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पौधारोपण अभियान में अब नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा, होगी जीओ टैगिंग
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अब पौधारोपण अभियान में फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा। अमर उजाला की सोमवार को पेड़ लगाओ, भूल जाओ...वन विभाग के पास नहीं है रिकॉर्ड, प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए वन विभाग ने इस बार फर्जीवाड़ा रोकने की तैयारी शुरू कर दी है। भविष्य में वन विभाग के पास रोपे गए सभी पौधे की संख्या और लोकेशन मौजूद होगी। अभियान में पारदर्शिता लाने के लिए इस बार पौधों की जीओ टैगिंग पहले से कई गुना हाईटेक होगी। जीओ टैग के लिए वन विभाग ने खासतौर पर क्विक कैप्चर एप बनाया है, जिस पर वन व अन्य विभाग क्षेत्रों में पौधा लगाने के बाद फोटो, रोपण स्थल व विभाग का नाम समेत पूरी लोकेशन अपलोड करेंगे। अभियान के एक माह बाद वन विभाग एप के माध्यम से लोकेशन ट्रेस कर पौधों का सत्यापन कर हकीकत परखेगा और शासन को रिपोर्ट करेगा। लखनऊ स्थित मुख्यालय से भी पौधारोपण की मॉनीटरिग की जाएगी।
कागजों में पूरा होता लक्ष्य
अभियान के तहत एक दिन में सभी विभाग मिलकर लाखों की संख्या में पौधे लगाकर अभिलेखों में दर्ज कराते हैं। कई विभाग तो लक्ष्य से अधिक पौधे लगाने का दावा करते हैं, जबकि हकीकत में नाम मात्र के पौधे लगाते हैं। अभियान के नाम पर फर्जीवाड़ा होता है, जिसे रोकने के लिए क्विक कैप्चर एप बनाया गया है।
हर साल कई गुना मिलता लक्ष्य
अगले महीने वन महोत्सव के दौरान जिले में 54.19 लाख पौधे रोपे जाएंगे। जिसमें वन विभाग 19,90,026, पर्यावरण, 221158 ग्राम्य, राजस्व व पंचायतीराज, 2368940 आवास विभाग, 9800, औद्योगिक विकास, 5180, लोक निर्माण, 14840 नगर विकास, 30800 जल शक्ति, 14840 कृषि, 370660 पशुपालन, 8260 सहकारिता, 8680उद्योग, 11480 ऊर्जा, 6720 माध्यमिक शिक्षा, 4400 बेसिक शिक्षा, 4400 प्राविधिक शिक्षा, 7840 उच्च शिक्षा, 29680 स्वास्थ्य, 13300 परिवहन, 4480 रेलवे, 27160 उद्यान, 242276 गृह एवं रक्षा विभाग को 19600 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है।
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यह एप पौधारोपण की मॉनिटरिंग सिस्टम से सीधा जुड़ा है। पौधों की जियो टैगिंग के बाद ऑनलाइन ही पौधे की वास्तविक स्थिति का आकलन हो जाएगा। वेबसाइट और एप पर इसकी जानकारी अपलोड की जाएगी। पौधरोपण अभियान में सभी प्रमुख विभागों के लिए पौधे रोपने का लक्ष्य तय कर दिया गया है। पौधे रोपने के साथ उसकी जियो टैगिंग की जाएगी। यदि पौधा किसी तरह से सूखने के कगार पर पहुंच रहा है तो इसकी देखभाल के लिए व्यवस्था की जा सकेगी।
- दिवाकर वशिष्ठ, प्रभागीय वन अधिकारी
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कागजों में पूरा होता लक्ष्य
अभियान के तहत एक दिन में सभी विभाग मिलकर लाखों की संख्या में पौधे लगाकर अभिलेखों में दर्ज कराते हैं। कई विभाग तो लक्ष्य से अधिक पौधे लगाने का दावा करते हैं, जबकि हकीकत में नाम मात्र के पौधे लगाते हैं। अभियान के नाम पर फर्जीवाड़ा होता है, जिसे रोकने के लिए क्विक कैप्चर एप बनाया गया है।
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हर साल कई गुना मिलता लक्ष्य
अगले महीने वन महोत्सव के दौरान जिले में 54.19 लाख पौधे रोपे जाएंगे। जिसमें वन विभाग 19,90,026, पर्यावरण, 221158 ग्राम्य, राजस्व व पंचायतीराज, 2368940 आवास विभाग, 9800, औद्योगिक विकास, 5180, लोक निर्माण, 14840 नगर विकास, 30800 जल शक्ति, 14840 कृषि, 370660 पशुपालन, 8260 सहकारिता, 8680उद्योग, 11480 ऊर्जा, 6720 माध्यमिक शिक्षा, 4400 बेसिक शिक्षा, 4400 प्राविधिक शिक्षा, 7840 उच्च शिक्षा, 29680 स्वास्थ्य, 13300 परिवहन, 4480 रेलवे, 27160 उद्यान, 242276 गृह एवं रक्षा विभाग को 19600 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है।
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यह एप पौधारोपण की मॉनिटरिंग सिस्टम से सीधा जुड़ा है। पौधों की जियो टैगिंग के बाद ऑनलाइन ही पौधे की वास्तविक स्थिति का आकलन हो जाएगा। वेबसाइट और एप पर इसकी जानकारी अपलोड की जाएगी। पौधरोपण अभियान में सभी प्रमुख विभागों के लिए पौधे रोपने का लक्ष्य तय कर दिया गया है। पौधे रोपने के साथ उसकी जियो टैगिंग की जाएगी। यदि पौधा किसी तरह से सूखने के कगार पर पहुंच रहा है तो इसकी देखभाल के लिए व्यवस्था की जा सकेगी।
- दिवाकर वशिष्ठ, प्रभागीय वन अधिकारी