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Aligarh News: कुत्ते के पटकने से टूटा कछुए का कवच, स्टील के तारों से डॉ विराम ने सर्जरी कर बचाई जान
Sat, 04 Mar 2023 04:49 AM IST
चमन शर्मा
इकराम वारिस
इकराम वारिस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 04 Mar 2023 04:49 AM IST
सार
कछुआ का ऊंचाई से गिरने के बाद कवच टूट गया था। कवच को जोड़ने के लिए डॉ विराम वार्ष्णेय ने विशेष तकनीक अपनाई। स्टील के तारों से कछुए के कवच को बांधा गया और सावधानीपूर्वक दवाई दी गई, जिससे घाव जल्दी भर जाएं। 20 दिन बाद कछुए के कवच में आई दरार ठीक हो गई है।
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सर्जरी से पहले कछुआ के कवच में दरार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस कछुए की उम्र लगभग तीन साल की है। ऊंचाई से गिरने और कुत्ते के पटकने से इसका कवच टूट गया था। कवच में आई दरार से रक्त का रिसाव होने लगा। टूटे कवच की स्टील तार से सर्जरी की गई। यह सर्जरी ब्रेसिज या स्प्लिट्स कहलाती है, जो टेढ़े-मेढ़े दांत को बांधने के लिए की जाती है। शल्य चिकित्सक डॉ. विराम वार्ष्णेय ने बताया कि कछुए के टूटे कवच को ठीक किया गया है। पशुओं में हड्डी आदि टूटने पर नट, बोल्ट व रॉड के जरिये सर्जरी की जाती है।
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डॉ. विराम ने बताया कि कासिमपुर निवासी सुधीर ने तीन साल से कछुआ पाल रखा है, जिसको प्यार से टोटो बुलाते हैं। एक महीने पहले ऊंचाई पर रखे एक्वेरियम से कछुआ गिर गया। इसके बाद कुत्ते के पटकने से कछुए के कवच में दरार आ गई। जिससे संक्रमण फैल गया और घाव हो गया। कछुए का कवच उसके शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो उसके आंतरिक अंगों को सुरक्षा प्रदान करता है। शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करता है। गंभीर चोट से कछुए को चलने फिरने और तैरने पर परेशानी आने लगी।
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डॉ. विराम ने गहनता से इस बीमार कछुए का अध्ययन किया। करीब 25 दिन पहले स्टील के तारों से टूटे हुए कवच की तीन घंटे सर्जरी की गई। कवच को जोड़ने के लिए यह विशेष तकनीक अपनाई गई। स्टील के तारों से कछुए के कवच को बांधा गया और सावधानीपूर्वक दवाई दी गई, जिससे घाव जल्दी भर जाएं। 20 दिन बाद कछुए के कवच में आई दरार ठीक हो गई है। स्वस्थ होने पर अब कछुआ आराम से चलने लगा है।
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एक्वेरियम में पाले जाने वाले विदेशी कछुए घर में रखे जा सकते हैं। इस पर कोई कार्रवाई नहीं बनती है। गंगा या यमुना में पाए जाने वाले स्वदेशी कछुओं को पालने पर धारा 9-41 में सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। -दिवाकर वशिष्ठ, प्रभागीय वन अधिकारी