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अलीगढ़ः टीका लगवाने आए लोगों को कर्मियों ने लौटाया
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में टीका लगवाने के लिए लगी लाइन।
- फोटो : CITY OFFICE
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एक तरफ सरकार का कहना है कि केंद्रों पर 10 बजे रात तक टीका लगवाया जाएगा तो वहीं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में लोगों को चार बजे से ही लौटाया जा रहा है। मंगलवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दीनदयाल अस्पताल में कोवाक्सिन टीका लगवाने आए लोगों को स्वास्थ्य कर्मी यह कहकर लौटाने लगे कि 20 से कम लोग हैं इसलिए अब नई शीशी नहीं खुलेगी। कल आकर टीका लगवाएं। टीका लगवाने आए लोगों ने इसका विरोध भी किया परंतु कर्मियों ने कहा कि ऊपर से ऐसा ही आदेश है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय स्थित केंद्र पर मंगलवार को छह लोग बिना टीका लगवाएं लौट गए क्योंकि स्वास्थ्यकर्मी 18 से 20 आदमी के पहुंचने के बाद ही कोवाक्सिन टीका लगाने की बात कह रहे थे। कर्मियों का कहना है कि छह आदमी को टीका लगाने पर 14 डोज की बर्बादी होगी। इसलिए जब 18-20 लोग होंगे तभी नई शीशी खुलेगी। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि सुबह 10 से शाम 4 बजे के बीच ही टीका लगाने का समय है। इस पर टीका लगवाने पहुंचे लोगों की कर्मियों से काफी बहस भी हुई। कुछ लोगों का कहना था कि वे कई किलोमीटर दूर से आएं हैं लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने नई वायल खोलकर लोगों को टीका नहीं लगाया।
- कोवाक्सिन की 20 एवं कोविशील्ड के 10 डोज की शीशी है। अंतिम समय में कम से कम 18 लोगों के पहुंचने के बाद ही कोवाक्सिन की शीशी का उपयोग किया जाता है। बचने पर डोज बर्बाद हो जाती है। ऊपर से सख्त आदेश है कि डोज बर्बाद नहीं होना चाहिए। ऐसी स्थिति आने पर हमलोग लाभार्थियों से आग्रह करते हैं कि अगले दिन आकर टीका लगवा लें। - गीता डे, वैक्सीनेटर
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- इस समय में पूरे प्रदेश में कोवाक्सिन की बीस डोज की शीशी आ रही है। 15-17 वर्ष के किशोर के साथ ही सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रथम एवं सेकेंड डोज दिया जा रहा है। सोमवार से स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को एहतियात डोज भी लगना शुरू हो गया है। - डॉ. एसके उपाध्याय, एडी हेल्थ
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय स्थित केंद्र पर मंगलवार को छह लोग बिना टीका लगवाएं लौट गए क्योंकि स्वास्थ्यकर्मी 18 से 20 आदमी के पहुंचने के बाद ही कोवाक्सिन टीका लगाने की बात कह रहे थे। कर्मियों का कहना है कि छह आदमी को टीका लगाने पर 14 डोज की बर्बादी होगी। इसलिए जब 18-20 लोग होंगे तभी नई शीशी खुलेगी। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि सुबह 10 से शाम 4 बजे के बीच ही टीका लगाने का समय है। इस पर टीका लगवाने पहुंचे लोगों की कर्मियों से काफी बहस भी हुई। कुछ लोगों का कहना था कि वे कई किलोमीटर दूर से आएं हैं लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने नई वायल खोलकर लोगों को टीका नहीं लगाया।
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- कोवाक्सिन की 20 एवं कोविशील्ड के 10 डोज की शीशी है। अंतिम समय में कम से कम 18 लोगों के पहुंचने के बाद ही कोवाक्सिन की शीशी का उपयोग किया जाता है। बचने पर डोज बर्बाद हो जाती है। ऊपर से सख्त आदेश है कि डोज बर्बाद नहीं होना चाहिए। ऐसी स्थिति आने पर हमलोग लाभार्थियों से आग्रह करते हैं कि अगले दिन आकर टीका लगवा लें। - गीता डे, वैक्सीनेटर
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- इस समय में पूरे प्रदेश में कोवाक्सिन की बीस डोज की शीशी आ रही है। 15-17 वर्ष के किशोर के साथ ही सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रथम एवं सेकेंड डोज दिया जा रहा है। सोमवार से स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को एहतियात डोज भी लगना शुरू हो गया है। - डॉ. एसके उपाध्याय, एडी हेल्थ