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तबले से निकली ट्रेन वाह! उस्ताद वाह
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Mon, 01 Feb 2016 01:15 AM IST
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तबला वादक सनी नियाजी के शास्त्रीय तबला वादन ने कृृष्णांजलि पंडाल में समां बांध दिया। उन्होंने तबले पर अनेक बंदिशें पेश कीं। सनी के तबले से निकली पेशकार कायदा रेला गतें टुकड़े परने तिहाईयें सुनने के बाद जब तबले पर ट्रेन की आवाज निकाली तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
खूब तालियां बजी। बीच- बीच में सनी के छोटे भाई साईम नियाजी और उनके बैंड इबादत के कलाकारों ने स्वर लहरी छेड़कर संगीत इस महफिल को बुलंदी पर पहुंचा दिया।
‘सनी नियाजी नाइट’ की शुरूआत सनी नियाजी ने सोलो वादन से किया। इसके बाद तीन ताल फ र्शबंदी पेश की। तबले पर उनकी अंगुलियों की थिरकन जो भी देख रहा था मंत्रमुग्ध हुआ जा रहा था। कई कायदे पेश किए। छंद टुकड़े गते और चकदा राग, जोग में बंदिश प्रस्तुत कर समूचे कृष्णांजलि पंडाल को झंकृत कर दिया।
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तबले पर ट्रेन की आवाज निकालकर लोगों को तालियां पीटने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान सारंगी पर उनका साथ जीशान अब्बास ने किया। सनी नियाजी ने जिस महफिल को शास्त्रीय संगीत में डुबोया था उनके छोटे भाई के बैंड इबादत ने उसमें एक से बढ़कर एक गाना प्रस्तुत कर मस्ती का तड़का लगा दिया।
दमादम मस्त कलंदर और रे कबीरा मान जा पर सभी को झूमा दिया। हर्षिता तिवारी ने जो मैनू यार न मिले ने श्रोताओं को प्रियतम की याद में डुबा दिया। बैंड में कीबोर्ड पर प्रतीक गुप्ता, ड्रम पर मार्शल नाथ, गिटार पर अर्पित राजे बेस पर योगेश शर्मा ने अपने हुनर का लोहा मनवाया।
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खूब तालियां बजी। बीच- बीच में सनी के छोटे भाई साईम नियाजी और उनके बैंड इबादत के कलाकारों ने स्वर लहरी छेड़कर संगीत इस महफिल को बुलंदी पर पहुंचा दिया।
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‘सनी नियाजी नाइट’ की शुरूआत सनी नियाजी ने सोलो वादन से किया। इसके बाद तीन ताल फ र्शबंदी पेश की। तबले पर उनकी अंगुलियों की थिरकन जो भी देख रहा था मंत्रमुग्ध हुआ जा रहा था। कई कायदे पेश किए। छंद टुकड़े गते और चकदा राग, जोग में बंदिश प्रस्तुत कर समूचे कृष्णांजलि पंडाल को झंकृत कर दिया।
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तबले पर ट्रेन की आवाज निकालकर लोगों को तालियां पीटने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान सारंगी पर उनका साथ जीशान अब्बास ने किया। सनी नियाजी ने जिस महफिल को शास्त्रीय संगीत में डुबोया था उनके छोटे भाई के बैंड इबादत ने उसमें एक से बढ़कर एक गाना प्रस्तुत कर मस्ती का तड़का लगा दिया।
दमादम मस्त कलंदर और रे कबीरा मान जा पर सभी को झूमा दिया। हर्षिता तिवारी ने जो मैनू यार न मिले ने श्रोताओं को प्रियतम की याद में डुबा दिया। बैंड में कीबोर्ड पर प्रतीक गुप्ता, ड्रम पर मार्शल नाथ, गिटार पर अर्पित राजे बेस पर योगेश शर्मा ने अपने हुनर का लोहा मनवाया।