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Aligarh News: महायज्ञ और जयकारों के बीच हुआ हनुमंत चरित कथा का विश्राम
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हनुमंत कथा में प्रवचन सुनते श्रद्धालु।
- फोटो : samvad
डीएवी इंटर कॉलेज के क्रीड़ा मैदान में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित श्री हनुमंत चरित कथा का शुक्रवार को विश्राम हो गया। अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। महायज्ञ में आहुति देकर लोगों ने लोककल्याण और समाज की सुख-शांति की कामना की।
कथा के दौरान हनुमानजी के जीवन से सेवा, समर्पण, साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। कथा व्यास डॉ. अनुराग कृष्ण पाठक ने हनुमान चालीसा के पाठ के साथ अंतिम दिन की कथा शुरू की। उन्होंने ‘नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा’ चौपाई का भावार्थ समझाते हुए कहा कि हनुमानजी का स्मरण भक्त को संकट के समय धैर्य और जीवन में सेवा की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि हनुमानजी भक्ति, ज्ञान, शक्ति और सेवा के प्रतीक हैं। हनुमान भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन से सेवा, परोपकार, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाना भी जरूरी है। इसके बाद हनुमानजी की आरती हुई और कथा का विश्राम हुआ।
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गायक अतुल पंडित ने महादेव और श्रीराम के भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। पूरे पंडाल में लगातार जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारे गूंजते रहे।
कोल विधायक अनिल पाराशर ने आयोजन के सफल समापन पर सभी श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार जताया।
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कथा के दौरान हनुमानजी के जीवन से सेवा, समर्पण, साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। कथा व्यास डॉ. अनुराग कृष्ण पाठक ने हनुमान चालीसा के पाठ के साथ अंतिम दिन की कथा शुरू की। उन्होंने ‘नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा’ चौपाई का भावार्थ समझाते हुए कहा कि हनुमानजी का स्मरण भक्त को संकट के समय धैर्य और जीवन में सेवा की प्रेरणा देता है।
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उन्होंने कहा कि हनुमानजी भक्ति, ज्ञान, शक्ति और सेवा के प्रतीक हैं। हनुमान भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन से सेवा, परोपकार, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाना भी जरूरी है। इसके बाद हनुमानजी की आरती हुई और कथा का विश्राम हुआ।
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गायक अतुल पंडित ने महादेव और श्रीराम के भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। पूरे पंडाल में लगातार जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारे गूंजते रहे।
कोल विधायक अनिल पाराशर ने आयोजन के सफल समापन पर सभी श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार जताया।