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अलीगढ़: अस्पताल में दिखा असर, समय से पहुंचे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की भीड़।
- फोटो : CITY OFFICE
अमर उजाला की पड़ताल के बाद पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में असर दिखने लगा है। सोमवार को दो चिकित्सकों को छोड़कर सभी चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी राउंड लगाकर अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में जुटे रहे। 22 अप्रैल को ओपीडी में 934 मरीज पहुंचे थे। 25 अप्रैल को मरीजों की संख्या बढ़कर 1355 तक पहुंच गई।
22 अप्रैल के अंक में ‘दर्द से कराहते रहे मरीज, नहीं पहुंचे डॉक्टर’ शीर्षक से अमर उजाला ने खबर को प्रकाशित किया था। चिकित्सक ओपीडी में सुबह आठ बजे की जगह साढ़े नौ एवं दस बजे तक नहीं पहुंचे थे। दर्द से छटपटाते मरीज जमीन पर बैठकर डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। खबर का असर हुआ और कोल विधान सभा क्षेत्र के विधायक अनिल पाराशर आम आदमी बनकर शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गए। शनिवार को ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंडौस का राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान ने निरीक्षण किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय की स्थिति देखकर विधायक अनिल पाराशर एवं सीएचसी चंडौस की स्थिति देखकर मंत्री अनूप प्रधान बहुत नाराज हुए। अमर उजाला की पड़ताल व मंत्री-विधायक की नाराजगी का असर स्वास्थ्य विभाग पर दिखने लगा।
सोमवार को दीनदयाल अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, दवा केंद्र से लेकर शौचालय में व्यवस्था ठीक रही। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद अफरातफरी का आलम नहीं था। दो डॉक्टरों को छोड़कर सभी चिकित्सक अपनी ओपीडी में पहुंचे। अनुपस्थित चिकित्सकों में एक गंभीर रूप से बीमार हैं और अवकाश पर हैं, जबकि दूसरे चिकित्सक की दो बजे से इमरजेंसी ड्यूटी थी।
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वहीं, सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने सुबह ओपीडी, वार्ड एवं अस्पताल का चक्कर लगाकर व्यवस्था का जायजा लिया। शौचालय में जाकर सफाई व्यवस्था देखी और कमियों को दूर कराया। डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मियों को समय से आने एवं मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने का निर्देश दिया। सीएमओ डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि दो को छोड़कर शेष सभी चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे थे।
संविदा कर्मियों को दी जा रही ड्रेस
डॉक्टरों एवं स्थायी कर्मचारियों के साथ ही संविदा कर्मियों को भी ड्रेस में आने के लिए कहा गया है। सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने संबंधित एजेंसी को कर्मचारियों को ड्रेस देने का निर्देश दिया है।
ओपीडी में पहुंचे 1355 मरीज
पं. दीनदयाल अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में 1355 मरीज मिले, जिसमें 151 बुखार से पीड़ित थे। 251 बच्चे थे। 100 बेड के अस्पताल के वार्ड में 118 मरीज भर्ती हैं, जिसमें 21 बुखार एवं 9 डायरिया के हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों में 30 की उम्र 14 वर्ष से कम है।
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22 अप्रैल के अंक में ‘दर्द से कराहते रहे मरीज, नहीं पहुंचे डॉक्टर’ शीर्षक से अमर उजाला ने खबर को प्रकाशित किया था। चिकित्सक ओपीडी में सुबह आठ बजे की जगह साढ़े नौ एवं दस बजे तक नहीं पहुंचे थे। दर्द से छटपटाते मरीज जमीन पर बैठकर डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। खबर का असर हुआ और कोल विधान सभा क्षेत्र के विधायक अनिल पाराशर आम आदमी बनकर शनिवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गए। शनिवार को ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंडौस का राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान ने निरीक्षण किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय की स्थिति देखकर विधायक अनिल पाराशर एवं सीएचसी चंडौस की स्थिति देखकर मंत्री अनूप प्रधान बहुत नाराज हुए। अमर उजाला की पड़ताल व मंत्री-विधायक की नाराजगी का असर स्वास्थ्य विभाग पर दिखने लगा।
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सोमवार को दीनदयाल अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, दवा केंद्र से लेकर शौचालय में व्यवस्था ठीक रही। मरीजों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद अफरातफरी का आलम नहीं था। दो डॉक्टरों को छोड़कर सभी चिकित्सक अपनी ओपीडी में पहुंचे। अनुपस्थित चिकित्सकों में एक गंभीर रूप से बीमार हैं और अवकाश पर हैं, जबकि दूसरे चिकित्सक की दो बजे से इमरजेंसी ड्यूटी थी।
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वहीं, सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने सुबह ओपीडी, वार्ड एवं अस्पताल का चक्कर लगाकर व्यवस्था का जायजा लिया। शौचालय में जाकर सफाई व्यवस्था देखी और कमियों को दूर कराया। डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मियों को समय से आने एवं मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने का निर्देश दिया। सीएमओ डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि दो को छोड़कर शेष सभी चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे थे।
संविदा कर्मियों को दी जा रही ड्रेस
डॉक्टरों एवं स्थायी कर्मचारियों के साथ ही संविदा कर्मियों को भी ड्रेस में आने के लिए कहा गया है। सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने संबंधित एजेंसी को कर्मचारियों को ड्रेस देने का निर्देश दिया है।
ओपीडी में पहुंचे 1355 मरीज
पं. दीनदयाल अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में 1355 मरीज मिले, जिसमें 151 बुखार से पीड़ित थे। 251 बच्चे थे। 100 बेड के अस्पताल के वार्ड में 118 मरीज भर्ती हैं, जिसमें 21 बुखार एवं 9 डायरिया के हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों में 30 की उम्र 14 वर्ष से कम है।