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करंट से बाप-बेटे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2016 02:02 AM IST
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करंट से माौत
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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क्वार्सी इलाके के गांव हाजीपुर फतेह खां में सोमवार दुपहर पंखा चलाते समय स्वीच बोर्ड में करंट आने से बाप-बेटे की मौत हो गई, जबकि बचाने के प्रयास में मां गंभीर रूप से झुलस गई। दुर्घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। चीखपुकार सुनकर आस पास के लोग जमा हो गए। झुलसी महिला को मेडिकल कॉलेज लाया गया। खबर पर पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
मडराक बॉर्डर पर बसे गांव हाजीपुर फतेह खां निवासी 38 वर्षीय किसान रक्षपाल सिंह का बेटा 8 वर्षीय अंकुश सोमवार की सुबह करीब दस बजे कमरे में लगे बिजली बोर्ड में पंखे का तार लगा रहा था। एक तार अंकुश ने बोर्ड में लगा दिया। दूसरा हाथ में लगा रह गया। करंट की चपेट में आने पर अंकुश की चीख निकल गई। आवाज सुनकर पहुंचे रक्षपाल ने अंकुश को पकड़ लिया। जिससे रक्षपाल भी करंट की चपेट में आ गए। यह देख पत्नी रेनू भी पहुंची और उसने रक्षपाल को पकड़कर हटाना चाहा। एक-एक कर तीनों करंट की चपेट में आ गए। चीखपुकार सुनकर आस पास के लोगों ने शोर मचा दिया। शोर पर भीड़ एकत्रित हो गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में डंडा मारकर तार तोड़ दिया, लेकिन तब तक तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को गंभीर हालात में मेडिकल कालेज लाया गया, जहां डाक्टरों ने रक्षपाल और अंकुश को मृत घोषित कर दिया, जबकि रेनू का इलाज जारी है। बाप-बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इस संबंध में एसओ क्वार्सी विनोद कुमार ने बताया कि कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
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मडराक बॉर्डर पर बसे गांव हाजीपुर फतेह खां निवासी 38 वर्षीय किसान रक्षपाल सिंह का बेटा 8 वर्षीय अंकुश सोमवार की सुबह करीब दस बजे कमरे में लगे बिजली बोर्ड में पंखे का तार लगा रहा था। एक तार अंकुश ने बोर्ड में लगा दिया। दूसरा हाथ में लगा रह गया। करंट की चपेट में आने पर अंकुश की चीख निकल गई। आवाज सुनकर पहुंचे रक्षपाल ने अंकुश को पकड़ लिया। जिससे रक्षपाल भी करंट की चपेट में आ गए। यह देख पत्नी रेनू भी पहुंची और उसने रक्षपाल को पकड़कर हटाना चाहा। एक-एक कर तीनों करंट की चपेट में आ गए। चीखपुकार सुनकर आस पास के लोगों ने शोर मचा दिया। शोर पर भीड़ एकत्रित हो गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में डंडा मारकर तार तोड़ दिया, लेकिन तब तक तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को गंभीर हालात में मेडिकल कालेज लाया गया, जहां डाक्टरों ने रक्षपाल और अंकुश को मृत घोषित कर दिया, जबकि रेनू का इलाज जारी है। बाप-बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इस संबंध में एसओ क्वार्सी विनोद कुमार ने बताया कि कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
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