सड़क हादसा: बेकाबू कार ट्रक से टकराई, अलीगढ़ के तीन युवकों सहित चार की मौत, दो घायल, मौत से जूझ रहे जीजा-साले
जैत थाना क्षेत्र में हाईवे पर शुक्रवार रात हुए हादसे की जानकारी पुलिस को करीब आधा घंटे बाद मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिली कार में शव फंसे थे, घायल दर्द से कराह रहे थे। जिस वाहन में कार तेज रफ्तार में घुसी थी, उसका कोई पता नहीं चला।
विस्तार
मथुरा-दिल्ली हाईवे पर जैत थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक हादसे में चार युवकों की मौत हो गई। अलीगढ़ के पांच युवक कार से कोकिलावन स्थित शनिदेव मंदिर में दर्शन को आ रहे थे। तेज रफ्तार कार ने पहले ट्रक चालक को रौंदा और बाद में किसी बड़े वाहन में घुस गई। इससे कार सवार तीन युवकों की मौत हो गई और दो लोग घायल हैं। पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिए। मृतकों में तीन युवक अलीगढ़ के और बिहार निवासी एक ट्रक चालक शामिल हैं।
निशित बंसल (27) पुत्र स्वः अरुण कुमार बंसल निवासी सारसौल, आलोक दयाल (30) पुत्र सोनी सुनील दयाल निवासी चर्च कंपाउंड बन्नादेवी, आकाश तोमर (26) पुत्र देव प्रकाश तोमर निवासी गोविंदपुर क्वार्सी बंबा, कमल वर्मा (29) पुत्र कुलदीप वर्मा निवासी इगलास और विशाल वर्मा (31) पुत्र अनिल कुमार वर्मा निवासी साईं विहार बन्नादेवी कार से शुक्रवार रात नौ बजे मथुरा के कोकिलावन स्थित शनिदेव मंदिर में दर्शन के लिए निकले थे। रात करीब एक बजे जैत थाना क्षेत्र के दिल्ली-मथुरा हाईवे पर चौधरी ढाबा के सामने अपना ट्रक खड़ा कर जा रहे चालक अजीत कुमार (30) पुत्र भोलाशाह निवासी सोनोठ, अमनौर, छपरा, बिहार को कार ने रौंद दिया।
इसके बाद कार अनियंत्रित होकर किसी बड़े वाहन में जा घुसी। इससे अजीत कुमार के अलावा कार सवार निशित बंसल, आलोक दयाल और आकाश तोमर की मौत हो गई। पुलिस ने कार से शवों को निकाला और घायल विशाल व उसके साले कमल वर्मा को गंभीर स्थिति में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। कार से शराब की एक बोतल भी बरामद हुई। शुक्रवार दोपहर सभी शव पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिए। एसपी सिटी मार्तंड प्रताप सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कार किस वाहन में घुसी थी। इसकी जांच व वाहन की तलाश जारी है।
घायलों की चीख से टूटा अंधेरे में पसरा सन्नाटा
जैत थाना क्षेत्र में हाईवे पर शुक्रवार रात हुए हादसे की जानकारी पुलिस को करीब आधा घंटे बाद मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिली कार में शव फंसे थे, घायल दर्द से कराह रहे थे। जिस वाहन में कार तेज रफ्तार में घुसी थी, उसका कोई पता नहीं चला। शनिवार को दिनभर छानबीन होने के बाद भी पता नहीं लग पाया है कि कार किसी ट्रक में घुसी या बस में। घटनास्थल के आस-पास कोई सीसीटीवी भी नहीं लगा है।
अंधेरी रात में करीब एक बजे हुए हादसे में घायलों की चीख ने सन्नाटे को चीर दिया। पास ही स्थित ढाबे पर मौजूद कुछ लोग और ट्रक चालक धमाका सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़े। सबसे पहले उन्होंने कार सवारों को देखा। इसके बाद आसपास घटनास्थल से 15 मीटर की दूरी पर झाड़ियों में ट्रक चालक अजीत का शव मिला। इसी बीच अंधेरे का फायदा उठाकर, जिस वाहन में कार घुसी थी। उसका चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घायलों की जान बचाने की अफरा-तफरी में इस बात पर किसी ने गौर नहीं किया। पुलिस ने पूछताछ की तो सभी एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। कार की स्थिति देख पुलिस अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी ट्रक या डंपर/ट्रेलर के पिछले हिस्से में घुसी होगी।
हादसे ने छीन लिया परिवार का इकलौता चिराग
हादसे में जान गंवाने वाला आलोक दयाल इकलौता पुत्र था। परिवार में उसकी एक बहन है। आलोक के पिता सोनी दयाल ने बताया कि बेटे की शादी नहीं हुई थी। वह एटा चुंगी स्थित चित्रगुप्त अस्पताल में ओटी इंचार्ज के तौर पर काम करता था। दोस्तों के कहने पर उनके साथ मथुरा आ गया था।
दो साल पहले हुई थी आकाश की शादी
आकाश की शादी दो साल पहले ही प्रियंका से हुई थी। वह मजदूर परिवार से था और हादसे के समय कार चला रहा था। बताया जा रहा है कि आकाश पहले ड्राइवर था। कुछ समय से ताला फैक्टरी में काम करने लगा था। दो भाइयों में दूसरे नंबर के आकाश की मौत पर परिवार में मातम पसर गया। मां विमलेश देवी, भाई विष्णु गौतम और पिता देव प्रकाश तोमर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
टूट गया बेटे की शादी का ख्वाब
निशित बंसल के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में मां बीना और दो भाई हैं। चचेरा भाई शरद बंसल उप्र कांग्रेस के आउटरीच सेल के चेयरमैन हैं। निशित की उम्र 27 साल है। वह अपने भाइयों के साथ ढाबे का काम संभालता था। परिवार वाले उसके लिए रिश्ता तलाश रहे थे, लेकिन हादसे ने उसके सिर पर सेहरा सजाने का सपना पल भर में तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक अजीत के शव का पोस्टमार्टम परिवार वालों के आने पर होगा। शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। हालांकि हादसे की सूचना पर ट्रक चालक के कुछ साथी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे। अन्य मृतकों के परिवार वाले भी वहीं थे, इस दौरान माहौल गमगीन था। अपने युवा बच्चों के शवों को देख परिवार वाले बिलख उठे। पोस्टमार्टम हाउस चीत्कार से गूंज उठा।
तो क्या शराब पीकर चला रहे थे कार...
पुलिस को कार से शराब की बोतल बरामद हुई है। इधर, परिवारीजनों ने बताया कि वे सभी लोग शुक्रवार रात नौ बजे अलीगढ़ से मथुरा के लिए चले थे। ऐसे में पुलिस अंदाजा लगा रही है कि रात नौ बजे के बाद इन लोगों ने कहीं शराब खरीदी और उसका सेवन किया, जिससे इनको समय लगा। पोस्टमार्टम के दौरान मृतकों के शरीर में शराब की मात्रा पाई गई है।
हाईवे पर यमदूत बन रहे सड़क किनारे खड़े ट्रक
हाईवे पर सड़क किनारे खड़े ट्रक वाहन चालकों के लिए यमदूत साबित हो रहे हैं। यह पहला हादसा नहीं है, जब कोई वाहन सड़क किनारे खड़े किसी दूसरे वाहन में घुसा हो और लोगों की जान गई हो। इससे पहले भी ऐसे अनगिनत हादसे हुए हैं। इसके बाद भी पुलिस और हाईवे की पेट्रोलिंग टीम सतर्क नहीं हो रही है। हाईवे किनारे ढाबों के पास सड़क किनारे बड़े वाहन एक कतार में खड़े हो जाते हैं। इससे मार्ग की एक लेन पूरी तरह से घिर जाती है। ढाबा संचालकों की इसमें पुलिस व पेट्रोलिंग टीम से मिलीभगत रहती है।
मौत से जूझ रहे जीजा-साले
विशाल वर्मा और उसका साला कमल वर्मा गंभीर घायल हैं, दोनों अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। उनके परिवार वाले सुबह ही अस्पताल पहुंच गए। घायलों की हालत देख वे सिसक उठे। विशाल वर्मा अलीगढ़ से ही कार में सवार हुआ था। रास्ते में इगलास से उसने अपने साले कमल वर्मा को साथ ले लिया था।
मान लेते बात तो बच जाती तान
आलोक के परिवार वालों ने बताया कि उनका बेटा कोकिलावन जाने के लिए मना कर रहा था, लेकिन अन्य दोस्तों ने उसकी बात नहीं मानी। दोस्तों की जिद पर वह भी उनके साथ निकल पड़ा। काश उसके दोस्त बात मान लेते तो उसकी जान न जाती।