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नुमाइश आज से शुरू, काम होता रहेगा गुरु
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Thu, 28 Jan 2016 01:47 AM IST
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आधी अधूरी तैयारियों के बीच ही अलीगढ़ की ऐतिहासिक राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुवार को मंडलायुक्त चंद्रकांत करेंगे। उद्घाटन समारोह दोपहर दो बजे आरंभ होगा।
मित्तल गेट पर शांति के प्रतीक कबूतरों को उड़ाकर उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद कृष्णांजलि नाट्यशाला में भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। हालांकि नुमाइश में दुकानें अभी काफी कम लगी हैं। उद्घाटन के बाद भी दुकानें लगाने का चलता रहेगा।
कृष्णांजलि नाट्यशाला में बुधवार को शहर के करीब दस स्कूलों की छात्राएं रंगोली बनाने के काम में जुटी रहीं। नीलम शर्मा और मनोरमा ठाकुर के निर्देशन में चंपा अग्रवाल कन्या इंटर कॉलेज, चिरंजीलाल बालिका इंटर कॉलेज, विश्व भारती स्कूल, टीकाराम कन्या इंटर कॉलेज, डीएवी गर्ल्स इंटर कॉलेज, महेश्वरी गर्ल्स इंटर कॉलेज, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल, उदय सिंह जैन गर्ल्स इंटर कॉलेज और विजडम पब्लिक स्कूल की छात्राएं रंगोली बनाने के कार्य में जुटी रहीं।
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दूसरी ओर नुमाइश में विभिन्न राज्यों से आए दुकानदार दुकानें लगाने के काम में जुटे रहे। हालांकि उद्घाटन गुरुवार को हो जाएगा लेकिन दुकानें लगाने का काम अभी जारी है।
नुमाइश का संक्षिप्त परिचय
करीब 1880 में इसी नुमाइश स्थल पर अलीगढ़ डिस्ट्रिक्ट फेयर के नाम से यहां पर नुमाइश की शुरुआत हुई। यह प्रदर्शनी तत्कालीन राजे, महाराजे, नवाब, जमींदारों के शौक के कारण उम्दा नस्ल के घोड़ों के प्रदर्शन और उनके खरीद फरोख्त का माध्यम थी। प्रदर्शनी का दरबार हॉल आज भी अपने इतिहास को समेटे है।
अंग्रेज कलक्टर कभी इसी दरबार हाल में बैठकर जनता की समस्याएं सुना करते थे। नवाब और रईस लोग इस दरबार हॉल की शोभा हुआ करते थे। धीरे धीरे व्यापारी और दुकानदार भी इस आयोजन का हिस्सा बनने लगे। पेशावर से आने वाले पठान दुकानदारों ने मेवों से भरपूर हलवा परांठे से यहां के लोगों का परिचय कराया।
यह आज भी यह नुमाइश में आकर्षण का केंद्र बना है। आजादी के बाद नुमाइश का स्वरूप जन विकास का हो गया। यह कृषि और उद्योग के विकास की प्रदर्शनी बन गई।
पुस्तक मेला और विज्ञान प्रदर्शनी भी
प्रदर्शनी में इस बार पुस्तक मेला और विज्ञान प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र होंगे। इस बार इस्कान संस्था भी पुस्तक मेले में अपना पंडाल लगा रही है। इसके अलावा काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूपी द्वारा मोबाइल प्लेनेटेरियम भी दरबार हाल में लगाया जाएगा।
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मित्तल गेट पर शांति के प्रतीक कबूतरों को उड़ाकर उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद कृष्णांजलि नाट्यशाला में भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। हालांकि नुमाइश में दुकानें अभी काफी कम लगी हैं। उद्घाटन के बाद भी दुकानें लगाने का चलता रहेगा।
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कृष्णांजलि नाट्यशाला में बुधवार को शहर के करीब दस स्कूलों की छात्राएं रंगोली बनाने के काम में जुटी रहीं। नीलम शर्मा और मनोरमा ठाकुर के निर्देशन में चंपा अग्रवाल कन्या इंटर कॉलेज, चिरंजीलाल बालिका इंटर कॉलेज, विश्व भारती स्कूल, टीकाराम कन्या इंटर कॉलेज, डीएवी गर्ल्स इंटर कॉलेज, महेश्वरी गर्ल्स इंटर कॉलेज, हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल, उदय सिंह जैन गर्ल्स इंटर कॉलेज और विजडम पब्लिक स्कूल की छात्राएं रंगोली बनाने के कार्य में जुटी रहीं।
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दूसरी ओर नुमाइश में विभिन्न राज्यों से आए दुकानदार दुकानें लगाने के काम में जुटे रहे। हालांकि उद्घाटन गुरुवार को हो जाएगा लेकिन दुकानें लगाने का काम अभी जारी है।
नुमाइश का संक्षिप्त परिचय
करीब 1880 में इसी नुमाइश स्थल पर अलीगढ़ डिस्ट्रिक्ट फेयर के नाम से यहां पर नुमाइश की शुरुआत हुई। यह प्रदर्शनी तत्कालीन राजे, महाराजे, नवाब, जमींदारों के शौक के कारण उम्दा नस्ल के घोड़ों के प्रदर्शन और उनके खरीद फरोख्त का माध्यम थी। प्रदर्शनी का दरबार हॉल आज भी अपने इतिहास को समेटे है।
अंग्रेज कलक्टर कभी इसी दरबार हाल में बैठकर जनता की समस्याएं सुना करते थे। नवाब और रईस लोग इस दरबार हॉल की शोभा हुआ करते थे। धीरे धीरे व्यापारी और दुकानदार भी इस आयोजन का हिस्सा बनने लगे। पेशावर से आने वाले पठान दुकानदारों ने मेवों से भरपूर हलवा परांठे से यहां के लोगों का परिचय कराया।
यह आज भी यह नुमाइश में आकर्षण का केंद्र बना है। आजादी के बाद नुमाइश का स्वरूप जन विकास का हो गया। यह कृषि और उद्योग के विकास की प्रदर्शनी बन गई।
पुस्तक मेला और विज्ञान प्रदर्शनी भी
प्रदर्शनी में इस बार पुस्तक मेला और विज्ञान प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र होंगे। इस बार इस्कान संस्था भी पुस्तक मेले में अपना पंडाल लगा रही है। इसके अलावा काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूपी द्वारा मोबाइल प्लेनेटेरियम भी दरबार हाल में लगाया जाएगा।