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ड्राई रनः करीब आधे घंटे पहले पहुंच गए स्वास्थ्यकर्मी, नहीं दिखा तनाव
Wed, 06 Jan 2021 01:41 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2021 01:41 AM IST
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नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर में लाभार्थी को टीका लगाती एएनएम।
- फोटो : अमर उजाला
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जमालपुर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ड्राई रन आराम से निपट गया। यहां पर किसी भी तरह की अफरातफरी नहीं दिखी। स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 9 बजे की जगह 8.30 बजे ही चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टॉफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, एएएनएम से लेकर सफाई कर्मचारी तक पहुंच गए थे। जिसको जो जिम्मेदारी दी गई थी, उसने वह काम शुरू कर दिया। पांच घंटे तक चले ड्राई रन के दौरान कर्मचारियों में किसी तरह का तनाव नहीं दिखा।
करीब 10.30 बजे जमालपुर हमदर्दनगर डी की आशा हेमलता बेबी को पहला टीका (सांकेतिक) लगा। दोपहर 2 बजे तक निर्धारित 25 में से 24 लोगों को टीका लगाया गया। इसी केंद्र पर तैनात डॉ. शादाब अनवर अभी मेडिकल लीव पर हैं। उनको छोड़कर सभी लोग टीका लगवाने पहुंचे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार सुबह से केंद्र पर डटे थे।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आफरीन जेहरा ड्राई रन के दौरान प्रवेश द्वार से लेकर निगरानी कक्ष तक दौड़-भाग करती रहीं। हालांकि, सभी लोगों को यह पता था कि यह ड्राई रन (रिहर्सल) है और इसमें किसी तरह का रिस्क नहीं है। इसलिए किसी के मन में कोई भय नहीं था। कर्मचारी तनावमुक्त थे। इसका एक कारण यह भी था कि सभी लाभार्थी और स्वास्थ्यकर्मी एक-दूसरे से परिचित थे।
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केंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के अतिरिक्त आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी टीकाकरण के लिए बुलाया गया था। करीब एक घंटे तक बिजली गुल होने से जरूर थोड़ी-बहुत परेशानी हुई। एसीएम प्रथम अंजुम बी एवं सीओ ने केंद्र का निरीक्षण किया। ड्राई रन के दौरान पुलिसकर्मी तैनात रहे।
ड्राई रन में ऐसे हुआ टीकाकरण
स्वास्थ्य केंद्र के प्रवेश द्वार पर स्वास्थ्य कर्मी लाभार्थी के हाथों को सैनिटाइज करने के बाद शरीर का तापमान लेता था। गेट पर ही पुलिसकर्मी निशा तैनात थीं। सुरक्षाकर्मी निशा सूची में नाम का मिलान एवं आईडी देखने के बाद लाभार्थी को आगे भेज रही थीं। फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लुबिया खातून सूची का सत्यापन कर प्रतीक्षा कक्ष में लाभार्थी को बैठा देती थीं। नंबर आने पर लाभार्थी को टीकाकरण कक्ष में बुलाया जाता था। वहां पर एएनएम निहा खान मोबाइल एप की सूची से लाभार्थी के नाम का मिलान कर रही थीं।
टीकाकरण कार्ड बनाने के साथ ही मोबाइल पर जानकारी अपलोड कर रही थीं। इसके बाद लाभार्थी एएनएम पंकज कुमारी के पास जाता था। कार्ड देखने के बाद वह लाभार्थी के बाएं हाथ में टीका (सांकेतिक) लगाती थीं। टीकाकरण के बाद निहा खान मोबाइल पर टीकाकरण की सूचना अपलोड कर देती थीं। वहीं, पंकज कुमारी लाभार्थी को जानकारी दे रही थीं कि किसी तरह की दिक्कत होने पर किसे फोन करना है, मास्क एवं दो गज की दूरी का ध्यान रखना है। टीका लगने के बाद लाभार्थी को निगरानी कक्ष में भेज दिया जाता था। वहां पर लाभार्थी पर 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता था। इस दौरान उन्हें टीकाकरण एवं 28 दिन बाद फिर आने की जानकारी दी जा रही थी। यह भी बताया गया कि अगले टीके का मैसेज उनके पंजीकृत मोबाइल पर आएगा।
हेमलता की तबियत बिगड़ी ...
केंद्र पर सबसे पहले हेमलता बेबी को टीका लगा। पूछा गया कि किसी तरह की दिक्कत तो नहीं है। उन्होंने कहा कि मन घबरा रहा है। तबियत ठीक नहीं लग रही है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश तुरंत पहुंचे। हेमलता को निगरानी कक्ष में बेड पर लिटाया गया। बीपी 130/70 एवं पल्स 90 था। कुछ देर बाद हेमलता मुस्कुराते हुए बोली अब ठीक हूं। कोई दिक्कत नहीं है। (यह भी रिहर्सल का एक हिस्सा था।)
आपात स्थिति में तंग रास्ते से कैसे निकलेगी एंबुलेंस
जमालपुर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र नाले के समीप है, नाले की बदबू आपको परेशान कर सकती है। केंद्र तक पहुंचने के लिए जाम में फंसना पड़ सकता है। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण है। आपात स्थिति में किसी मरीज को बड़े अस्पताल में पहुंचाने के दौरान जाम में फंसने की आशंका से इंकार नहीं कर सकते। करीब 45 हजार से अधिक की आबादी पर यह सरकारी अस्पताल है। ड्राई रन के दौरान एक घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। इनवर्टर नहीं होता तो केंद्र पर अंधेरा पसर जाता। बिजल गुल होने से कम रोशनी में स्वास्थ्यकर्मी काम कर रहे थे।
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करीब 10.30 बजे जमालपुर हमदर्दनगर डी की आशा हेमलता बेबी को पहला टीका (सांकेतिक) लगा। दोपहर 2 बजे तक निर्धारित 25 में से 24 लोगों को टीका लगाया गया। इसी केंद्र पर तैनात डॉ. शादाब अनवर अभी मेडिकल लीव पर हैं। उनको छोड़कर सभी लोग टीका लगवाने पहुंचे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार सुबह से केंद्र पर डटे थे।
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प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आफरीन जेहरा ड्राई रन के दौरान प्रवेश द्वार से लेकर निगरानी कक्ष तक दौड़-भाग करती रहीं। हालांकि, सभी लोगों को यह पता था कि यह ड्राई रन (रिहर्सल) है और इसमें किसी तरह का रिस्क नहीं है। इसलिए किसी के मन में कोई भय नहीं था। कर्मचारी तनावमुक्त थे। इसका एक कारण यह भी था कि सभी लाभार्थी और स्वास्थ्यकर्मी एक-दूसरे से परिचित थे।
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केंद्र पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के अतिरिक्त आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी टीकाकरण के लिए बुलाया गया था। करीब एक घंटे तक बिजली गुल होने से जरूर थोड़ी-बहुत परेशानी हुई। एसीएम प्रथम अंजुम बी एवं सीओ ने केंद्र का निरीक्षण किया। ड्राई रन के दौरान पुलिसकर्मी तैनात रहे।
ड्राई रन में ऐसे हुआ टीकाकरण
स्वास्थ्य केंद्र के प्रवेश द्वार पर स्वास्थ्य कर्मी लाभार्थी के हाथों को सैनिटाइज करने के बाद शरीर का तापमान लेता था। गेट पर ही पुलिसकर्मी निशा तैनात थीं। सुरक्षाकर्मी निशा सूची में नाम का मिलान एवं आईडी देखने के बाद लाभार्थी को आगे भेज रही थीं। फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लुबिया खातून सूची का सत्यापन कर प्रतीक्षा कक्ष में लाभार्थी को बैठा देती थीं। नंबर आने पर लाभार्थी को टीकाकरण कक्ष में बुलाया जाता था। वहां पर एएनएम निहा खान मोबाइल एप की सूची से लाभार्थी के नाम का मिलान कर रही थीं।
टीकाकरण कार्ड बनाने के साथ ही मोबाइल पर जानकारी अपलोड कर रही थीं। इसके बाद लाभार्थी एएनएम पंकज कुमारी के पास जाता था। कार्ड देखने के बाद वह लाभार्थी के बाएं हाथ में टीका (सांकेतिक) लगाती थीं। टीकाकरण के बाद निहा खान मोबाइल पर टीकाकरण की सूचना अपलोड कर देती थीं। वहीं, पंकज कुमारी लाभार्थी को जानकारी दे रही थीं कि किसी तरह की दिक्कत होने पर किसे फोन करना है, मास्क एवं दो गज की दूरी का ध्यान रखना है। टीका लगने के बाद लाभार्थी को निगरानी कक्ष में भेज दिया जाता था। वहां पर लाभार्थी पर 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाता था। इस दौरान उन्हें टीकाकरण एवं 28 दिन बाद फिर आने की जानकारी दी जा रही थी। यह भी बताया गया कि अगले टीके का मैसेज उनके पंजीकृत मोबाइल पर आएगा।
हेमलता की तबियत बिगड़ी ...
केंद्र पर सबसे पहले हेमलता बेबी को टीका लगा। पूछा गया कि किसी तरह की दिक्कत तो नहीं है। उन्होंने कहा कि मन घबरा रहा है। तबियत ठीक नहीं लग रही है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश तुरंत पहुंचे। हेमलता को निगरानी कक्ष में बेड पर लिटाया गया। बीपी 130/70 एवं पल्स 90 था। कुछ देर बाद हेमलता मुस्कुराते हुए बोली अब ठीक हूं। कोई दिक्कत नहीं है। (यह भी रिहर्सल का एक हिस्सा था।)
आपात स्थिति में तंग रास्ते से कैसे निकलेगी एंबुलेंस
जमालपुर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र नाले के समीप है, नाले की बदबू आपको परेशान कर सकती है। केंद्र तक पहुंचने के लिए जाम में फंसना पड़ सकता है। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण है। आपात स्थिति में किसी मरीज को बड़े अस्पताल में पहुंचाने के दौरान जाम में फंसने की आशंका से इंकार नहीं कर सकते। करीब 45 हजार से अधिक की आबादी पर यह सरकारी अस्पताल है। ड्राई रन के दौरान एक घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। इनवर्टर नहीं होता तो केंद्र पर अंधेरा पसर जाता। बिजल गुल होने से कम रोशनी में स्वास्थ्यकर्मी काम कर रहे थे।