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अलीगढ़ः 228 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने पर जुबैरी फाइबस की संपत्तियां होंगी जब्त
Sat, 01 Jan 2022 10:23 PM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, संवाद न्यूज एजेंसी , अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, संवाद न्यूज एजेंसी , अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 01 Jan 2022 10:23 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल के न्यायालय ने 228 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान न करने पर जिले की प्रमुख पैकेजिंग कंपनी जुबैरी फाइबस प्राईवेट लिमिटेड की चार संपत्तियों पर संबंधित बैंकों को कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया गया है। यह पहला मौका है, जब जिले में किसी कंपनी पर कर्ज चुकता न कर पाने पर इस तरह की कार्रवाई तय की गई हो।
जवां थाना क्षेत्र के छेरत स्थित यूपीएसआईडीसी के औद्योगिक आस्थान में जुबैरी फाइबस प्राईवेट लिमिटेड कंपनी का संचालन होता है। कंपनी में पैकेजिंग पेेपर व कार्टन तैयार किए जाते हैं। वर्ष 2012 में कंपनी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया की दिल्ली शाखा से 94 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। एसबीआई ने 49.93 करोड़ व बैंक ऑफ इंडिया ने 44.26 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। दोनों ही बैंकों ने कंपनी की अलीगढ़ व हाथरस की छह संपत्तियों को बंधक बनाते हुए कर्ज की रकम को तय किस्तों में जमा कराने का एग्रीमेंट किया था। लेकिन कंपनी ने कर्ज की किस्तों का समय पर भुगतान नहीं किया।
वर्ष 2014 में दोनों बैंकों ने कंपनी के खातों को एनपीए घोषित कर दिया। साथ ही कंपनी को डिमांड नोटिस भी भेजे गए। इसके बाद भी कंपनी के स्तर से तय किस्तों के भुगतान के अलावा लिए गए कर्ज की अदायगी नहीं की गई। इस पर दोनों बैंकों ने एडीएम वित्त एवं राजस्व के न्यायालय में सरफेसी अधिनियम के तहत अपील दायर की।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। इसके बाद शुक्रवार को पारित आदेश में जुबैरी फाइबस की अलीगढ़ व हाथरस में बंधक बनाई गई छह में से चार संपत्तियों पर बैंकों को कब्जा दिलाने का आदेश दिया है। एसीएम द्वितीय पुलिस बल के साथ इन चारों संपत्तियों पर बैंकों को काबिज कराएंगे।
इन संपत्तियों पर काबिज होंगी बैंकें
- सिविल लाइंस के दोदपुर स्थित नूर मंजिल में जुबैरी पैलेस का 2588 वर्ग मीटर क्षेत्रफल।
- सिविल लाइंस क्षेत्र में 0.588 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि।
- अलीगढ़-अनूपशहर रोड स्थित गांव नगौला में 14 हजार वर्ग मीटर का प्लॉट।
- छेरत स्थित यूपीएसआईडीसी में 20 हजार वर्ग मीटर में बनी फैक्टरी।
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जवां थाना क्षेत्र के छेरत स्थित यूपीएसआईडीसी के औद्योगिक आस्थान में जुबैरी फाइबस प्राईवेट लिमिटेड कंपनी का संचालन होता है। कंपनी में पैकेजिंग पेेपर व कार्टन तैयार किए जाते हैं। वर्ष 2012 में कंपनी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया की दिल्ली शाखा से 94 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। एसबीआई ने 49.93 करोड़ व बैंक ऑफ इंडिया ने 44.26 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। दोनों ही बैंकों ने कंपनी की अलीगढ़ व हाथरस की छह संपत्तियों को बंधक बनाते हुए कर्ज की रकम को तय किस्तों में जमा कराने का एग्रीमेंट किया था। लेकिन कंपनी ने कर्ज की किस्तों का समय पर भुगतान नहीं किया।
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वर्ष 2014 में दोनों बैंकों ने कंपनी के खातों को एनपीए घोषित कर दिया। साथ ही कंपनी को डिमांड नोटिस भी भेजे गए। इसके बाद भी कंपनी के स्तर से तय किस्तों के भुगतान के अलावा लिए गए कर्ज की अदायगी नहीं की गई। इस पर दोनों बैंकों ने एडीएम वित्त एवं राजस्व के न्यायालय में सरफेसी अधिनियम के तहत अपील दायर की।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। इसके बाद शुक्रवार को पारित आदेश में जुबैरी फाइबस की अलीगढ़ व हाथरस में बंधक बनाई गई छह में से चार संपत्तियों पर बैंकों को कब्जा दिलाने का आदेश दिया है। एसीएम द्वितीय पुलिस बल के साथ इन चारों संपत्तियों पर बैंकों को काबिज कराएंगे।
इन संपत्तियों पर काबिज होंगी बैंकें
- सिविल लाइंस के दोदपुर स्थित नूर मंजिल में जुबैरी पैलेस का 2588 वर्ग मीटर क्षेत्रफल।
- सिविल लाइंस क्षेत्र में 0.588 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि।
- अलीगढ़-अनूपशहर रोड स्थित गांव नगौला में 14 हजार वर्ग मीटर का प्लॉट।
- छेरत स्थित यूपीएसआईडीसी में 20 हजार वर्ग मीटर में बनी फैक्टरी।