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शिक्षा प्रेरकों ने पौन घंटे बंद रखा कलेक्ट्रेट का गेट
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Tue, 04 Oct 2016 01:35 AM IST
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शिक्षा प्रेरकों ने पौन घंटे बंद रखा कलेक्ट्रेट का गेट
- फोटो : Rupesh
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तीन साल का अवशेष मानदेय समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षा प्रेरकों के तेवर सोमवार को उग्र हो गए। उन्होंने दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब अचानक कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर डाला। दोपहर 12.30 बजे से पौन घंटे तक रही गेट बंदी के दौरान शिक्षा प्रेरक गेट के सामने बैठे रहे।
मौके पर आए एसीएम प्रथम की पहल पर बीएसए द्वारा भेजी गई पूर्णकालिक साक्षरता अधिकारी नीलम शर्मा से वार्ता की, लेकिन कोई सहमति न बनने पर प्रेरकों ने आंदोलन जारी रखा। जिलाध्यक्ष ठा. हेमेंद्रवीर सिंह ने प्रशासन को मांगे पूरी करने के लिए छह अक्टूबर तक का समय देते हुए ऐलान किया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो सात अक्टूबर को सुबह दस से शाम पांच बजे तक कलेक्ट्रेट गेट पर ताला डाल दिया जाएगा।
धर्मेंद्र गर्ग एवं गीता कौशिक ने कहा कि प्रेरकों का मानदेय दो हजार से 16 हजार रुपये प्रति माह किया जाए, नियमितीकरण किया जाए, योग्यताधारी प्रेरकों को शिक्षक भर्तियों में प्राथमिकता दी जाए और उन्हें केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इस मौके पर संतोष कमल, दिवाकर शर्मा, अनिल शर्मा, सत्यवीर यादव, हरिओम शर्मा आदि मौजूद रहे।
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मौके पर आए एसीएम प्रथम की पहल पर बीएसए द्वारा भेजी गई पूर्णकालिक साक्षरता अधिकारी नीलम शर्मा से वार्ता की, लेकिन कोई सहमति न बनने पर प्रेरकों ने आंदोलन जारी रखा। जिलाध्यक्ष ठा. हेमेंद्रवीर सिंह ने प्रशासन को मांगे पूरी करने के लिए छह अक्टूबर तक का समय देते हुए ऐलान किया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो सात अक्टूबर को सुबह दस से शाम पांच बजे तक कलेक्ट्रेट गेट पर ताला डाल दिया जाएगा।
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धर्मेंद्र गर्ग एवं गीता कौशिक ने कहा कि प्रेरकों का मानदेय दो हजार से 16 हजार रुपये प्रति माह किया जाए, नियमितीकरण किया जाए, योग्यताधारी प्रेरकों को शिक्षक भर्तियों में प्राथमिकता दी जाए और उन्हें केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इस मौके पर संतोष कमल, दिवाकर शर्मा, अनिल शर्मा, सत्यवीर यादव, हरिओम शर्मा आदि मौजूद रहे।
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