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भ्रष्टाचार पर वार, वीडियो बन रहा हथियार

Thu, 10 Sep 2020 01:48 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 01:48 AM IST
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To stop corruption video's playing vital role
अभिषेक शर्मा
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सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। मगर, सरकारी कर्मचारी सरकार की मंशा की हवा निकाल देते हैं। ऐसे में जनता खुद भ्रष्टाचार पर वार करने का जिम्मा अपने सिर पर ले चुकी है। भ्रष्टाचारियों से लड़ने के लिए वीडियो को लोगों ने हथियार बना लिया है। कैमरे में काली करतूतों को कैद करते हैं और सोशल मीडिया पर वायरल कर देते हैं। ऐसे में अधिकारी सीधे कार्रवाई को मजबूर हो जाते हैं।
जिले में बीते आठ माह की ही बात की जाए तो एक दर्जन से अधिक भ्रष्टाचार के मामलों को जनता ने अपने कैमरों में कैद किया है। एसएसपी मुनिराज जी ने जनता के इस साहस को सलाम किया है। उन्होंने कहा है पुलिस किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार करे तो तत्काल उनके सीयूजी नंबर 9454400247 पर जानकारी दें। वीडियो है तो उसे व्हाट्सएप करें। वहीं, डीएम चंद्रभूषण सिंह ने भी इसी प्रकार से अपने अधिकारियों को कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने की सीख दी है। उन्होंने 9457296582 नंबर पर भ्रष्टाचारियों की काली करतूतों की शिकायत करने या वीडियो भेजने की अपील की है। आश्वासन दिया है कि किसी भी विभाग में रिश्वतखोरी नहीं होने दी जाएगी।
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भ्रष्टाचार में मंडल में दूसरे नंबर पर अलीगढ़, पहले पर हाथरस
अलीगढ़ मंडल में भ्रष्टाचार वाले जिलों में अलीगढ़ दूसरे नंबर पर है। जुलाई तक आगरा के विजिलेंस थाने में दर्ज मुकदमों के अनुसार यह विवरण है। पहले नंबर पर हाथरस जैसे छोटा जिला है। आगरा के विजिलेंस थाने में कुल 46 मामले जुलाई तक दर्ज हुए। इनमें 8 मामले हाथरस के, 6 मामले अलीगढ़ के, तीन मामले एटा के, एक मामला कासगंज का शामिल रहा।
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केस-1
रेडियंट स्टार के स्कूल के मालिक महक सिंघल से एडीए के अवर अभियंता सत्यप्रकाश कुशवाहा ने एक लाख रुपये लिए थे। महक स्कूल के सामने बारात घर बनवा रहे थे। महक वीसी के पास पहुंचे। वहां शिकायत की। वीडियो दिखाई। शासन ने सत्यप्रकाश के निलंबन के आदेश दिए हैं। मीडिया के सामने एडीए वीसी ने पैसे भी वापस करवाए।
केस-2
- एडीए के अवर अभियंता दूधनाथ वर्मा की तीन सितंबर को वीडियो वायरल हुई। इसमें वह पैसे लेते दिख रहे थे। जांच में पता लगा कि वीसी के ड्राइवर से वह पैसे ले रहे थे। ड्राइवर ने पैसे उनसे उधार लिए थे। इस प्रकरण में अवर अभियंता को प्रवर्तन कार्य से हटाया गया। ड्राइवर को ओएसडी से संबद्ध कर दिया।
केस-3
- 28 मई 2020 को मारपीट और अवैध खनन के मामले को निपटाने के मामले में गोंडा थाना के एक दरोगा का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ है। इस मामले को एसएसपी ने गंभीरता से लेते हुए दरोगा राजकुमार को निलंबित करते हुए उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। दरोगा ने 8 हजार रुपये की रिश्वत ली थी।
केस-4
-27 जुलाई 2020 को अतरौली कोतवाली पुलिस का एक वीडियो 27 जुलाई को वायरल हुआ है, जिसमें पीआरवी पर तैनात दो पुलिसकर्मी एक आम के बाग के किनारे युवक से रिश्वत लेते दिख रहे हैं। युवक ने पीआरवी को अपने साथ लूट होने की सूचना दी थी, जिस पर पीआरवी पहुंची। एक युवक लूट के आरोप में पकड़ा। उसे गाड़ी में बैठाकर कोतवाली न ले जाकर गांव जखैरा के निकट आम के बाग में ले गए। जहां उसे लूट में फंसाने को धमकाया। पुलिसकर्मियों ने लूट का आरोप लगाने वाले को 20 हजार रुपये दिलवाए और उसे छोड़ने के एवज में नौ हजार रुपये खुद ले लिए, जिसका वीडियो वहां युवक ने मोबाइल से बनाकर वायरल कर दिया।
केस-5
- अलीगढ़ में यूपीएसआईडीसी में बाबू सुबोध भटनागर ने रजिस्ट्री के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत ली थी। पीड़ित इकराम ने यूपीएसआईडीसी से एक प्लाट का आवंटन कराया था। इकराम ने बाबू की वीडियो बनाकर वायरल कर दी। इसमें बाबू पर कार्रवाई हुई।
केस-6
- अगस्त 2020 में एक भाजपा नेता की ऑडियो वायरल हुई। भाजपा के एक नेता की शहर के एक कारोबारी के साथ मोबाइल पर वार्ता कर अपने एक नजदीकी के बेटे को नौकरी पर रखे जाने की बात कर रहा था। कारोबारी का कहना था कि इंटरव्यू तो हो गए और हमने नौकरी पर किसी अन्य को रख भी लिया है। इस पर भाजपा नेता ने कहा कि नेताओं की सिफारिश क्यों मानोगे। हम नेताओं से तो आपके काम पड़ते नहीं हैं। कोई मामला फंसेगा तब बताएंगे। साथ ही भाजपा नेता ने गाली-गलौज कर डाली।
केस-7
- जनवरी 2020 में मडराक थाने की आसना चौकी के एक दरोगा सहित चार सिपाहियों की वाहन पास कराने को लेकर वसूली करने की वीडियो वायरल हुई थी। इस मामले में एसएसपी स्तर से सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया था।

केस-8
मार्च 2020 में लोधा थाना क्षेत्र के खेरेश्वर चौराहा पर तीन पीआरवी कर्मियों द्वारा वाहन चालकों से वसूली करने के मामले में वीडियो वायरल हुई थी। वायरल वीडियो में पुलिस पैसे लेते दिख रही थी। इस पर एसएसपी स्तर से तीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
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