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अलीगढ़ः मतदान में दो दिन शेष...अब बूथ प्रबंधन पर जोर
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डॉ विवेक सारस्वत । भाजपा महानगर अध्यक्ष
- फोटो : CITY OFFICE
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मतदान में अब महज दो दिन शेष हैं। ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों के स्तर से अपने बूथ प्रबंधन का काम शुरू हो गया है। कुछ दलों ने बूथ प्रभारियों तक बस्ते पहुंचा दिए हैं तो कुछ दल मंगलवार से यह काम शुरू करेंगे। बस्ते में बूथ की वोटर लिस्ट से लेकर अन्य कई तरह की महत्वपूर्ण सामग्री दी जा रही है। बूथ प्रभारियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी टीम की मदद से मतदाताओं को बूथ तक भिजवाएं और समझाकर अपने पक्ष में मतदान कराएं। कुल मिलाकर किसी भी तरह से बूथ पर मतदान के दिन गड़बड़ी न हो, इस तरह के प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
जिले में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का प्रचार अंतिम दौर में है। मंगलवार शाम पांच बजे प्रचार थम जाएगा। सभी दल व प्रत्याशी मतदान के दिन के लिए बूथ प्रबंधन में जुट गए हैं। उनका बूथ किसी भी तरह से कमजोर न हो, इस बात की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत कुछ बूथ प्रभारियों तक बस्ते पहुंच गए हैं। बिस्तर लगाने की व्यवस्था हो गई है। कुछ जगह इस काम को मंगलवार को पूरा किया जाएगा। बूथ स्तर के पदाधिकारियों की बैठकें कर उन्हें जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं। कुल मिलाकर मतदान के दिन कहीं भी हम कमतर न रहें, इस बात का प्रयास हर दल व प्रत्याशी के स्तर से किया जा रहा है।
- हर बूथ जीतेगा यूथ के नारे के तहत प्रत्येक बूथ पर 10 युवाओं की टीम पहले से तैयार है। उस टीम को बस्ते पहुंचाने से लेकर बिस्तर लगाने तक का जिम्मा है। इस टीम के अलावा हर बूथ पर वरिष्ठ लोग भी मौजूद रहेंगे। सभी तैयारी पूरी है। - कालीचरण सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष
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- हमारी तैयारी पूरी है। कुछ जगह बस्ते पहुंच गए हैं। कुछ जगह पहुंचाए जा रहे हैं। बूथ कमेटियों का प्रबंधन पहले से तय कर दिया गया है। हर बूथ पर बूथ की टीम के अलावा इलाके के वरिष्ठ लोगों को भी रहना होगा। हर स्तर की तैयारी है। - गिरीश यादव, सपा जिलाध्यक्ष
- एक बूथ 21 यूथ की टीम का नारा पहले से है। इसमें बूथ अध्यक्ष व उसकी टीम शामिल है। सेक्टर टीम, वार्ड टीम, मंडल टीम, जिला टीम अलग से सक्रिय है। पन्ना प्रमुख भी हर बूथ पर शामिल हैं। कुल मिलाकर सभी तैयारी पूरी है। - विवेक सारस्वत, भाजपा महानगर अध्यक्ष
- एक बूथ पर दस लोगों की टीम की ड्यूटी है। ये टीम पहले से बनी हुई है। पांच लोग बिस्तर पर बैठकर काम संभालेंगे, जबकि पांच लोग वोटरों को घर से निकालकर मतदान स्थल तक लाने का काम करेंगे। बस्ते पहुंचना शुरू हो गए हैं। सभी तैयारी पूरी है। - संतोष सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
बस्ते में इस बार शामिल हुआ सैनिटाइजर और फेस मास्क
गांव सुखरावली के रहने वाले डीएस कॉलेज के बीए एलएलबी छात्र ऋषभ सिंह उर्फ मनी चौधरी बूथ बस्ता बनाने में माहिर हो गए हैं। वे 21 वर्ष की उम्र में पांचवीं बार किसी चुनाव के लिए बस्ते बना रहे हैं। पहला मौका है, जब इस बार बस्ते में सैनिटाइजर व फेस मास्क शामिल किया गया है।
वे बताते हैं कि पहली बार 2015 के चुनाव में उनके परिवार के व्यक्ति जिला पंचायत का चुनाव लड़े। उन्होंने बस्ते बनाने का काम मनी से कराया। पहले मनी ने बाजार आकर जानकारी की। फिर तय किया कि बस्ते में क्या-क्या रखा जाएगा। उसे कैसे पैक किया जाएगा। वे उसी बार इस काम में माहिर हो गए। इसके बाद जब भी चुनाव होता है तो उन्हें कहीं न कहीं से कोई न कोई इस काम के लिए खोज लेता है। इसका वे मेहनताना नहीं लेते हैं। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और फिर इस बार के जिला पंचायत चुनाव में भी बस्ते बनाए। अब पांचवीं बार वे बस्ते बना रहे हैं।
ये होती है सामग्री
ऋषभ के अनुसार, कपड़े के बैग बाजार से तैयार कराए जाते हैं, जिसमें बूथ की वोटर लिस्ट की दो से तीन प्रतियां, बाजार से प्रिंट कराकर लाई गईं बूथ के सभी मतदाताओं की पर्चियां रखी जाती हैं। करीब 100-150 खाली मतदाता पर्चियां इस जरूरत के लिए भी रखी जाती हैं कि कोई नाम भूला हुआ रह न जाए। इसके अलावा एक बूथ पर एजेंट बनने के लिए प्रत्याशी के हस्ताक्षर व मोहर युक्त एजेंट फार्म, ईवीएम पर लगी प्रत्याशी लिस्ट के प्रारूप की करीब 50 प्रतियां मतदाता को समझाने के लिए, प्रचार सामग्री के रूप में झंडे, बैनर, बिल्ले व बैनर, सैनिटाइजर, मास्क रखा जा रहा है। पेन, सादा कागज व कार्बन किसी भी शिकायत की जरूरत के लिए रखा जा रहा है। बूथ पर बिस्तर लगाने का जिम्मा विधानसभा क्षेत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर टीमों को है। टीमें बूथ पर लगे बिस्तर की टीम को भोजन आदि भी पहुंचाएंगी।
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जिले में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का प्रचार अंतिम दौर में है। मंगलवार शाम पांच बजे प्रचार थम जाएगा। सभी दल व प्रत्याशी मतदान के दिन के लिए बूथ प्रबंधन में जुट गए हैं। उनका बूथ किसी भी तरह से कमजोर न हो, इस बात की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत कुछ बूथ प्रभारियों तक बस्ते पहुंच गए हैं। बिस्तर लगाने की व्यवस्था हो गई है। कुछ जगह इस काम को मंगलवार को पूरा किया जाएगा। बूथ स्तर के पदाधिकारियों की बैठकें कर उन्हें जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं। कुल मिलाकर मतदान के दिन कहीं भी हम कमतर न रहें, इस बात का प्रयास हर दल व प्रत्याशी के स्तर से किया जा रहा है।
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- हर बूथ जीतेगा यूथ के नारे के तहत प्रत्येक बूथ पर 10 युवाओं की टीम पहले से तैयार है। उस टीम को बस्ते पहुंचाने से लेकर बिस्तर लगाने तक का जिम्मा है। इस टीम के अलावा हर बूथ पर वरिष्ठ लोग भी मौजूद रहेंगे। सभी तैयारी पूरी है। - कालीचरण सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष
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- हमारी तैयारी पूरी है। कुछ जगह बस्ते पहुंच गए हैं। कुछ जगह पहुंचाए जा रहे हैं। बूथ कमेटियों का प्रबंधन पहले से तय कर दिया गया है। हर बूथ पर बूथ की टीम के अलावा इलाके के वरिष्ठ लोगों को भी रहना होगा। हर स्तर की तैयारी है। - गिरीश यादव, सपा जिलाध्यक्ष
- एक बूथ 21 यूथ की टीम का नारा पहले से है। इसमें बूथ अध्यक्ष व उसकी टीम शामिल है। सेक्टर टीम, वार्ड टीम, मंडल टीम, जिला टीम अलग से सक्रिय है। पन्ना प्रमुख भी हर बूथ पर शामिल हैं। कुल मिलाकर सभी तैयारी पूरी है। - विवेक सारस्वत, भाजपा महानगर अध्यक्ष
- एक बूथ पर दस लोगों की टीम की ड्यूटी है। ये टीम पहले से बनी हुई है। पांच लोग बिस्तर पर बैठकर काम संभालेंगे, जबकि पांच लोग वोटरों को घर से निकालकर मतदान स्थल तक लाने का काम करेंगे। बस्ते पहुंचना शुरू हो गए हैं। सभी तैयारी पूरी है। - संतोष सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
बस्ते में इस बार शामिल हुआ सैनिटाइजर और फेस मास्क
गांव सुखरावली के रहने वाले डीएस कॉलेज के बीए एलएलबी छात्र ऋषभ सिंह उर्फ मनी चौधरी बूथ बस्ता बनाने में माहिर हो गए हैं। वे 21 वर्ष की उम्र में पांचवीं बार किसी चुनाव के लिए बस्ते बना रहे हैं। पहला मौका है, जब इस बार बस्ते में सैनिटाइजर व फेस मास्क शामिल किया गया है।
वे बताते हैं कि पहली बार 2015 के चुनाव में उनके परिवार के व्यक्ति जिला पंचायत का चुनाव लड़े। उन्होंने बस्ते बनाने का काम मनी से कराया। पहले मनी ने बाजार आकर जानकारी की। फिर तय किया कि बस्ते में क्या-क्या रखा जाएगा। उसे कैसे पैक किया जाएगा। वे उसी बार इस काम में माहिर हो गए। इसके बाद जब भी चुनाव होता है तो उन्हें कहीं न कहीं से कोई न कोई इस काम के लिए खोज लेता है। इसका वे मेहनताना नहीं लेते हैं। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और फिर इस बार के जिला पंचायत चुनाव में भी बस्ते बनाए। अब पांचवीं बार वे बस्ते बना रहे हैं।
ये होती है सामग्री
ऋषभ के अनुसार, कपड़े के बैग बाजार से तैयार कराए जाते हैं, जिसमें बूथ की वोटर लिस्ट की दो से तीन प्रतियां, बाजार से प्रिंट कराकर लाई गईं बूथ के सभी मतदाताओं की पर्चियां रखी जाती हैं। करीब 100-150 खाली मतदाता पर्चियां इस जरूरत के लिए भी रखी जाती हैं कि कोई नाम भूला हुआ रह न जाए। इसके अलावा एक बूथ पर एजेंट बनने के लिए प्रत्याशी के हस्ताक्षर व मोहर युक्त एजेंट फार्म, ईवीएम पर लगी प्रत्याशी लिस्ट के प्रारूप की करीब 50 प्रतियां मतदाता को समझाने के लिए, प्रचार सामग्री के रूप में झंडे, बैनर, बिल्ले व बैनर, सैनिटाइजर, मास्क रखा जा रहा है। पेन, सादा कागज व कार्बन किसी भी शिकायत की जरूरत के लिए रखा जा रहा है। बूथ पर बिस्तर लगाने का जिम्मा विधानसभा क्षेत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर टीमों को है। टीमें बूथ पर लगे बिस्तर की टीम को भोजन आदि भी पहुंचाएंगी।

ठाकुर संतोष सिंह। कांग्रेस जिलाध्यक्ष- फोटो : CITY OFFICE

रतनदीप सिंह । बसपा जिलाध्यक्ष- फोटो : CITY OFFICE

गिरीश यादव । सपा जिलाध्यक्ष- फोटो : CITY OFFICE