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Aligarh News: प्रगणक अंकल के सवाल पर बच्चे हैरान, पूछ रहे- ये रेडियो क्या है..
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गांव जगतपुर। सुबह के करीब 10 बजे नरेंद्र कुमार के घर पर बैठे जनगणना प्रगणक ने पूछा-आपके घर पर ट्रांजिस्टर है? वह कुछ बोल पाते इससे पहले ही उनके पुत्र नितिन (11) का हैरानी से भरा सवाल आया-ट्रांजिस्टर क्या होता है? प्रगणक ने कहा-रेडियो। फिर वही मासूम सवाल-रेडियो क्या है?
इस दौरान नितिन कभी प्रगणक, कभी अपने माता-पिता की आंखों में निहारते हुए जानने की कोशिश करने लगा कि क्या होता है रेडियो। पिता और प्रगणक साथ-साथ बताने लगे कि पहले रेडियो पर ही समाचार आते थे। उसी पर बच्चे-बड़े गाने सुनते थे। उसकी मां ने बताया कि महिलाओं के लिए भी दोपहर के समय- घर-संसार, महिला जगत, हेलो फरमाइश जैसे कार्यक्रम आते थे। उसमें गांव की बोली में महिलाएं आपस में बातें किया करती थीं और हम सभी अपनी मम्मी-चाची, बहनों आदि के साथ उसे सुनते थे। बहुत अच्छा लगता था।
अतरौली में अंग्रेजी मीडियम के एक निजी स्कूल में कक्षा (6) में पढ़ने वाला मासूम नितिन फिर बोला- हमने तो देखा नाहिं...। नरेंद्र कुमार बोले- बेटा, 15-20 साल पहले तक रेडियो हम सब के घरों पर था। फिर टीवी आ गया। अब तो स्मार्टफोन है। तुम लोग भी टीवी कहां, मोबाइल पर ही तो कार्टून आदि देखते हो।
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इसके बाद नरेंद्र और उनकी पत्नी ने हंसते हुए प्रगणक से पूछा- जब रेडियो बंद हो गया है। दुकानें भी अब कहीं नजर नहीं आतीं फिर सरकार क्यों पूछ रही है कि रेडियो है कि नहीं? इस पर प्रगणक भी हंसते हुए कहने लगे, जो फॉर्म में लिखा है, वह तो पूछकर भरना ही है। उधर गांव जगतपुर के कई घरों में
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इस दौरान नितिन कभी प्रगणक, कभी अपने माता-पिता की आंखों में निहारते हुए जानने की कोशिश करने लगा कि क्या होता है रेडियो। पिता और प्रगणक साथ-साथ बताने लगे कि पहले रेडियो पर ही समाचार आते थे। उसी पर बच्चे-बड़े गाने सुनते थे। उसकी मां ने बताया कि महिलाओं के लिए भी दोपहर के समय- घर-संसार, महिला जगत, हेलो फरमाइश जैसे कार्यक्रम आते थे। उसमें गांव की बोली में महिलाएं आपस में बातें किया करती थीं और हम सभी अपनी मम्मी-चाची, बहनों आदि के साथ उसे सुनते थे। बहुत अच्छा लगता था।
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अतरौली में अंग्रेजी मीडियम के एक निजी स्कूल में कक्षा (6) में पढ़ने वाला मासूम नितिन फिर बोला- हमने तो देखा नाहिं...। नरेंद्र कुमार बोले- बेटा, 15-20 साल पहले तक रेडियो हम सब के घरों पर था। फिर टीवी आ गया। अब तो स्मार्टफोन है। तुम लोग भी टीवी कहां, मोबाइल पर ही तो कार्टून आदि देखते हो।
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इसके बाद नरेंद्र और उनकी पत्नी ने हंसते हुए प्रगणक से पूछा- जब रेडियो बंद हो गया है। दुकानें भी अब कहीं नजर नहीं आतीं फिर सरकार क्यों पूछ रही है कि रेडियो है कि नहीं? इस पर प्रगणक भी हंसते हुए कहने लगे, जो फॉर्म में लिखा है, वह तो पूछकर भरना ही है। उधर गांव जगतपुर के कई घरों में