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Aligarh News: भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के दौरान शिकायतकर्ता से मारपीट
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गंगीरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत निनामई ओजीपुर के ग्राम प्रधान पुष्पेंद्र यादव पर मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच हो रही है। इस दौरान ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों ने शिकायतकर्ता से मारपीट कर दी, जिसका विडियो वायरल हो गया है।
मंगलवार को डीएम विशाख जी के आदेश पर ज्वाइंट वीडीओ नरेंद्र कुमार, एडीओ देवराज यादव, एपीओ विक्रम सिंह, सचिव संजय सिंह ने पंचायत सचिवालय पहुंच कर मनरेगा के कार्यों की जांच शुरू की। जांच टीम सुंदरीकरण देखने के लिए तालाब पर पहुंची। वहीं जांच के दौरान ग्राम प्रधान व उनके समर्थकों ने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट कर दी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
शिकायतकर्ताओं धीर सिंह, योगेंद्र, रेनू कुमार, शैलेंद्र सिंह, मोहर सिंह और जसवीर ने बताया ग्राम प्रधान ने तालाब के सुंदरीकरण में जेसीबी से खुदाई की है। सार्वजनिक स्थानों पर पौधरोपण केवल कागजों पर किया गया है। मौके पर एक भी पौधा नहीं लगा है। एक ही चकरोड का नाम बदलकर दो बार भुगतान किया गया है। पांच कृषकों की भूमि के समतली करण का मनरेगा से भुगतान कराया गया है, जबकि ये काम ग्राम प्रधान द्वारा निजी ट्रैक्टर से कराया गया है। महिलाओं की फर्जी हाजिरी लगाकर मनरेगा से भुगतान किया गया है। पशु शेड निर्माण में पुरानी ईंटों का उपयोग किया गया है। इसकी शिकायत उन्होंने डीएम से की थी, जिसकी जांच हो रही है।
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मंगलवार को डीएम विशाख जी के आदेश पर ज्वाइंट वीडीओ नरेंद्र कुमार, एडीओ देवराज यादव, एपीओ विक्रम सिंह, सचिव संजय सिंह ने पंचायत सचिवालय पहुंच कर मनरेगा के कार्यों की जांच शुरू की। जांच टीम सुंदरीकरण देखने के लिए तालाब पर पहुंची। वहीं जांच के दौरान ग्राम प्रधान व उनके समर्थकों ने शिकायतकर्ता के साथ मारपीट कर दी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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शिकायतकर्ताओं धीर सिंह, योगेंद्र, रेनू कुमार, शैलेंद्र सिंह, मोहर सिंह और जसवीर ने बताया ग्राम प्रधान ने तालाब के सुंदरीकरण में जेसीबी से खुदाई की है। सार्वजनिक स्थानों पर पौधरोपण केवल कागजों पर किया गया है। मौके पर एक भी पौधा नहीं लगा है। एक ही चकरोड का नाम बदलकर दो बार भुगतान किया गया है। पांच कृषकों की भूमि के समतली करण का मनरेगा से भुगतान कराया गया है, जबकि ये काम ग्राम प्रधान द्वारा निजी ट्रैक्टर से कराया गया है। महिलाओं की फर्जी हाजिरी लगाकर मनरेगा से भुगतान किया गया है। पशु शेड निर्माण में पुरानी ईंटों का उपयोग किया गया है। इसकी शिकायत उन्होंने डीएम से की थी, जिसकी जांच हो रही है।
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