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जमीन के अंदर बिछेगी बिजली की लाइन
अलीगढ़
Updated Thu, 17 Dec 2015 01:53 AM IST
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अलीगढ़। आंधी तूफान में बिजली के तार टूट जाते हैं। बरसात में खंभों में करंट उतर आता है। दुर्घटनाएं होती हैं। खुले तारों पर कटिया डाली जाती हैं। इन सब स्थितियों से बचने के लिए अब बिजली विभाग पूरे शहर में अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम कर रहा है।
इसके लिए मुख्य अभियंता ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि एक एजेंसी को हायर कर उससे सर्वे कराकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवा लें। यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। इस रिपोर्ट पर प्रमुख सचिव विकास और प्रमुख सचिव ऊर्जा को विचार करना है। इसके बाद यह मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए भेज दी जाएगी।
मुख्य अभियंता बीएस गंगवार कहते हैं कि मार्च 2016 तक अंडर ग्राउंड केबल के लिए काम शुरू हो जाने की उम्मीद है। खंभे और तारों के मुकाबले यह 25 फीसदी महंगा जरूर है। लेकिन इससे शहरी क्षेत्र में ही करीब 10 करोड़ रुपये प्रति माह विभाग को अतिरिक्त मिलने लगेंगे। इससे दुर्घटना होने की संभावना बेहद कम हो जाती है। चोरी रुकेगी। आंधी तूफान, बारिश आदि में बिजली की आपूर्ति बाधित नहीं होगी। जो पैसा अंडर ग्राउंड केबल को बिछाने में खर्च होगा। वह साढ़े तीन साल में वसूल हो जाएगा।
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इसके लिए मुख्य अभियंता ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि एक एजेंसी को हायर कर उससे सर्वे कराकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवा लें। यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। इस रिपोर्ट पर प्रमुख सचिव विकास और प्रमुख सचिव ऊर्जा को विचार करना है। इसके बाद यह मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए भेज दी जाएगी।
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मुख्य अभियंता बीएस गंगवार कहते हैं कि मार्च 2016 तक अंडर ग्राउंड केबल के लिए काम शुरू हो जाने की उम्मीद है। खंभे और तारों के मुकाबले यह 25 फीसदी महंगा जरूर है। लेकिन इससे शहरी क्षेत्र में ही करीब 10 करोड़ रुपये प्रति माह विभाग को अतिरिक्त मिलने लगेंगे। इससे दुर्घटना होने की संभावना बेहद कम हो जाती है। चोरी रुकेगी। आंधी तूफान, बारिश आदि में बिजली की आपूर्ति बाधित नहीं होगी। जो पैसा अंडर ग्राउंड केबल को बिछाने में खर्च होगा। वह साढ़े तीन साल में वसूल हो जाएगा।
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