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Hathras: न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक को व्यक्तिगत रूप से किया तलब, पुलिस मुठभेड़ में होनी है गवाही
Sat, 21 Jun 2025 01:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Sat, 21 Jun 2025 01:33 AM IST
सार
प्रभारी निरीक्षक की पुलिस मुठभेड़ के मुकदमे में गवाही होनी है। न्यायालय ने इस मामले में 18 जुलाई की तिथि नियत की है। कोतवाली सदर पुलिस ने चार अगस्त 2022 को पुलिस मुठभेड़ दर्शाते हुए मुकदमा दर्ज किया था।
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कोर्ट
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय महेंद्र कुमार रावत के न्यायालय ने पुलिस मुठभेड़ के मामले में साक्ष्य के लिए उपस्थित न होने पर सदर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दिए जाने के आदेश जारी किए हैं। प्रभारी निरीक्षक वर्तमान में कासगंज कोतवाली में तैनात हैं।
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प्रभारी निरीक्षक की पुलिस मुठभेड़ के मुकदमे में गवाही होनी है। न्यायालय ने इस मामले में 18 जुलाई की तिथि नियत की है। कोतवाली सदर पुलिस ने चार अगस्त 2022 को पुलिस मुठभेड़ दर्शाते हुए मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे में आरोपी पर एसएचओ लोकेश कुमार भाटी एवं अन्य पुलिस कर्मचारियों पर जान से मारने की नीयत से फायर करने का आरोप है।
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न्यायालय ने इस मुकदमे के आरोपी पर आठ नवंबर 2022 को आरोप निर्धारित कर दिए हैं। अब न्यायालय ने इस मामले में जनपद कासगंज की थाना कोतवाली कासगंज में प्रभारी निरीक्षक के रूप में तैनात लोकेश भाटी को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि आपको पिछली तिथियों पर गैर जमानती अधिपत्र व सीआरपीसी की धारा 350 के नोटिस अनेक बार प्रेषित किए गए हैं, लेकिन आप न्यायालय में साक्ष्य के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं।
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आपके साक्ष्य न हो पाने के कारण मुकदमे में अग्रिम कार्यवाही नहीं हो पा रही है। न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वह जानबूझकर वाद की कार्यवाही को लंबित करने के उद्देश्य से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। उनका यह आचरण अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता एवं घोर लापरवाही का द्योतक है।
न्यायालय ने नोटिस में प्रभारी निरीक्षक से कहा है कि वह 18 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि क्यों न उनको जानबूझकर न्यायालय के कार्य में बाधा उत्पन्न करने के लिए उनके वेतन से तीन हजार रुपये की कटौती करते हुए दंडित किया जाए और इसकी प्रविष्टि उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज कराई जाए।