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ट्रेनें घंटों लेट, यात्रियों को स्टेशन पर भोजन नहीं
Wed, 19 Dec 2018 01:34 AM IST
राजेश सिंह
राहुल दक्ष, अमर उजाला, अलीगढ़
राहुल दक्ष, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Wed, 19 Dec 2018 01:34 AM IST
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रेलवे स्टेशन की कैंटीन बंद होने पर बाहर फुटपाथ पर भोजन करते यात्री।
- फोटो : Amar Ujala
सर्दियां आते ही ट्रेनों की लेटतीफी शुरू हो गई है। मेल, एक्सप्रेस से लेकर शताब्दी तक तीन से आठ घंटे की देरी से अलीगढ़ जंक्शन पर पहुंच रहीं हैं। वहीं, हर दिन तीन से चार ट्रेनें रद्द हो रही है। इन ट्रेनों के मुसाफिरों को यात्रा करने में खासी दिक्कतें हो रहीं हैं। एक तो ट्रेन लेट हैं और उस पर खाना तक नहीं मिल रहा है।
आलम ये है कि 25 हजार मुसाफिरों को यात्रा कराने वाले स्टेशन पर दाल रोटी तक की व्यवस्था नहीं है। जंक्शन पर केवल दो स्टॉल्स पर बिस्कुट, नमकीन ही मिल रहे हैं। यात्री सुविधाओं के नाम पर अलीगढ़ से टूंडला और इलाहाबाद तक होने वाली मीटिंगों में इस बड़ी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। मजबूरन मुसाफिरों को स्टेशन के बाहर लगी ढकेल और ढाबों से महंगी दरों पर बद से बदतर खाना खरीदना पड़ रहा है। यात्री या तो 20 रुपये में पूड़ी सब्जी खायें या 100 से 150 रुपये दाल रोटी के चुकाए। जबकि स्टेशन की कैंटीन पर दाल रोटी सब्जी सलाद और चावल की एक प्लेट 35 रुपये में मिल जाती थी। जनता पैकेट 15 रुपये मिलता था।
किराया बढ़ाने की जिद में बंद हुई प्लेटफार्म पर बनी कैंटीन
अलीगढ़। प्लेटफार्म नंबर दो पर बनी खान-पान की कैंटीन लंबे समय से बंद हैं। इसके संचालक से अधिकारी 50 हजार रुपये प्रतिमाह किराया वसूलने को अड़े थे। जिसके विरोध में संचालक हाईकोर्ट चले गए हैं और कैंटीन बंद है। यहां 35 रुपये प्रति प्लेट खाना मिलता था, जिसमें दाल रोटी सब्जी चावल और सलाद मिलता था। इसके साथ ही 15 रुपये प्रति पैकेट की दर से जनता खाना मिलता था, जिसमें चार पूड़ी सब्जी थी। इधर, आईआरसीटीसी का रिफ्रेशमेंट रूम भी मरम्मत कार्य के चलते बंद पड़ा है। आईआरसीटीसी वाले भी खाना बहुत महंगा दे रहे थे।
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ढकेलों का घटिया खाना दे रहा बीमारी
स्टेशन के बाहर रोड पर एक दर्जन से अधिक खान-पान की ढकेल लगती हैं। इसके साथ ही आधा दर्जन से अधिक होटल हैं। एफडीए की ओर से बिना पंजीकरण कराए यह मानकों को ताक पर रख गंदगी के बीच खाद्य सामग्री बना और बेच रहे हैं। घटिया खाने को खाकर यात्रियों की कई बार तबीयत भी बिगड़ चुकी है। यही हाल माल गोदाम साइड की ओर है।
मंगलवार को भी रद्द रहीं चार ट्रेन
सर्दियों में ट्रेनों का संचालन तीन से आठ घंटे तक की देरी से हो रहा है। मंगलवार को लिच्छवी और महानंदा एक्सप्रेस लगातार चौथे दिन रद्द रहीं। इसके साथ ही अलीगढ़ जंक्शन से शाम 5:45 पर रवाना होने वाली बरेली पैसेंजर भी और महाबोधि एक्सप्रेस भी रदद् कर दी गई। चार ट्रेनों के रद् होने के साथ ही आधा दर्जन ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दो से तीन घंटे की देरी से अलीगढ़ जंक्शन पर पहुंची। इसके कारण कई यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी।
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आलम ये है कि 25 हजार मुसाफिरों को यात्रा कराने वाले स्टेशन पर दाल रोटी तक की व्यवस्था नहीं है। जंक्शन पर केवल दो स्टॉल्स पर बिस्कुट, नमकीन ही मिल रहे हैं। यात्री सुविधाओं के नाम पर अलीगढ़ से टूंडला और इलाहाबाद तक होने वाली मीटिंगों में इस बड़ी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। मजबूरन मुसाफिरों को स्टेशन के बाहर लगी ढकेल और ढाबों से महंगी दरों पर बद से बदतर खाना खरीदना पड़ रहा है। यात्री या तो 20 रुपये में पूड़ी सब्जी खायें या 100 से 150 रुपये दाल रोटी के चुकाए। जबकि स्टेशन की कैंटीन पर दाल रोटी सब्जी सलाद और चावल की एक प्लेट 35 रुपये में मिल जाती थी। जनता पैकेट 15 रुपये मिलता था।
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किराया बढ़ाने की जिद में बंद हुई प्लेटफार्म पर बनी कैंटीन
अलीगढ़। प्लेटफार्म नंबर दो पर बनी खान-पान की कैंटीन लंबे समय से बंद हैं। इसके संचालक से अधिकारी 50 हजार रुपये प्रतिमाह किराया वसूलने को अड़े थे। जिसके विरोध में संचालक हाईकोर्ट चले गए हैं और कैंटीन बंद है। यहां 35 रुपये प्रति प्लेट खाना मिलता था, जिसमें दाल रोटी सब्जी चावल और सलाद मिलता था। इसके साथ ही 15 रुपये प्रति पैकेट की दर से जनता खाना मिलता था, जिसमें चार पूड़ी सब्जी थी। इधर, आईआरसीटीसी का रिफ्रेशमेंट रूम भी मरम्मत कार्य के चलते बंद पड़ा है। आईआरसीटीसी वाले भी खाना बहुत महंगा दे रहे थे।
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ढकेलों का घटिया खाना दे रहा बीमारी
स्टेशन के बाहर रोड पर एक दर्जन से अधिक खान-पान की ढकेल लगती हैं। इसके साथ ही आधा दर्जन से अधिक होटल हैं। एफडीए की ओर से बिना पंजीकरण कराए यह मानकों को ताक पर रख गंदगी के बीच खाद्य सामग्री बना और बेच रहे हैं। घटिया खाने को खाकर यात्रियों की कई बार तबीयत भी बिगड़ चुकी है। यही हाल माल गोदाम साइड की ओर है।
मंगलवार को भी रद्द रहीं चार ट्रेन
सर्दियों में ट्रेनों का संचालन तीन से आठ घंटे तक की देरी से हो रहा है। मंगलवार को लिच्छवी और महानंदा एक्सप्रेस लगातार चौथे दिन रद्द रहीं। इसके साथ ही अलीगढ़ जंक्शन से शाम 5:45 पर रवाना होने वाली बरेली पैसेंजर भी और महाबोधि एक्सप्रेस भी रदद् कर दी गई। चार ट्रेनों के रद् होने के साथ ही आधा दर्जन ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दो से तीन घंटे की देरी से अलीगढ़ जंक्शन पर पहुंची। इसके कारण कई यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी।