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Aligarh: किसानों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए कल विशेषज्ञ देंगे टिप्स, एनपीएस के प्रति करेंगे जागरूक
Thu, 12 Mar 2026 06:35 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 12 Mar 2026 06:35 PM IST
सार
इस मौके पर वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञ पीएफआरडीए के सीजीएम आशीष कुमार सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करेंगे।
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खेती
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
देश के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए अमर उजाला बोनस और पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) मिलकर 13 मार्च को विशेष कार्यक्रम ''बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की'' का आयोजन करने जा रहे हैं। कार्यक्रम सारसौल स्थित रामाडा बाय विंडहैम, जीटी रोड, भीकमपुर में सुबह 10:30 बजे से दोपहर दो बजे तक होगा।
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इस मौके पर वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञ पीएफआरडीए के सीजीएम आशीष कुमार सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करेंगे। वे बताएंगे कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली क्यों जरूरी है, जल्दी निवेश से कैसे लाभ मिलता है और ये योजना भविष्य को कैसे सुरक्षित बनाती है। कार्यक्रम में नाबार्ड के अधिकारी, किसान उत्पादक संगठनों से जुड़े सदस्य और बड़ी संख्या में किसान भी शामिल होंगे।
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किसानों, छोटे व्यापारियों के लिए एनपीएस इसलिए जरूरी
देश में 13.83 करोड़ किसान हैं, जिनमें लगभग 55 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। लगातार भूमि बंटवारे के कारण लगभग 86 प्रतिशत किसान दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले सीमांत किसान बन चुके हैं। खेती से मिलने वाली अनिश्चित आय, बाजार की चुनौतियों और बढ़ते खर्च के बीच ज्यादातर किसान बुढ़ापे की नियमित आय सुरक्षित नहीं कर पाते। परिणाम स्वरूप अंतिम पड़ाव में आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य व घरेलू जरूरतें उन्हें कठिनाइयों में डाल देती है। ऐसे में नेशनल पेंशन प्रणाली (एनपीएस) किसानों, छोटे व्यापारियों, दिहाड़ी मजदूरों, गृहिणियों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मजबूत और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रहा है। इसमें कम रकम से शुरू होने वाला निवेश लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज के कारण बड़ी बचत और स्थायी पेंशन में बदल जाता है।
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आज के बदलते सामाजिक ढांचे जहां परिवार छोटे हो रहे हैं और खर्च बढ़ते जा रहे हैं, हर व्यक्ति को वृद्धावस्था की तैयारी खुद करनी पड़ती है। खेती या छोटे कारोबार की आमदनी मौसम व बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर रहती है, जबकि एनपीएस जीवनभर की स्थायी व भरोसेमंद आय देता है। यही इसे किसानों और असंगठित क्षेत्र के लाखों परिवारों के लिए भविष्य का मजबूत सहारा बनाता है।
एनपीएस को कैसे बनाएं जीवन का सहारा
एनपीएस एक दीर्घकालिक योजना है, जिसमें नियमित बचत के माध्यम से छोटी-छोटी रकम समय के साथ बड़ा कोष तैयार करती है। जैसे खेत में बोया गया बीज समय के साथ फसल में बदलता है, वैसे ही एनपीएस में किया गया छोटा निवेश भविष्य में बड़ी रकम और आजीवन पेंशन का रूप लेता है।