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Aligarh News: पुलिया की सुरक्षा दीवार ढही
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गोंडा के गांव कैमथल में ड्रेन पुल की चहारदीवारी टूटी हुई। संवाद
- फोटो : samvad
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ब्लॉक की ग्राम पंचायत कैमथल की आबादी के समीप से गुजर रहे ड्रेन के ऊपर बने पुल की नवर्निमित चहारदीवारी (बाउंड्री) 15 दिन में ही टूट कर ड्रेन में गिर गई है, कमोबेश यही हालत समीपवर्ती दूसरे ड्रेन पुल की है, उसकी चहारदीवारी भी दरक गई है।
गांव के रामपाल सिंह, धर्मवीर सिंह ने बताया कि गोंडा के गांव कैमथल के समीप से गुजर रहे ड्रेन दो पुल बने हुए हैं, जिनका उपयोग गांव सहित पड़ोस के गांव के लोग कर रहे हैं। उन पुलों की चौडाई करीब साढ़े तीन मीटर है, जिस प्रकार की पुलों से होकर आवाजाही है, उसके लिए कम से कम पांच मीटर चौड़े पुलों की आवश्यकता है।
ग्रामीणों ने कई बार की है चौड़ीकरण की मांग
ग्रामीणों ने कई बार मांग की कि उनका चौड़ीकरण कराया जाए। इन ड्रेन पुलों से कैमथल से गांव नगला देव, दौंकोली, विजयगढ़ की ओर आने-जाने के लिए किया जाता है। कैमथल के किसानों के खेत ड्रेन के दूसरी ओर होने के कारण ट्रैक्टर और बुग्गी लेकर पुल के ऊपर होकर आना- जाना लगा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल की चहारदीवारी लम्बे अरसे से नहीं थी, ग्रामीणों ने चौड़ीकरण की मांग करते हुए पुल निर्माण की मांग उठाई। विभाग पुल का चौड़ीकरण तो नहीं कर सका लेकिन करीब 15 दिन पूर्व पुल की चहारदीवारी का निर्माण करा दिया।
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दो दिन बाद ही दरक गई थी बाउंड्री
ग्रामीणों के अनुसार चहारदीवारी दो दिन बाद ही दरक गई और वाहनों के आवागमन के दौरान पुल की एक ओर की चहारदीवारी ड्रेन में जा गिरी। वहीं कुछ दूरी पर दूसरे पुल की चहारदीवारी भी दरक रही है। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि पुलों का चौड़ीकरण कर नवनिर्माण हो तभी समस्या का हल हो सकता है।
वर्जन
यह किसी परियोजना में शामिल नहीं थी। उक्त मामले की जानकारी की जाएगी। किस परियोजना के तहत यह कार्य हुआ है। चंद्रमौली द्विवेदी, एक्सईन सिंचाई हाथरस।
पुलों से होकर दिनभर लोग गुजरते हैं, पुलों की कम चौड़ाई आवागमन में व्यवधान पैदा कर रही है, अब चहारदीवारी घटिया निर्माण साम्रगी के उपयोग के कारण ढही है।- रविकरन सिंह, किसान नेता
मैंने स्वयं पिछले वर्ष पुल चौड़ीकरण के लिए सिंचाईं विभाग में प्रयास शुरू किया था, बजट मिलने पर नवनिर्माण का आश्वासन मिला, परन्तु अब तक निर्माण नहीं हो सका है। पुष्पेन्द्र चौधरी, ग्राम प्रधान कैमथल
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गांव के रामपाल सिंह, धर्मवीर सिंह ने बताया कि गोंडा के गांव कैमथल के समीप से गुजर रहे ड्रेन दो पुल बने हुए हैं, जिनका उपयोग गांव सहित पड़ोस के गांव के लोग कर रहे हैं। उन पुलों की चौडाई करीब साढ़े तीन मीटर है, जिस प्रकार की पुलों से होकर आवाजाही है, उसके लिए कम से कम पांच मीटर चौड़े पुलों की आवश्यकता है।
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ग्रामीणों ने कई बार की है चौड़ीकरण की मांग
ग्रामीणों ने कई बार मांग की कि उनका चौड़ीकरण कराया जाए। इन ड्रेन पुलों से कैमथल से गांव नगला देव, दौंकोली, विजयगढ़ की ओर आने-जाने के लिए किया जाता है। कैमथल के किसानों के खेत ड्रेन के दूसरी ओर होने के कारण ट्रैक्टर और बुग्गी लेकर पुल के ऊपर होकर आना- जाना लगा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल की चहारदीवारी लम्बे अरसे से नहीं थी, ग्रामीणों ने चौड़ीकरण की मांग करते हुए पुल निर्माण की मांग उठाई। विभाग पुल का चौड़ीकरण तो नहीं कर सका लेकिन करीब 15 दिन पूर्व पुल की चहारदीवारी का निर्माण करा दिया।
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दो दिन बाद ही दरक गई थी बाउंड्री
ग्रामीणों के अनुसार चहारदीवारी दो दिन बाद ही दरक गई और वाहनों के आवागमन के दौरान पुल की एक ओर की चहारदीवारी ड्रेन में जा गिरी। वहीं कुछ दूरी पर दूसरे पुल की चहारदीवारी भी दरक रही है। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि पुलों का चौड़ीकरण कर नवनिर्माण हो तभी समस्या का हल हो सकता है।
वर्जन
यह किसी परियोजना में शामिल नहीं थी। उक्त मामले की जानकारी की जाएगी। किस परियोजना के तहत यह कार्य हुआ है। चंद्रमौली द्विवेदी, एक्सईन सिंचाई हाथरस।
पुलों से होकर दिनभर लोग गुजरते हैं, पुलों की कम चौड़ाई आवागमन में व्यवधान पैदा कर रही है, अब चहारदीवारी घटिया निर्माण साम्रगी के उपयोग के कारण ढही है।- रविकरन सिंह, किसान नेता
मैंने स्वयं पिछले वर्ष पुल चौड़ीकरण के लिए सिंचाईं विभाग में प्रयास शुरू किया था, बजट मिलने पर नवनिर्माण का आश्वासन मिला, परन्तु अब तक निर्माण नहीं हो सका है। पुष्पेन्द्र चौधरी, ग्राम प्रधान कैमथल