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शेखा झील से मायूस प्रवासी पक्षियों का नया ठिकाना ख्यामई पोखर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 13 Dec 2018 01:29 AM IST
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ख्यामई की पोखर पर पहुंचे प्रवासी पक्षी
- फोटो : Amar Ujala
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पानी कम होने से शेखा झील से मायूस हुए प्रवासी पक्षियों ने जिले में अपना नया ठिकाना तलाश किया है। अलीगढ़ से लगभग 18 किमी दूर गभाना तहसील के ख्यामई गांव की पोखर में देश विदेश के पक्षी बहुत बड़ी संख्या में पोखर पर पहुंच रहे हैं। पक्षियों के इस नजारे को देखकर पर्यावरणविद् उत्साहित हैं। ख्यामई की पोखर पर आए इन विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए पर्यावरण सुरक्षा समिति के पदाधिकारी वहां पहुंचे। साथ ही ग्राम प्रधान सहित अन्य लोगों ने इस स्थान के संरक्षण की मांग की है।
सर्दी के आगमन के साथ ही जिले की शेखा झील पर कुछ वर्षों पहले तक साइबेरिया, यूक्रेन, कजाकिस्तान, रूस आदि देशों से हजारों किलोमीटर से आकर प्रवासी पक्षी डेरा डाल लिया करते थे। लेकिन वहां पर हुए निर्माण कार्य व पानी की कमी के चलते पिछले कुछ वर्षों में पक्षियों ने वहां से दूरी बना ली थी। लेकिन ख्यामई की पोखर पर आए पक्षियों से नई उम्मीद जागी है। जिसके चलते इस समय पोखर पर बड़ा ही मनोरम दृश्य है। इन चहकते फुदकते पक्षियों से माहौल जीवंत हो उठा है।
हरीतिमा संस्था के अध्यक्ष सुबोध नन्दन शर्मा एवं ख्यामई के ग्राम प्रधान वीरेंद्र शर्मा ने जिला प्रशासन से अपील की है कि जिले की शोभा बढ़ाने वाले इन पक्षियों को संरक्षण प्रदान किया जाय और पोखर का रख रखाव भली भांति तरीके और स्थानीय जनता को साथ लेकर कराया जाए। रामवीर सिंह ने बताया कि अगर वन विभाग, प्रशासन ख्यामई की पोखर का निरीक्षण कर ले तो उन्हें खुद पता चल जायेगा कि सबसे अधिक पक्षी शेखा झील पर या ख्यामई गांव की पोखर में है प्रशासन का सहयोग मिल जाय तो गांव के लोग भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
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सर्दी के आगमन के साथ ही जिले की शेखा झील पर कुछ वर्षों पहले तक साइबेरिया, यूक्रेन, कजाकिस्तान, रूस आदि देशों से हजारों किलोमीटर से आकर प्रवासी पक्षी डेरा डाल लिया करते थे। लेकिन वहां पर हुए निर्माण कार्य व पानी की कमी के चलते पिछले कुछ वर्षों में पक्षियों ने वहां से दूरी बना ली थी। लेकिन ख्यामई की पोखर पर आए पक्षियों से नई उम्मीद जागी है। जिसके चलते इस समय पोखर पर बड़ा ही मनोरम दृश्य है। इन चहकते फुदकते पक्षियों से माहौल जीवंत हो उठा है।
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हरीतिमा संस्था के अध्यक्ष सुबोध नन्दन शर्मा एवं ख्यामई के ग्राम प्रधान वीरेंद्र शर्मा ने जिला प्रशासन से अपील की है कि जिले की शोभा बढ़ाने वाले इन पक्षियों को संरक्षण प्रदान किया जाय और पोखर का रख रखाव भली भांति तरीके और स्थानीय जनता को साथ लेकर कराया जाए। रामवीर सिंह ने बताया कि अगर वन विभाग, प्रशासन ख्यामई की पोखर का निरीक्षण कर ले तो उन्हें खुद पता चल जायेगा कि सबसे अधिक पक्षी शेखा झील पर या ख्यामई गांव की पोखर में है प्रशासन का सहयोग मिल जाय तो गांव के लोग भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
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