अलीगढ़: वाल्मीकि समाज पर टिप्पणी से भड़का आक्रोश, हुई महापंचायत, हिरासत में लिए लोगों को छोड़ने की मांग
अलीगढ़ में क्षत्रिय समाज के नेता सचिन राघव के साथ बुधवार को हुई मारपीट और वाल्मीकि समाज पर कथित टिप्पणी को लेकर रविवार को शीशियापाड़ा में वाल्मीकि समाज की महापंचायत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हिरासत में लिए गए युवकों की रिहाई व निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
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महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि समाज के लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाते हुए मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें तत्काल छोड़ा जाए।
हरियाणा के रोहतक से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर योगी बेनीवाल ने कहा कि यदि वाल्मीकि समाज के लोगों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को सड़क तक ले जाया जाएगा। योगी बेनीवाल ने हाथरस की बिटिया हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस मामले में भी परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के संविधान व सम्मान की लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने सरकार से मांग की कि जातिवाद का विष घोलने वालों का अच्छे से इलाज करे, नहीं तो हम उनका इलाज करना जानते हैं। महापंचायत के दौरान पुलिस-प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई और पकड़े गए लोगों को छोड़ने की मांग प्रमुखता से उठी। रोहतक से आए करन वाल्मीकि ने समाज पर टिप्पणी के बाद से ही भूख हड़ताल कर रहे अंगद वाल्मीकि आजाद की मांग को जायज बताते हुए कहा कि अभद्र टिप्पणी करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि वे देश को बचाने व भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आगे आए हैं, लेकिन गलत बातें बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस तरह उन्हें अलीगढ़ आने से रोकने के लिए पुलिस ने नाकेबंदी की है उससे साफ है कि सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने मांग उठाई कि मनुवादियों को पुलिस 24 घंटे में गिरफ्तार करें। उन्होंने कहा कि न्याय नहीं मिला तो बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। महापंचायत के दौरान एसपी सिटी आदित्य बंसल, एएसपी सृष्टि जैन, सीओ सिविल लाइंस सर्वम सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
30-35 गाडियों के काफिले से पहुंचे अनुसूचित जाति के नेता
दलित नेता 30-35 गाडियों के काफिले के साथ पहुंचे थे। पुलिस को सोशल मीडिया से इसकी जानकारी हुई तो सुबह से ही गभाना टोल प्लाजा के साथ ही शहर में वाहनों की पुलिस ने चेकिंग शुरू करा दी। हालांकि अनुसूचित जाति के नेता पुलिस को चकमा देते हुए बाइक से शीशियापाड़ा की महापंचायत में पहुंचने में सफल रहे और सभा को संबोधित किया।
शहर में सांप्रदायिक माहाैल न बिगड़े इसके लिए अनुसूचित जाति के नेताओं को रोका गया था। फिर उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे युवक से बातचीत करने व शांतिपूर्वक बातचीत करने का आश्वासन दिया तो उन्हें पंचायत में जाने दिया गया।-आदित्य बंसल, एसपी सिटी