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Aligarh News: कुटटू के अधिक सेवन से दो सफाईकर्मियों की मौत, एक की हालत गंभीर

Thu, 09 Mar 2023 10:21 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 09 Mar 2023 10:21 PM IST
सार

शहर में अस्थमा के प्रयोग में अल्कोहल से बनने वाली दवा टिंचर-जिंजर कुट्टू के रूप में बेचा जाता है, जिसे नशे के लिए भी लोग धड़ल्ले से प्रयोग करते हैं। दो सफाई कर्मियों की अधिक कुट्टू सेवन से मौत हो गई और एक की हालत गंभीर है।

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Two sweepers died due to excessive consumption of Kuttu condition of one critical
शव प्रतीकात्मक - फोटो : Social Media

विस्तार

अलीगढ़ महानगर के हाथरस अड्डा इलाके में बृहस्पतिवार को संदिग्ध हालत में कुटटू के अधिक सेवन से दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है। जिसका एक नर्सिंग होम में उपचार चल रहा है। इधर, इसे लेकर समाज व परिवारों में कोहराम मच गया और बिना पुलिस कार्यवाही या पोस्टमार्टम के दोनों शवों का शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इनकी मौत को लेकर कुट्टू (टिंचर-जिंजर नामक अस्थमा की दवा) के अत्यधिक सेवन की बात सामने आ रही है।

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हुआ यूं कि शहर में अस्थमा के प्रयोग में अल्कोहल से बनने वाली दवा टिंचर-जिंजर कुट्टू के रूप में बेचा जाता है, जिसे नशे के लिए भी लोग धड़ल्ले से प्रयोग करते हैं। परिवार व साथ काम करने वालों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह कृष्णापुरी मठिया के संविदा सफाईकर्मी 25 वर्षीय संजीव, 24 वर्षीय मोनू व आकाश घर से काम पर निकले। इस दौरान उन्होंने करीब नौ बजे हाथरस अड्डा की एक टिंचर जिंजर बिक्री की दुकान से कुट्टू की शीशी खरीदकर पी ली। इसके कुछ देर बाद इनकी हालत बिगड़ी और वहां काम कर रहे अन्य सफाईकर्मी व एक फल विक्रेता तीनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां कुछ देर में संजीव व मोनू को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं तीसरे की हालत नाजुक होने पर उसे नर्सिंग होम में भरती कराया गया। 
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इधर, इस सूचना पर कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन, सपा नेता प्रशांत वाल्मीकि, बिल्लू चौहान, संदेश राज, नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी आदि तमाम लोग व समाज के नेता पहुंच गए। इस दौरान नेताओं की ओर से पुलिस को सूचना देकर पोस्टमार्टम का तर्क रखा गया। मगर परिवार इस पर सहमत नहीं हुआ। समाज के वरिष्ठ नेता श्यौराज जीवन व सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी के अनुसार परिवार की इच्छा के अनुसार बिना पुलिस को बताए व बिना पोस्टमार्टम के लिए दोनों शवों का शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों ने बताया कि मौत कुट्टू अधिक पीने से होना ही सामने आया है।
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इस मामले में पुलिस को सूचना नहीं दी गई। शाम को पुलिस को अंतिम संस्कार के समय इस घटना की जानकारी मिली है। अब सच जानने के लिए सीसीटीवी दिखवाए जा रहे हैं और जांच की जा रही है। जो उपचाराधीन है, उसको भी सही होने का इंतजार है। उसके बाद ही साफ होगा कि मौत की सही वजह क्या रही। -कुलदीप सिंह गुणावत, एसपी सिटी

दोनों घरों में मचा कोराम, एक की पत्नी गर्भवती

होली के अगले ही दिन कृष्णापुरी में दो मौत की खबर पर जहां शोक पसर गया। वहीं परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। इनमें से मोनू की पत्नी गर्भवती है। उसकी मां रेलवे में कर्मचारी है, जबकि आकाश का भाई नगर निगम में कर्मचारी है।

अंतिम संस्कार के बाद कुट्टू के साथ शराब की भी चर्चा
दोनों सफाईकर्मियों की मौत कैसे हुई, यह सच तो अस्पताल में भरती आकाश ही बता पाएगा। नशे में वह इतना जरूर बता रहा है कि कूड़े के ढेर से उठाकर एक शीशी से कुछ पिया। वह शराब की शीशी थी। मगर उसकी इस बात को अभी सही नहीं माना जा रहा, क्योंकि उसकी हालत ठीक नहीं है। वहीं इलाके में हाथरस अड्डे की दुकान से कुट्टू खरीदकर पीने की चर्चा जोरों पर है। 

मगर सवाल है कि अगर कुट्टू पीने से मौत हुई है या कूड़े के ढेर से कोई शीशी उठाकर पी है तो यह कहां से आई। कुट्टू इस तरह बिना पर्चे के खुलेआम कैसे बिक रहा है। इस विषय में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। वहीं जिला आबकारी अधिकारी सतीश कुमार इस पूरे मामले में पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। वे कह रहे हैं कि यह कुट्टू का नहीं, शराब में कुछ मिलाकर पीने का मामला है। अगर उनकी बात सही मानी तो फिर बिना पोस्टमार्टम के इस सच को सामने नहीं लाया जा सकता।

आखिर कुट्टू पर क्यों नहीं कसा शिकंजा
कुट्टू बेशक ड्रग लाइसेंस पर बिकने का प्रावधान है और नियम के अनुसार डॉक्टर के पर्चे पर ही इसे दिया जा सकता है। इसका पूरा लेखा जोखा रखना होता है। मगर अपने शहर में इसे बिक्रेता परचून उत्पाद की तरह बेचते हैं। इस पर शिकंजा, निगरानी आदि का प्रावधान आबकारी व ड्रग विभाग की है। मगर इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता।
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