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अलीगढ़ : जमीन बचाने के लिए चार साल से धरना दे रहीं तीन महिलाएं

Fri, 13 May 2022 12:57 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 12:57 AM IST
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Three women protesting for four years
अतरौली तहसील में धरने पर बैठी सुनीता, नूरबानो रहीसन। - फोटो : CITY OFFICE
अतरौली तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर वाहन खड़े करने के लिए बना टीन शेड दिन में तीन महिलाओं का ठिकाना बन गया है। तीनों महिलाओं के प्रकरण अलग-अलग हैं। एक अपने पति, दूसरी अपने देवर और तीसरी महिला अपने सास-ससुर पर यहां बैठकर रोज नजर रखती हैं कि कहीं वो चुपके से जमीन का बैनामा न कर जाएं। तीनों महिलाएं चार साल से छुट्टी का दिन छोड़कर रोजाना सुबह नौ बजे से शाम 5.50 बजे तक बैठती हैं ताकि उनके हिस्से की जमीन बिकने से बच जाए।
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केस एक
गांव चैंडोला सुजानपुर निवासी सुनीता देवी ने बताया कि पति कैलाश चंद चार साल से अलग रहते हैं। कहां रहते हैं, ये भी नहीं पता। बस कभी-कभी आते हैं और जमीन का बैनामा करके चले जाते हैं। सुनीता का कहना है कि अब तक वह 10 बीघा जमीन बेच चुके हैं। बची हुई 12 बीघा जमीन भी बेचने की फिराक में हैं। इसीलिए वह तीन साल से लगातार रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर बने टीन शेड में दिन भर बैठती हैं ताकि पति जमीन का बैनामा करने आएं तो वह उन्हें पकड़ सके। पहले उनके साथ नौ साल का बेटा देवेश भी आता था लेकिन अब बेटे का सुनीता ने स्कूल में दाखिला करा दिया है।
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केस दो
गांव धनसारी निवासी नूरबानो पत्नी जहीरुद्दीन ने बताया कि उनकी साढ़े पांच बीघा जमीन सड़क किनारे है। पति की मौत हो चुकी है। जमीन का बंटवारा सड़क की तरफ से होना चाहिए था। लेकिन देवर ने जबरन की तरफ अपना हिस्सा कर लिया है और उसे बेचना चाहता है। नूरबानो चाहती हैं कि सड़क की तरफ से जमीन का बंटवारा हो। सालभर से वह इसी इंतजार में रोज आकर बैठती हैं कि देवर कभी जमीन बेचने आए तो बैनामा रुकवा सकें ताकि जमीन का बंटवारा ठीक से हो सके। इस संबंध में केस तहसीलदार न्यायालय और दीवानी में भी चल रहा है। फिर भी उन्हें जमीन बिकने का डर है।
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केस तीन
गांव धनसारी निवासी रहीसन बेगम पत्नी गुलशन ने बताया कि कि उनके ससुर ने दो शादियां की थीं। पहली से उनके पति सहित दो बेटे हैं, दूसरी के छह बेटी व एक बेटा है। उनके ससुर अब तक 200 गट का प्लाट और चार बीघा जमीन बेच चुके हैं, जिसमें से गुलशन को फूटी कौड़ी तक नहीं दी। अब सास-ससुर बची हुई 18 बीघा जमीन को भी बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इस जमीन को बचाने के लिए रहीसन बेगम चार साल से रोजाना रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर टीन शेड में आकर बैठ जातीं हैं।
धमकियों पर भी पीछे नहीं हट रहीं महिलाएं
तीनों महिलाओं ने बताया कि उन्हें तरह-तरह की धमकियां मिल रही हैं। यहां तक कि गुंडे रजिस्ट्री कार्यालय पर भी आकर धमका जाते हैं। लेकिन महिलाएं जमीन का टुकड़ा बचाने के लिए पीछे नहीं हट रहीं। भीषण गर्मी, कड़ाके की ठंड या तेज बारिश और तूफान हो तब भी तीनों महिलाएं रोज यहां आकर बैठती हैं। तीनों सुबह नौ बजे तक यहां आ जाती हैं और शाम को 5.30 बजे यहां से जाती हैं। छुट्टी के दिन नहीं आतीं। तीनों कहती हैं कि जान माल का उनको खतरा है लेकिन जमीन का अपना हिस्सा नहीं छोड़ेंगी।
- कोई व्यक्ति जिसके नाम जमीन है, वो रजिस्ट्री कार्यालय आकर बैनामा करे तो हम रोक नहीं सकते। जमीन बिकने से रोकेंगे तो उनके घर वाले ही। इन महिलाओं के प्रकरण न्यायालय में भी चल रहे हैं। न्यायालय से ही इनको मदद मिल सकती है। - चेतेंद्र कुमार, सब रजिस्ट्रार

- इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। यदि महिलाओं को किसी से खतरा है तो शिकायत करें, उनकी मदद की जाएगी। रही बात जमीन का बैनामा रोकने की तो इसमें वह न्यायालय की शरण लें। - शिवप्रताप सिंह, सीओ
- इस तरह का प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। बैनामा कराना या रोकना हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है। - रविशंकर सिंह, एसडीएम
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