली से फोन आने इंतजार कर रहीं हैं।
पिछले दिनों डक पॉन्ड पर पहुंचे पूर्व छात्र हमजा मसूद भी चुनाव न होने को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यह एएमयू न होकर आरएसएस का मुख्यालय हो गया है, इसलिए चुनाव की तारीख घोषित नहीं की जा रही है।
बोलना बंद... 10 किलो वजन कम
यासिर फहद की सेहत लगातार गिरती जा रही है। उन्होंने बोलना बंद कर दिया है, जबकि 10 किलो वजन भी कम हो गया है।
मंगलवार को उनकी हालत इतनी कमजोर नजर आई कि साथियों ने उन्हें आवाज देकर बात करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सिर्फ आंखें खोलीं और कोई जवाब नहीं दिया। छात्रों का कहना है कि वह काफी देर तक बोलने की स्थिति में नहीं रहे। उन्हें करवट बदलने में भी परेशानी हो रही है।
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कई बार उनकी हालत ऐसी हुई कि वह बेहोशी जैसी स्थिति में पहुंच गए। लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने की नौबत आ सकती है। भूख हड़ताल के दौरान उनका करीब 10 किलो वजन कम होने का दावा किया जा रहा है। 21 सितंबर को यासिर का वजन 67 किलो था। जो अब 57 किलो है।
उर्दू विभाग के गेट पर छात्रों ने जड़ा ताला
छात्र यासिर फहद के समर्थन में मंगलवार को उर्दू विभाग के छात्र-छात्राओं ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। छात्रों ने गेट पर कक्षाओं के बहिष्कार का नोटिस चस्पा कर पढ़ाई का बहिष्कार किया। मुख्य गेट बंद होने से शिक्षकों को पीछे के दरवाजे से विभाग में प्रवेश करना पड़ा।
कुलपति खुद छात्रों के बीच जाएं : प्रो. राशिद
आईसीईएससीओ गुडविल एबेंसडर प्रो. राशिद साज ने एएमयू छात्र संघ चुनाव समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रही भूख हड़ताल को लेकर कुलपति प्रो. नईमा खातून से गतिरोध खत्म कराने की अपील की है। कुलपति को लिखे पत्र में कहा गया कि छात्र यासिर फहद की सेहत लगातार प्रभावित हो रही है। हाल में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने भी कुलपति से मुलाकात की थी, लेकिन छात्रों की समझ के अनुसार अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। लगातार बने गतिरोध पर चिंता जताते हुए शिक्षक ने कहा कि पहल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से होनी चाहिए, क्योंकि उसके पास छात्रों की तुलना में अधिक विकल्प और जिम्मेदारी है।
छात्र आंदोलन को मिला जेएनयू छात्रसंघ का समर्थन
जेएनयू छात्रसंघ की संयुक्त सचिव दानिश अली ने एएमयू के छात्र आंदोलन को जेएनयू छात्रसंघ का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव होना चाहिए, क्यों कि यह विद्यार्थियों का अधिकार है। पिछले आठ साल से चुनाव नहीं हो रहा है, जो यूनिवर्सिटी प्रशासन की हठधर्मिता को दर्शाता है। प्रॉक्टर का भी इस्तीफा होना चाहिए। यूनिवर्सिटी प्रशासन चुनाव न कराने के लिए सारे हथकंडे अपना रहा है।
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पिछले दिनों डक पॉन्ड पर पहुंचे पूर्व छात्र हमजा मसूद भी चुनाव न होने को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यह एएमयू न होकर आरएसएस का मुख्यालय हो गया है, इसलिए चुनाव की तारीख घोषित नहीं की जा रही है।
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बोलना बंद... 10 किलो वजन कम
यासिर फहद की सेहत लगातार गिरती जा रही है। उन्होंने बोलना बंद कर दिया है, जबकि 10 किलो वजन भी कम हो गया है।
मंगलवार को उनकी हालत इतनी कमजोर नजर आई कि साथियों ने उन्हें आवाज देकर बात करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने सिर्फ आंखें खोलीं और कोई जवाब नहीं दिया। छात्रों का कहना है कि वह काफी देर तक बोलने की स्थिति में नहीं रहे। उन्हें करवट बदलने में भी परेशानी हो रही है।
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कई बार उनकी हालत ऐसी हुई कि वह बेहोशी जैसी स्थिति में पहुंच गए। लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने की नौबत आ सकती है। भूख हड़ताल के दौरान उनका करीब 10 किलो वजन कम होने का दावा किया जा रहा है। 21 सितंबर को यासिर का वजन 67 किलो था। जो अब 57 किलो है।
उर्दू विभाग के गेट पर छात्रों ने जड़ा ताला
छात्र यासिर फहद के समर्थन में मंगलवार को उर्दू विभाग के छात्र-छात्राओं ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। छात्रों ने गेट पर कक्षाओं के बहिष्कार का नोटिस चस्पा कर पढ़ाई का बहिष्कार किया। मुख्य गेट बंद होने से शिक्षकों को पीछे के दरवाजे से विभाग में प्रवेश करना पड़ा।
कुलपति खुद छात्रों के बीच जाएं : प्रो. राशिद
आईसीईएससीओ गुडविल एबेंसडर प्रो. राशिद साज ने एएमयू छात्र संघ चुनाव समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रही भूख हड़ताल को लेकर कुलपति प्रो. नईमा खातून से गतिरोध खत्म कराने की अपील की है। कुलपति को लिखे पत्र में कहा गया कि छात्र यासिर फहद की सेहत लगातार प्रभावित हो रही है। हाल में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने भी कुलपति से मुलाकात की थी, लेकिन छात्रों की समझ के अनुसार अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। लगातार बने गतिरोध पर चिंता जताते हुए शिक्षक ने कहा कि पहल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से होनी चाहिए, क्योंकि उसके पास छात्रों की तुलना में अधिक विकल्प और जिम्मेदारी है।
छात्र आंदोलन को मिला जेएनयू छात्रसंघ का समर्थन
जेएनयू छात्रसंघ की संयुक्त सचिव दानिश अली ने एएमयू के छात्र आंदोलन को जेएनयू छात्रसंघ का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव होना चाहिए, क्यों कि यह विद्यार्थियों का अधिकार है। पिछले आठ साल से चुनाव नहीं हो रहा है, जो यूनिवर्सिटी प्रशासन की हठधर्मिता को दर्शाता है। प्रॉक्टर का भी इस्तीफा होना चाहिए। यूनिवर्सिटी प्रशासन चुनाव न कराने के लिए सारे हथकंडे अपना रहा है।