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मिलावट हो सकती है जानलेवा
ब्यूराे/अमर उजाला,अलीगढ़/ आशीष श्रीवास्तव
Updated Mon, 21 Mar 2016 01:49 AM IST
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दूध्ा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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होली के मौके पर जरा सी असावधानी आपको जानलेवा बीमारियाें की चपेट में ले सकती है। आपसी सौहार्द एवं रंगों के इस त्योहार का फायदा उठाने के लिये मिलावट खोर भी सक्रिय हो उठे हैं। वे दूध, मावा समेत अन्य आइटमों में इतनी सफाई से मिलावट करते हैं कि पहचानना मुश्किल है। इसे रोकने के लिये एफडीए अभियान चलाकर भरसक प्रयास कर रहा है लेकिन मिलावट का कारोबार रुक नहीं रहा है।
स्वास्थ्य पर असर
मिलावटी दूध, खोआ एवं मिठाईयों से जहां हृदय व पेट संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है तो दूषित मसालों का असर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों की किडनी एवं पाचन तंत्र पर सर्वाधिक होता है। बच्चों में पेट के अल्सर और मेंटल डिसआर्डर की शिकायत।
मसालों में मिलावट
हल्दी: चावल का आटा महीन पिसा हुआ, मैदा, सेकेंड व थर्ड ग्रेड हल्दी, लैड क्रोमेट कलर।
मिर्च: लैड आक्सीलेट, सूडान डाई, चावल एवं गेहूं की किनकी, चावल की भुसी।
धनिया: चावल की भूसी
हींग: आटा, मैदा एवं हींग एसेंस, गाेंद का चूरा।
काली मिर्च: पपीते के बीज
सौंफ: वाल पेंट हाथों में लगाकर रगड़कर कलरिंग
पिसे गरम मसाले: सूखे-मिर्च का डंठल व मसालों से बच हुआ सामान पीसा जाता है, कंकड़ी वाला सस्ता नमक मिलाते हैं।
कैसे बनता है कृत्रिम दूध व मिल्क प्रोडक्ट
दूूध: स्किम्ड मिल्क, ईजी वाशिंग पाउडर, रिफाइंड और लिक्विड ग्लूकोज मिलाकर दूध बनाते हैं।
आइसक्रीम : इसमें स्किम्ड मिल्क, सेक्रीन, स्टार्च व प्रतिबंधित रंगों का प्रयोग हो रहा है।
दूध का प्रसंस्करण : फारमलीन या कास्टिक सोडा डालकर दूध कई दिन तक सुरक्षित रखा जाता है।
पनीर : इसी दूध को फाड़कर पनीर की आपूर्ति हो रही है।
खोवा : इसी दूध से खोवा भी बन जाता है और मिठाइयां भी।
देशी घी: वनस्पति घी, पॉम ऑयल
मिठाई: चांदी के बजाय एल्यूमोनियम वर्क
सरसों का तेल: डरहल का तेल
मिलावटी खाद्य वस्तुओं पर अंकुश लगाने को एफडीए निरंतर अभियान चला रहा है। इस दौरान लिये गए सैंपलों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि मिलावट पाई गई तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
-धर्मेंद्र द्विवेदी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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स्वास्थ्य पर असर
मिलावटी दूध, खोआ एवं मिठाईयों से जहां हृदय व पेट संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है तो दूषित मसालों का असर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों की किडनी एवं पाचन तंत्र पर सर्वाधिक होता है। बच्चों में पेट के अल्सर और मेंटल डिसआर्डर की शिकायत।
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मसालों में मिलावट
हल्दी: चावल का आटा महीन पिसा हुआ, मैदा, सेकेंड व थर्ड ग्रेड हल्दी, लैड क्रोमेट कलर।
मिर्च: लैड आक्सीलेट, सूडान डाई, चावल एवं गेहूं की किनकी, चावल की भुसी।
धनिया: चावल की भूसी
हींग: आटा, मैदा एवं हींग एसेंस, गाेंद का चूरा।
काली मिर्च: पपीते के बीज
सौंफ: वाल पेंट हाथों में लगाकर रगड़कर कलरिंग
पिसे गरम मसाले: सूखे-मिर्च का डंठल व मसालों से बच हुआ सामान पीसा जाता है, कंकड़ी वाला सस्ता नमक मिलाते हैं।
कैसे बनता है कृत्रिम दूध व मिल्क प्रोडक्ट
दूूध: स्किम्ड मिल्क, ईजी वाशिंग पाउडर, रिफाइंड और लिक्विड ग्लूकोज मिलाकर दूध बनाते हैं।
आइसक्रीम : इसमें स्किम्ड मिल्क, सेक्रीन, स्टार्च व प्रतिबंधित रंगों का प्रयोग हो रहा है।
दूध का प्रसंस्करण : फारमलीन या कास्टिक सोडा डालकर दूध कई दिन तक सुरक्षित रखा जाता है।
पनीर : इसी दूध को फाड़कर पनीर की आपूर्ति हो रही है।
खोवा : इसी दूध से खोवा भी बन जाता है और मिठाइयां भी।
देशी घी: वनस्पति घी, पॉम ऑयल
मिठाई: चांदी के बजाय एल्यूमोनियम वर्क
सरसों का तेल: डरहल का तेल
मिलावटी खाद्य वस्तुओं पर अंकुश लगाने को एफडीए निरंतर अभियान चला रहा है। इस दौरान लिये गए सैंपलों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि मिलावट पाई गई तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-धर्मेंद्र द्विवेदी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी