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Aligarh News: बदली 319 ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी, अलीगढ़ के टप्पल में लिखी जा रही आत्मनिर्भरता की नई कहानी
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मसाला यूनिट में काम करती महिला स्रोत स्वयं
30 लाख रुपये से स्थापित एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट बनी महिलाओं की आय का जरिया, हर महीने ढाई से तीन लाख रुपये के दाल-मसालों की बिक्री
69 उन्नति दीदी और 250 सहायक दीदी मिलकर चला रहीं कारोबार, नोएडा और गौतमबुद्ध नगर तक पहुंच रहे टप्पल के उत्पाद
अलीगढ़। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाओं के हाथों में आज सिर्फ घर की जिम्मेदारियां नहीं, बल्कि उद्यम और आत्मनिर्भरता की कमान भी है। अलीगढ़ के टप्पल में योगी सरकार की उन्नति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में इसी बदलाव की कहानी लिख रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू हुई इस पहल से 319 ग्रामीण महिलाएं जुड़कर दाल और मसाला उत्पादन के जरिए अपने परिवार और समाज की तस्वीर बदल रही हैं।खैर तहसील की ग्राम पंचायत टप्पल में मानपुर रोड पर चंद्रलोक स्कूल के पास वर्ष 2023 में 30 लाख रुपये की लागत से उन्नति एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की गई। इस यूनिट से जुड़ी महिलाओं ने घरेलू कामकाज तक सीमित रहने के बजाय उत्पादन और कारोबार की जिम्मेदारी संभाली है। इनमें 69 उन्नति दीदी और 250 सहायक दीदी शामिल हैं।
घर की जिम्मेदारियों से कारोबार संभालने तक का सफर
उन्नति एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का मंच दिया है। यहां महिलाएं दाल और मसालों के उत्पादन से लेकर उनकी बिक्री तक की प्रक्रिया में जुड़ी हैं। इससे उन्हें नियमित आय का अवसर मिला है और समूह की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।यह बदलाव सिर्फ आमदनी तक सीमित नहीं है। यूनिट से जुड़ी महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब वे परिवार की जरूरतों में आर्थिक सहयोग करने के साथ अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर भी पहले से अधिक सक्षम हो रही हैं।
चना-अरहर दाल से हल्दी-मिर्च तक, तैयार हो रहे कई उत्पाद
उन्नति एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट में चना दाल, अरहर दाल, बेसन, लाल मिर्च, हल्दी और धनिया पाउडर का उत्पादन किया जा रहा है। उत्पादों को शुद्धता और गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाता है, जिससे बाजार में इनकी मांग बनी हुई है। यूनिट में हर महीने करीब 10 क्विंटल उत्पादन होता है, जिसमें से लगभग 8 से 9 क्विंटल उत्पादों की बिक्री हो जाती है। हर महीने करीब ढाई से तीन लाख रुपये के दाल और मसालों की बिक्री हो रही है। इससे महिलाओं को नियमित आय मिलने के साथ समूह की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
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टप्पल से नोएडा तक पहुंच रही महिलाओं की मेहनत
उन्नति एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट में तैयार उत्पादों का बाजार अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़ चुका है। यूनिट की हेड रितु शर्मा के अनुसार, टप्पल में तैयार होने वाले उत्पाद अलीगढ़ के टप्पल, खैर, गभाना और शहर के बाजारों में पहुंचने के साथ नोएडा और गौतमबुद्ध नगर जैसे बड़े जिलों में भी सप्लाई किए जा रहे हैं। उत्पादों की शुद्धता के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, जिससे महिलाओं के इस कारोबार को नए बाजार भी मिल रहे हैं।
आमदनी के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
यूनिट की हेड रितु शर्मा ने बताया कि यूनिट शुरू होने के बाद ग्रामीण महिलाओं में न सिर्फ आर्थिक आत्मनिर्भरता आई है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ा है। अब वे खुद फैसले ले रही हैं और अपने बच्चों की शिक्षा व परिवार की जरूरतों में सहयोग कर रही हैं।
टप्पल की यह पहल दिखाती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठित मंच, उत्पादन का अवसर और बाजार मिलता है, तो वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ खुद भी उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ सकती हैं। योगी सरकार की उन्नति दीदी योजना से जुड़ी ये 319 महिलाएं इसी बदलाव की तस्वीर पेश कर रही हैं।
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69 उन्नति दीदी और 250 सहायक दीदी मिलकर चला रहीं कारोबार, नोएडा और गौतमबुद्ध नगर तक पहुंच रहे टप्पल के उत्पाद
अलीगढ़। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली महिलाओं के हाथों में आज सिर्फ घर की जिम्मेदारियां नहीं, बल्कि उद्यम और आत्मनिर्भरता की कमान भी है। अलीगढ़ के टप्पल में योगी सरकार की उन्नति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में इसी बदलाव की कहानी लिख रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू हुई इस पहल से 319 ग्रामीण महिलाएं जुड़कर दाल और मसाला उत्पादन के जरिए अपने परिवार और समाज की तस्वीर बदल रही हैं।खैर तहसील की ग्राम पंचायत टप्पल में मानपुर रोड पर चंद्रलोक स्कूल के पास वर्ष 2023 में 30 लाख रुपये की लागत से उन्नति एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की गई। इस यूनिट से जुड़ी महिलाओं ने घरेलू कामकाज तक सीमित रहने के बजाय उत्पादन और कारोबार की जिम्मेदारी संभाली है। इनमें 69 उन्नति दीदी और 250 सहायक दीदी शामिल हैं।
घर की जिम्मेदारियों से कारोबार संभालने तक का सफर
उन्नति एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का मंच दिया है। यहां महिलाएं दाल और मसालों के उत्पादन से लेकर उनकी बिक्री तक की प्रक्रिया में जुड़ी हैं। इससे उन्हें नियमित आय का अवसर मिला है और समूह की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।यह बदलाव सिर्फ आमदनी तक सीमित नहीं है। यूनिट से जुड़ी महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब वे परिवार की जरूरतों में आर्थिक सहयोग करने के साथ अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर भी पहले से अधिक सक्षम हो रही हैं।
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चना-अरहर दाल से हल्दी-मिर्च तक, तैयार हो रहे कई उत्पाद
उन्नति एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट में चना दाल, अरहर दाल, बेसन, लाल मिर्च, हल्दी और धनिया पाउडर का उत्पादन किया जा रहा है। उत्पादों को शुद्धता और गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाता है, जिससे बाजार में इनकी मांग बनी हुई है। यूनिट में हर महीने करीब 10 क्विंटल उत्पादन होता है, जिसमें से लगभग 8 से 9 क्विंटल उत्पादों की बिक्री हो जाती है। हर महीने करीब ढाई से तीन लाख रुपये के दाल और मसालों की बिक्री हो रही है। इससे महिलाओं को नियमित आय मिलने के साथ समूह की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
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टप्पल से नोएडा तक पहुंच रही महिलाओं की मेहनत
उन्नति एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट में तैयार उत्पादों का बाजार अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़ चुका है। यूनिट की हेड रितु शर्मा के अनुसार, टप्पल में तैयार होने वाले उत्पाद अलीगढ़ के टप्पल, खैर, गभाना और शहर के बाजारों में पहुंचने के साथ नोएडा और गौतमबुद्ध नगर जैसे बड़े जिलों में भी सप्लाई किए जा रहे हैं। उत्पादों की शुद्धता के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, जिससे महिलाओं के इस कारोबार को नए बाजार भी मिल रहे हैं।
आमदनी के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
यूनिट की हेड रितु शर्मा ने बताया कि यूनिट शुरू होने के बाद ग्रामीण महिलाओं में न सिर्फ आर्थिक आत्मनिर्भरता आई है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ा है। अब वे खुद फैसले ले रही हैं और अपने बच्चों की शिक्षा व परिवार की जरूरतों में सहयोग कर रही हैं।
टप्पल की यह पहल दिखाती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठित मंच, उत्पादन का अवसर और बाजार मिलता है, तो वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ खुद भी उद्यमिता की राह पर आगे बढ़ सकती हैं। योगी सरकार की उन्नति दीदी योजना से जुड़ी ये 319 महिलाएं इसी बदलाव की तस्वीर पेश कर रही हैं।