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एएमयू राष्ट्र की बहुमूल्य धरोहर, जेएन मेडिकल कॉलेज संकट के समय आशा की किरण हैः डॉ. निशंक
Fri, 28 Aug 2020 07:12 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 28 Aug 2020 07:12 PM IST
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक
- फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का जेएन मेडिकल कॉलेज एक ऐसे समय में आशा की किरण पैदा कर रहा है, जब देश कोविड-19 के संकट से जूझ रहा है। यह बात केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कही। बृहस्पतिवार को वह जेएन मेडिकल कॉलेज के परीक्षा केन्द्र का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन कर रहे थे, जो दो करोड़ रुपये की सरकारी सहायता से निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम में एएमयू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आज भी यह राष्ट्र प्रेम का भाव पैदा करता है। एएमयू की शैक्षणिक उत्कृष्टता उसे एक बहुमूल्य राष्ट्र धरोहर साबित करती है।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खान हिंदू-मुस्लिम एकता के समर्थक थे और उन्होंने अपने पूरे जीवन में एकता एवं भाईचारे का संदेश दिया। शिक्षा के सिलसिले में उनका दृष्टिकोण सभी को साथ लेकर चलने का था। उन्होंने आम भारतीयों की समस्याओं का निराकरण करने का भरपूर प्रयास किया तथा अज्ञानता को दूर करने की मुहिम प्रारंभ की। यह बहुत संतुष्टि की बात है कि एएमयू के शताब्दी वर्ष में उनके सपने साकार हो रहे हैं। डा. निशंक ने कहा ‘मैं कोविड-19 के कारण नकारात्मक परिस्थितियों के बावजूद लगातार सकारात्मक बदलाव के साथ प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एएमयू कुलपति को मुबारकबाद देता हूं’। कोविड-19 के कारण पूरी दुनिया में हालात बिगड़े हैं, उसके बावजूद विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में सरकार इस बात के लिए दृढ़ संकल्पित है कि हमारे शिक्षा केन्द्रों और छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
विश्वविद्यालय के शिक्षक कोरोना योद्धा हैं
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा ‘मुझे विश्वास है कि यह विश्वविद्यालय आगे बढ़ेगा, नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल विश्वविद्यालय बनकर उभरेगा जो ज्ञान, विज्ञान तथा तकनीकी आविष्कारों का केन्द्र होगा’। विश्वविद्यालय के शिक्षक कोरोना योद्धा हैं, जो इन कठिन परिस्थितियों में भी युवाओं को शिक्षा के विजन से जोड़े रखने में सहायता कर रहे हैं।
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शिक्षा केन्द्र के उद्घाटन के साथ जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज की एक पुरानी समस्या हल हो गई है और मुझे विश्वास है कि इस संस्थान के मेडिकल छात्र बुलंदियों पर पहुंचेंगे और राष्ट्र को गौरान्वित करेंगे। जेएनएमसी और एएमयू में यह क्षमता है कि वह भारत को नई शिक्षा नीति के अनुसार ग्लोबल नॉलेज सुपर पॉवर बनाने के हमारे सपनों को साकार कर सकें, जिसका उद्देश्य देश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा को सुनिश्चित करना है।
निशंक ने देश को दी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति : कुलपति
आनलाइन समारोह में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने डा. रमेश पोखरियाल की साहित्यिक सेवाओं का उल्लेख किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व को सराहा। उन्होंने कहा कि ‘वह एक प्रतिष्ठित लेखक हैं और उनकी पुस्तकों का अंग्रेजी और विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ है। साहित्य के प्रेमियों तथा आलोचकों के लिए उनकी पुस्तकें उच्च स्तर की हैं’। प्रो. मंसूर ने कहा कि डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने देश को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति दी है, जिसे पूरी दुनिया में सराहा गया है और जो भारत में शिक्षा का भविष्य बेहतर करेगी। कुलपति ने बल देते हुए कहा कि जेएनएमसी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जेएनएमसी में उच्च स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हैं, फिर भी यहां एक परीक्षा केन्द्र की आवश्यकता थी, जिसका आज उद्घाटन होने से हम अवश्य रूप से देश की प्रगति में अपनी और बेहतर भूमिका निभा सकेंगे। वहीं, रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को शताब्दी वर्ष के तहत होने वाली गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन डा. फायजा अब्बासी ने किया।
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केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खान हिंदू-मुस्लिम एकता के समर्थक थे और उन्होंने अपने पूरे जीवन में एकता एवं भाईचारे का संदेश दिया। शिक्षा के सिलसिले में उनका दृष्टिकोण सभी को साथ लेकर चलने का था। उन्होंने आम भारतीयों की समस्याओं का निराकरण करने का भरपूर प्रयास किया तथा अज्ञानता को दूर करने की मुहिम प्रारंभ की। यह बहुत संतुष्टि की बात है कि एएमयू के शताब्दी वर्ष में उनके सपने साकार हो रहे हैं। डा. निशंक ने कहा ‘मैं कोविड-19 के कारण नकारात्मक परिस्थितियों के बावजूद लगातार सकारात्मक बदलाव के साथ प्रगति सुनिश्चित करने के लिए एएमयू कुलपति को मुबारकबाद देता हूं’। कोविड-19 के कारण पूरी दुनिया में हालात बिगड़े हैं, उसके बावजूद विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में सरकार इस बात के लिए दृढ़ संकल्पित है कि हमारे शिक्षा केन्द्रों और छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
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विश्वविद्यालय के शिक्षक कोरोना योद्धा हैं
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा ‘मुझे विश्वास है कि यह विश्वविद्यालय आगे बढ़ेगा, नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल विश्वविद्यालय बनकर उभरेगा जो ज्ञान, विज्ञान तथा तकनीकी आविष्कारों का केन्द्र होगा’। विश्वविद्यालय के शिक्षक कोरोना योद्धा हैं, जो इन कठिन परिस्थितियों में भी युवाओं को शिक्षा के विजन से जोड़े रखने में सहायता कर रहे हैं।
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शिक्षा केन्द्र के उद्घाटन के साथ जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज की एक पुरानी समस्या हल हो गई है और मुझे विश्वास है कि इस संस्थान के मेडिकल छात्र बुलंदियों पर पहुंचेंगे और राष्ट्र को गौरान्वित करेंगे। जेएनएमसी और एएमयू में यह क्षमता है कि वह भारत को नई शिक्षा नीति के अनुसार ग्लोबल नॉलेज सुपर पॉवर बनाने के हमारे सपनों को साकार कर सकें, जिसका उद्देश्य देश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा को सुनिश्चित करना है।
निशंक ने देश को दी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति : कुलपति
आनलाइन समारोह में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने डा. रमेश पोखरियाल की साहित्यिक सेवाओं का उल्लेख किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व को सराहा। उन्होंने कहा कि ‘वह एक प्रतिष्ठित लेखक हैं और उनकी पुस्तकों का अंग्रेजी और विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ है। साहित्य के प्रेमियों तथा आलोचकों के लिए उनकी पुस्तकें उच्च स्तर की हैं’। प्रो. मंसूर ने कहा कि डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने देश को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति दी है, जिसे पूरी दुनिया में सराहा गया है और जो भारत में शिक्षा का भविष्य बेहतर करेगी। कुलपति ने बल देते हुए कहा कि जेएनएमसी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जेएनएमसी में उच्च स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हैं, फिर भी यहां एक परीक्षा केन्द्र की आवश्यकता थी, जिसका आज उद्घाटन होने से हम अवश्य रूप से देश की प्रगति में अपनी और बेहतर भूमिका निभा सकेंगे। वहीं, रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को शताब्दी वर्ष के तहत होने वाली गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन डा. फायजा अब्बासी ने किया।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा “मुझे विश्वास है कि यह विश्वविद्यालय आगे बढ़ेगा, नई ऊॅचाईयों पर पहुॅचेगा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल विश्वविद्यालय बनकर उभरेगा जो ज्ञान, विज्ञान तथा तकनीकी अविष्कारों का केन्द्र होगा“।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी के शिक्षक कोरोना योद्धा हैं जो इन कठिन परिस्थितियेां में भी युवाओं को शिक्षा के विज़न से जोड़े रखने में सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केन्द्र के उद्घाटन के साथ जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज की एक पुरानी समस्या हल हो गई है और मुझे विश्वास है कि इस संस्थान के मेडीकल छात्र बुलंदियों पर पहुॅचेगें और राष्ट्र को गौरान्वित करेंगे।
जेएनएमसी और एएमयू में यह क्षमता है वह भारत को नई शिक्षा नीति के अनुसार ग्लोबल नॉलिज सुपर पावर बनाने के हमारे सपनों को साकार कर सकें जिसका उद्देश्य देश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा को सुनिश्चत करना है।
आनलाइन समारोह में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने डा. रमेश पोखरियाल की साहित्यक सेवाओं का उल्लेख किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व को सराहा। उन्होंने कहा कि “वह एक प्रतिष्ठित लेखक हैं और उनकी पुस्तकों का अंग्रेजी और विभिन्न भारतीय भाषााओं में अनुवाद हुआ है। साहित्य के प्रेमियों तथा आलोचकों के लिए उनकी पुस्तकें उच्च स्तर की हैं“।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी के शिक्षक कोरोना योद्धा हैं जो इन कठिन परिस्थितियेां में भी युवाओं को शिक्षा के विज़न से जोड़े रखने में सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केन्द्र के उद्घाटन के साथ जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज की एक पुरानी समस्या हल हो गई है और मुझे विश्वास है कि इस संस्थान के मेडीकल छात्र बुलंदियों पर पहुॅचेगें और राष्ट्र को गौरान्वित करेंगे।
जेएनएमसी और एएमयू में यह क्षमता है वह भारत को नई शिक्षा नीति के अनुसार ग्लोबल नॉलिज सुपर पावर बनाने के हमारे सपनों को साकार कर सकें जिसका उद्देश्य देश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा को सुनिश्चत करना है।
आनलाइन समारोह में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने डा. रमेश पोखरियाल की साहित्यक सेवाओं का उल्लेख किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व को सराहा। उन्होंने कहा कि “वह एक प्रतिष्ठित लेखक हैं और उनकी पुस्तकों का अंग्रेजी और विभिन्न भारतीय भाषााओं में अनुवाद हुआ है। साहित्य के प्रेमियों तथा आलोचकों के लिए उनकी पुस्तकें उच्च स्तर की हैं“।
प्रो. मंसूर ने कहा कि डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने देश को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति दी है जिसे पूरी दुनियां में सराहा गया है और जो भारत में शिक्षा का भविष्य बेहतर करेगी।
कुलपति ने बल देते हुए कहा कि जेएनएमसी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है
जेएनएमसी में उच्च स्तर की सुविधायें उपलब्ध हैं फिर भी यहाॅ एक परीक्षा केन्द्र की आवश्यकता थी जिसका आज उद्घाटन होने से हम अवश्य रूप से देश की प्रगति में अपनी और बेहतर भूमिका निभा सकेंगे। रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को शताब्दी वर्ष के तहत होने वाली गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन डा. फायजा अब्बासी ने किया।
कुलपति ने बल देते हुए कहा कि जेएनएमसी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है
जेएनएमसी में उच्च स्तर की सुविधायें उपलब्ध हैं फिर भी यहाॅ एक परीक्षा केन्द्र की आवश्यकता थी जिसका आज उद्घाटन होने से हम अवश्य रूप से देश की प्रगति में अपनी और बेहतर भूमिका निभा सकेंगे। रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को शताब्दी वर्ष के तहत होने वाली गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन डा. फायजा अब्बासी ने किया।