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समझौते में सपा को मिली सीट पर कांग्रेस के विवेक बंसल ने भरा पर्चा

Tue, 24 Jan 2017 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Tue, 24 Jan 2017 02:18 AM IST
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There was agreement SP Vivek Bansal of Congress nomination
समझौते में सपा को मिली सीट पर कांग्रेस के विवेक बंसल ने भरा पर्चा - फोटो : Rupesh
अलीगढ़ में कोल विस क्षेत्र में कांग्रेस और सपा का गठबंधन खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। समझौते में ये सीट सपा को मिली है लेकिन कांग्रेस के पूर्व विधायक और वर्तमान महानगर अध्यक्ष विवेक बंसल ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उधर सपा के घोषित उम्मीदवार अज्जू इसहाक ने भी अपना नामांकन करा दिया है। 
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कांग्रेस द्वारा घोषित उम्मीदवारों की सूची में नाम न होने के बावजूद विवेक बंसल द्वारा नामांकन पत्र में खुद को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का उम्मीदवार बताया गया है। नामांकन दाखिल करने के बाद वह समर्थकों के साथ दिल्ली रवाना हो गए हैं।
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उन्होंने कहा है कि वह जल्द ही सिंबल ले आएंगे, जिसको नामांकन पत्र के साथ जमा करा देंगे। इसके लिए उनके पास 27 जनवरी तक का समय है। कांग्रेस और सपा के उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल कर देने से इस सीट पर गठबंधन खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। गौर हो कि विस चुनाव 2012 में सपा के जमीरउल्लाह ने विवेक बंसल को 600 से भी कम वोटों से हराया था। वर्तमान में इस सीट पर सपा विधायक होने के नाते गठबंधन में ये सीट कांग्रेस को नहीं मिल पाई है, लेकिन बहुत कम वोटों से हारने के कारण विवेक बंसल इस सीट से अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। 
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दो बार विधायक रह चुके हैं विवेक बंसल
अलीगढ़। जेआर शेरवानी के कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रहते हुए विवेक बंसल ने संयुक्त सचिव का काम देखना शुरू किया और राजनीति में कदम रखा।  प्रदेश अध्यक्ष महावीर प्रसाद ने उनको महानगर अध्यक्ष बनाया। तत्कालीन जिलाध्यक्ष ठा. दलवीर सिंह के कार्यकाल में महानगर अध्यक्ष रहे। यहां से ही राष्ट्रीय सचिव तक बने। पहला चुनाव सभासद का लड़ा, इसके बाद शहर विस क्षेत्र से एमएलए का चुनाव लड़े और हार गए। दूसरा चुनाव वर्ष 2002 में अलीगढ़ शहर से लड़े और अब्दुल खालिक को हराया। इसके बाद 2007 के विस चुनाव में शहर से हार गए। वर्ष 2008-09 में एमएलसी (स्नातक सीट) का चुनाव लड़े और जीते। विस चुनाव 2012 में कोल से लड़े तो हार गए। इसके तुरंत बाद हुए एमएलसी के चुनाव में हार गए। वह इस बीच राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता पैनल में भी रहे हैं। 
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