{"_id":"678c95c38064e65ffa0c2817","slug":"threat-to-bomb-amu-case-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी: अब तमिलनाडु जाएगी पुलिस, पकड़ा गया हैकर खुद के गुरु तक पहुंचाने में लगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू को बम से उड़ाने की धमकी: अब तमिलनाडु जाएगी पुलिस, पकड़ा गया हैकर खुद के गुरु तक पहुंचाने में लगा
Sun, 19 Jan 2025 11:34 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 19 Jan 2025 11:34 AM IST
सार
पकड़े गए नाबालिग से पूछताछ में उजागर हुआ कि वह खुद एक हैकर है और उसने हैकिंग बंगलूरू के युवक से सीखी है। उससे रुपयों को लेकर उसका बिगाड़खाता हो गया। उसे अंदेशा है कि उसी ने यह हरकत हैकिंग के जरिये उसके नंबर व आईडी बनाकर की है।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
- फोटो : ANI
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय इंतजामिया के अधिकारियों को धमकी भरा ई-मेल देने वाला कौन है..? इस यक्ष प्रश्न का सटीक जवाब दस दिन बाद भी पुलिस खोज नहीं पाई है। मगर देवरिया से पकड़कर लाए गए नाबालिग हैकर द्वारा दिखाई गई राह पर काम करते हुए एक टीम को तमिलनाडु भेजा जा रहा है। वहां से उस हैकर को पकड़कर लाने का प्रयास होगा, जिसके द्वारा एएमयू को मेल भेजने का दावा नाबालिग हैकर द्वारा किया जा रहा है।
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एएमयू कुलपति, कुलपति, रजिस्ट्रार, पीआरओ, प्रॉक्टर आदि अधिकारियों को आठ जनवरी की रात यह मेल तिवारीश्रीजयंत नाम की प्रोटोन मेल आईडी से मिली। जिसमें एएमयू कैंपस में बम रखवाने, दो लाख रुपये यूपीआई एकाउंट नंबर में दो दिन में देने और न देने पर विस्फोट करने की धमकी दी गई। जिसमें यूपीआई नंबर 6387866385 भी लिखा था। इस मामले में शिकायत पर सर्विलांस टीम ने जांच करते हुए यूपीआई नंबर व मेल करने वाले आईडी होल्डर के तौर पर देवरिया के नाबालिग की पहचान की। उसे पुलिस एटीएस की मदद से पकड़कर यहां लाई। उसने पूछताछ में यह स्वीकारा कि उसने मेल नहीं किया। मगर उसकी आईडी व नंबर किसी ने बनाकर इसका प्रयोग किया है।
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पुलिस को खुद के गुरु तक पहुंचाने में लगा
पकड़े गए नाबालिग से पूछताछ में उजागर हुआ कि वह खुद एक हैकर है और उसने हैकिंग बंगलूरू के युवक से सीखी है। उससे रुपयों को लेकर उसका बिगाड़खाता हो गया। उसे अंदेशा है कि उसी ने यह हरकत हैकिंग के जरिये उसके नंबर व आईडी बनाकर की है। हालांकि उस समय तक उसका कोई नंबर इस नाबालिग पर न था। मगर वह टेलीग्राम के जिस ग्रुप में उससे जुड़ा था। उसी में से नंबर खोजने में खुद ही मदद करने लगा। चूंकि वह खुद साइबर व सर्विलांस का मास्टर है। इसलिए वह नंबर खोजने में सफल हुआ है। उसकी लोकेशन तमिलनाडु की आ रही है। स्थिति ये है कि वह खुद ही पुलिस की मदद कर रहा है।
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इस मामले में नाबालिग अभी हमारे पास है। वह आरोपी तक पहुंचने में हमारी मदद कर रहा है। जानकारियां जुटाकर दे रहा है। इसी क्रम में कुछ नंबरों से आरोपी की लोकेशन तमिलनाडु की आई है। जहां टीम भेजी जा रही है।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी