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फर्जी वीजा लेकर आए तीन और नाइजीरियन गिरफ्तार
Sun, 01 Nov 2020 01:09 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 01:09 AM IST
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फर्जी बीजा बनाकर भारत में निवास करने वाले नाइजीरियन।
- फोटो : amar ujala
साइबर ठगी में गिरफ्तार किए गए दो नाइजीरियन नागरिकों के पासपोर्ट व वीजा सत्यापन के नाम पर आए उनके तीन और साथी भी फर्जी वीजा रखने के आरोप में फंस गए। पुलिस ने इन तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया और तीनों पर विदेशी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर इन्हें भी जेल भेजा गया है।
जब पुलिस के सामने साइबर ठगों के वीजा आए तो उनकी समय अवधि खत्म हो चुकी थी। इस पर इन तीनों के वीजा देखे गए तो वह फर्जी पाए गए। विदेश मंत्रालय व नाइजीरिया एंबेसी से जांच होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल के अनुसार दोनों साइबर ठगों की गिरफ्तारी के बाद उनके वीजा की अवधि खत्म होने की पुष्टि हुई थी। इसे लेकर उनके तीन अन्य साथी वीजा लेकर यहां आए। उन्हें महाराणा प्रताप गेट से पकड़ा गया। जब उनसे दोनों साइबर ठगों के अलावा उन तीनों के वीजा मांगे गए तो देखकर शक हुआ। तीनों के पास अलग-अलग तरह के वीजा थे। उन पर एक वीजा तो समय अवधि खत्म होने का था और एक वीजा खुद के ही नाम से आगे के समय तक का था।
इस शक पर उनके वीजा लेकर विदेश मंत्रालय व नाइजीरिया एंबेसी जांच के लिए भेजे गए। वहां से बताया गया कि जो वीजा अवधि खत्म होने वाला है, वह सही है, जबकि दूसरा फर्जी वीजा है। इन लोगों ने खुद ही फर्जी वीजा बना रखा है। इस बात की पुष्टि होने पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने अपने नाम संडे जूनियर पुत्र ओबरे निवासी ओमेसाई स्ट्रीट नाइजीरिया, चुकबुमा गोल्फस्ले पुत्र ओमोरोगिया निवासी इगबोंट्रो ईटो स्टेट नाइजीरिया, विलसन पुत्र ओगबेबोर निवासी मिसन रोड ईडीओ स्टेट नाइजीरिया बताया। तीनों वर्तमान निवासी 2-59 ओल्ड महावीर नगर तिलक नगर दिल्ली हैं। इनके पास से दो पासपोर्ट व एक पासपोर्ट फोटो कॉपी बरामद हुई है। तीनों पर धोखाधड़ी की धाराओं के अलावा 14 विदेशी एक्ट 1946 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया।
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साइबर ठगी की पैरोकारी में आना भारी पड़ा
फर्जी वीजा के आरोपों में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी अपने उन दो साथियों की पैरोकारी में आए थे जो साइबर ठगी में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। उनके विषय में इन तीनों ने बताया कि वे दोनों छात्र हैं। पुलिस को कोई गलतफहमी हो गई है। जब पुलिस ने उन दोनों के वीजा की तरह इन तीनों के वीजा तलब कर लिए तो यह भेद खुल गया और इन तीनों को भी जेल भेज दिया गया। दोनों साइबर ठगों को 31.23 लाख की ठगी में शुक्रवार को ही पुलिस ने जेल भेजा है।
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जब पुलिस के सामने साइबर ठगों के वीजा आए तो उनकी समय अवधि खत्म हो चुकी थी। इस पर इन तीनों के वीजा देखे गए तो वह फर्जी पाए गए। विदेश मंत्रालय व नाइजीरिया एंबेसी से जांच होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल के अनुसार दोनों साइबर ठगों की गिरफ्तारी के बाद उनके वीजा की अवधि खत्म होने की पुष्टि हुई थी। इसे लेकर उनके तीन अन्य साथी वीजा लेकर यहां आए। उन्हें महाराणा प्रताप गेट से पकड़ा गया। जब उनसे दोनों साइबर ठगों के अलावा उन तीनों के वीजा मांगे गए तो देखकर शक हुआ। तीनों के पास अलग-अलग तरह के वीजा थे। उन पर एक वीजा तो समय अवधि खत्म होने का था और एक वीजा खुद के ही नाम से आगे के समय तक का था।
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इस शक पर उनके वीजा लेकर विदेश मंत्रालय व नाइजीरिया एंबेसी जांच के लिए भेजे गए। वहां से बताया गया कि जो वीजा अवधि खत्म होने वाला है, वह सही है, जबकि दूसरा फर्जी वीजा है। इन लोगों ने खुद ही फर्जी वीजा बना रखा है। इस बात की पुष्टि होने पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने अपने नाम संडे जूनियर पुत्र ओबरे निवासी ओमेसाई स्ट्रीट नाइजीरिया, चुकबुमा गोल्फस्ले पुत्र ओमोरोगिया निवासी इगबोंट्रो ईटो स्टेट नाइजीरिया, विलसन पुत्र ओगबेबोर निवासी मिसन रोड ईडीओ स्टेट नाइजीरिया बताया। तीनों वर्तमान निवासी 2-59 ओल्ड महावीर नगर तिलक नगर दिल्ली हैं। इनके पास से दो पासपोर्ट व एक पासपोर्ट फोटो कॉपी बरामद हुई है। तीनों पर धोखाधड़ी की धाराओं के अलावा 14 विदेशी एक्ट 1946 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया।
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साइबर ठगी की पैरोकारी में आना भारी पड़ा
फर्जी वीजा के आरोपों में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी अपने उन दो साथियों की पैरोकारी में आए थे जो साइबर ठगी में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। उनके विषय में इन तीनों ने बताया कि वे दोनों छात्र हैं। पुलिस को कोई गलतफहमी हो गई है। जब पुलिस ने उन दोनों के वीजा की तरह इन तीनों के वीजा तलब कर लिए तो यह भेद खुल गया और इन तीनों को भी जेल भेज दिया गया। दोनों साइबर ठगों को 31.23 लाख की ठगी में शुक्रवार को ही पुलिस ने जेल भेजा है।