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कुवैत में नौकरी के नाम पर दो दर्जन युवकों से ठगी, दिल्ली एयरपोर्ट पर छोड़कर भागा दलाल
Wed, 17 Jul 2019 05:01 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 17 Jul 2019 05:01 AM IST
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इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
- फोटो : Social Media
कुवैत की पेट्रोलियम कंपनियों में नौकरी करने और लखपति बनने का ख्वाब अधिकांश युवाओं के मन में होता है। अलीगढ़ के सैकड़ों लोग दुबई, सउदी अरब, कुवैत आदि खाड़ी देशों में नौकरी कर सफल जीवन बीता रहे हैं। इस नौकरी को हासिल करने की जी तोड़ कोशिश कर रहे अलीगढ़ के 11 युवाओं को दलालों ने ठग लिया। नौकरी दिलाने वाला दलाल इन युवाओं को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर छोड़ कर चला गया। युवा एयरपोर्ट के बाहर 24 घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन उसका पता तक नहीं चला। इस दलाल का अलीगढ़ के एजेंट के पास बीती 7 जुलाई को यहां आना हुआ तो लोगों ने अपना पैसा मांगा। इसमें मारपीट हो गई। जिसकी तहरीर ऊपरकोट कोतवाली में दी गई है।
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पीड़ित मो. सलमान पुत्र मेंहदी हसन निवासी रसलगंज बन्ना देवी ने बताया कि उसकी मुलाकात डेढ़ महीने पहले ऊपरकोट निवासी युवक से हुई। इस युवक ने बताया कि दिल्ली स्थित इंद्रलोक कॉलोनी में उसका एक परिचित है। वह दिल्ली में कार्यरत कंपनी के माध्यम से युवाओं को कुवैत में शानदार नौकरी दिलाता है। सलमान उस युवक के साथ दिल्ली गया। उस कंपनी के ऑफिस भी पहुंचा। वहां का पूरा सेटअप देख कर वह पैसा देकर नौकरी हासिल करने के लिए राजी हो गया। कुवैत पहुंचने तक का खर्च एक लाख रुपये बताया गया। जिसमें पासपोर्ट, वीजा, एयर टिकट और कुवैत में कंपनी के दफ्तर तक पहुंचने और वहां ठहरने तक का खर्च शामिल था।
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सलमान की काबिलियत के अनुसार उसको हेल्पर की पोस्ट का ऑफर लेटर दिया गया। ये लेटर केएनपीसी ए सबसिडायरी ऑफ कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के नाम से था। जिसमें उसको 130 दिनार (भारतीय मुद्रा में 30 हजार रुपये) हर महीने देने को कहा गया। इस तनख्वाह के साथ उसका खाना पीना और रहना मुफ्त था। ओवरटाइम का भुगतान अलग से था। 11 महीने के बाद दोबारा से एग्रीमेंट करने और आठ घंटे की ड्यूटी बताई गई थी।
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सलमान की जिद पर उसके पिता ने कर्ज लेकर 70 हजार रुपये जुटाए और अलीगढ़ के युवक के माध्यम से दलाल को दिलाए। बाकी का 30 हजार रुपये बाद में देने का वादा किया। दलाल मान गया। 28 जून की रवानगी तय हुई। टिकट ट्रैवल पोर्ट कंपनी के नाम से बनाया गया। इस दौरान सलमान को वीजा, टिकट, ऑफर लेटर आदि सब दिया। 28 जून की सुबह सलमान दिल्ली इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंचा। वहां उसे अलीगढ़ से लगभग 11 और आसपास के शहरों से कुल 20 युवा मिले। इन सभी को दिल्ली से मस्कट से कुवैत भेजा जाना था। दलाल सभी को एयरपोर्ट के बाहर बैठा कर चला गया। युवा 24 घंटे तक उसका इंतजार करते रहे लेकिन उसका मोबाइल भी बंद हो गया। 24 घंटे के इंतजार के बाद 29 जून को सभी युवा वापस लौट आए। ठगे गए युवा गुस्से में दलाल को ढूंढते रहे। इसी बीच कंपनी का वो दफ्तर भी बंद हो गया। जहां पहले सलमान कंपनी के लोगों से मिला था।
किसी तरह से पता चला कि बीती 7 जुलाई को दिल्ली का ठग और कंपनी के कुछ लोग ऊपरकोट स्थित साजिद के घर आए हैं। सलमान और अन्य लोग वहां पहुंचे तो उन लोगों ने इनको मारपीट कर भगा दिया। ठगने और पिटने के बाद सलमान पक्ष की ओर से ऊपरकोट कोतवाली में तहरीर दी गई है और इसकी शिकायत एसएसपी से भी की गई है। पुलिस इस मामले में जांच पड़ताल कर रही है।