फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Unique initiative: Flooding will be banyan tree mother earth will be gaggad

अनूठी पहल ः फूलेगा फलेगा बरगद तो धरती माता होगी गदगद

Tue, 23 Apr 2019 01:22 AM IST
RAJESH SINGH राजेश सिंह
Updated Tue, 23 Apr 2019 01:22 AM IST
विज्ञापन
Unique initiative: Flooding will be banyan tree mother earth will be gaggad
अमर उजाला द्वारा पृथ्वी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते सुबोध नंदन शर्मा - फोटो : Rupesh
नगर निगम के जवाहर भवन परिसर में जिला निर्वाचन कार्यालय के ठीक सामने दशकों से गर्व से खड़े वट वृक्ष को नगर निगम के सहयोग से अमर उजाला ने आगामी पांच वर्ष की देखरेख के लिए गोद ले लिया है। ट्री ऑफ लाइफ के बैनरतले अब यहां अलग अलग मौके पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
विज्ञापन


वट वृक्ष को कोई भी नुकसान पहुंचाए बगैर प्राकृतिक उपायों से परिंदों के घोंसलों से सजाया जाएगा। वर्तमान में इस वृक्ष पर 17 अलग अलग प्रजातियों के परिंदे आते हैं, जिसमें सुरीली कोयल, तोता, गौरैया, कौवों की तादाद सर्वाधिक है। इस वृक्ष की छांव से एक हजार गज का एरिया भीषण गरमी में भी तकरीबन सात डिग्री तक ठंडा रहता है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी नोएडा इस अभियान में पार्टनर है।
विज्ञापन


विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर नगर निगम के सहयोग से अमर उजाला का ‘ट्री ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम यहां सोमवार दोपहर संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि मेयर मो. फुरकान ने कहा कि ये बेहद सराहनीय पहल है। इससे हम नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से मिलाते हैं। पीपल, बरगद, नीम आदि महत्वपूर्ण पेड़ों का वैज्ञानिक, औषधीय, सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक पहलू बताते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर ये नहीं हुआ तो नई पीढ़ी इन वृक्षों का महत्व नहीं समझ पाएगी। एएमयू के भूगोल विभाग के सेवानिवृत्त डीन प्रो. सलाहउद्दीन कुरैशी ने बताया कि जल में ब्ल्यू व्हेल, डायनासोर के बाद जमीन पर हाथी और वनस्पति में बरगद का पेड़ ही सबसे विशाल माना जाता है। हमें वक्त रहते इसका महत्व समझना होगा नहीं तो हाथ मलते रह जाएंगे। पर्यावरण विद सुबोध नंदन शर्मा ने कहा कि इस पेड़ की जटाओं से नये पेड़ बनते हैं और पूरी कालोनी बस जाती है।

इसलिए ये पेड़ाें की दुनिया के बुजुर्ग भी कहलाते हैं। कोलकाता के जगदीश चंद्र बोस बोटेनिकल गार्डन में ऐसे ही बरगद की जटाओं से अब तकरीबन सौ नये पेड़ बन चुके हैं। जिसे देश विदेश के पर्यटक देखने आते हैं। हमें भी अलीगढ़ में ऐसी मिसाल बनानी चाहिए।

खैर के गांव जरारा के उन्नतशील किसान अभिनव गोस्वामी ने बताया कि वह अमेरिका से उच्च पदस्थ जॉब छोड़ कर अपने पैतृक गांव में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। अब तक 40 बरगद, 30 पीपल और दस पेड़ पिलखुन और नीम के लगा चुके हैं, सभी जीवित हैं। इनको सुरक्षित कर परिंदों, कीटों और पूरे ईको तंत्र को बचाया जा सकता है।

पुरातन छात्र समिति के प्रदीप के गुप्त ने और उड़ान सोसायटी के ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि अंधी दौड़ में हम कई पशुओं और वनस्पतियों की प्रजातियों को खो चुके हैं, अब हमें सजग होना पड़ेगा। दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश बाबू गुप्ता, सचिव अनूप कौशिक ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हम वापस अपनी जमीन से जुड़ते हैं।

मदर्स टच की प्रिंसिपल आरती मित्तल ने कहा कि उनके स्कूल में एक कार्यक्रम के दौरान एक पेड़ को पूरा का पूरा जमीन से उठा कर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया और वो अभी तक जीवित है। 

कार्यक्रम समाजसेवी सुरेंद्र शर्मा, अंकुर पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ममता शर्मा, रेंज हिल्स पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल विमलेश सिंह, विश्व भारती पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता सिंह, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल के वीके चौधरी, पाठशाला क्लासेज के अमर वार्ष्णेय, अशोक शर्मा, भाजपा प्रवक्ता डॉ.निशित, मृत्युंजय शर्मा, सेवानिवृत्त सीओ एसपी वार्ष्णेय, नगर निगम के एहसान रब, प्रो. लियाकत राव, पार्षद विजय तोमर, पार्षद पुष्पेंद्र जादौन भी मौजूद रहे। 

गांव कनोबी का वट वृक्ष भी मिसाल बन रहा
 गंगीरी कासगंज रोड पर स्थित गांव कनोबी के बाहर हंसी का नगला मार्ग पर तकरीबन चार सौ वर्ष पुराना वट वृक्ष है। जिसकी जटाएं जमीन में धंस कर चार नये बरगदों में तब्दील हो चुके हैं, जो बुजुर्ग बरगद का कंधा बन रहे हैं। ये वृक्ष पास की मस्जिद की नींव से जुड़ा है।


अमर उजाला के ट्री ऑफ लाइफ कार्यक्रम में आए उक्त गांव के बुजुर्ग जमाल अहमद ने इसका जिक्र किया, डेढ़ घंटे बाद ही अमर उजाला टीम ने गांव पहुंच कर वहां लोगों से इसको संरक्षित रखने के महत्व बताए। मौके पर गांव के अजीम खां, निसार खां, नबी मोहम्मद, नूर इस्लाम, प्रधान छोटे सिंह लोधी की मानें तो चार पीढ़ियों से वह इस पेड़ के बाबत बुजुर्गों से सुनते आ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed