Aligarh Accident: आवारा कुत्ते को बचाने में कार पलटी, नीचे गिरी बेटी की मौत
भाजपा नेता उमेश सरकोंडा के बेटे सचिन अपनी पत्नी अर्चिता व दो वर्ष की बेटी वैष्णवी संग शुक्रवार रात आगरा रोड पर स्थित होटल में पार्टी गए थे। रात करीब 11 बजे सचिन अपनी बलेनो कार से लौट रहे थे। वे खुद गाड़ी चला रहे थे, पत्नी बेटी को गोद में लिए बगल की सीट पर बैठी थीं। इसी दौरान आवारा कुत्ते को बचाने के चक्कर में यह हादसा हो गया।
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महानगर में आवारा कुत्ते अब जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। शुक्रवार रात भाजपा नेता के बेटे की कार कुत्ते को बचाने के फेर में डिवाइडर से टकरा गई और कार में मां की गोद में बैठी मासूम बच्ची शीशे से निकलकर बाहर आ गिरी।
इस दौरान पहिये की चपेट में आकर बच्ची की मौत हो गई। यह दृश्य देख मां-बेटे के पैरों तले जमीन खिसक गई। खबर पर परिजन भी पहुंच गए। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
घटनाक्रम के अनुसार, पला रोड सासनी गेट के हार्डवेयर कारोबारी भाजपा नेता उमेश सरकोंडा के बेटे सचिन अपनी पत्नी अर्चिता व दो वर्ष की बेटी वैष्णवी संग शुक्रवार रात आगरा रोड पर स्थित होटल में पार्टी गए थे। रात करीब 11 बजे सचिन अपनी बलेनो कार से लौट रहे थे। वे खुद गाड़ी चला रहे थे, पत्नी बेटी को गोद में लिए बगल की सीट पर बैठी थीं।
इसी दौरान सासनी गेट की ओर आते समय मनका फार्म गेस्ट हाउस के सामने अचानक आवारा कुत्ता गाड़ी के सामने आ गया। उसे बचाने के फेर में सचिन ने तेज रफ्तार कार में ब्रेक लगाए तो वह अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़कर आधी सी पलट गई। इसी बीच अचानक बच्ची शीशे से छिटककर कार से नीचे आ गिरी और पिछला पहिया भी उस पर चढ़ गया। जिससे बच्ची की मौत हो गई।
किसी तरह सचिन व अर्चिता कार से उतरे तो बेटी को देखकर उनके होश उड़ गए। रात में राहगीर भी रुक गए। सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। उमेश सरकोंड़ा के छोटे भाई राजेश सरकोंड़ा के अनुसार बच्ची को अस्पताल ले जाया गया। मगर बचाया नहीं जा सका। सचिन व अर्चिता के भी हल्की चोटें आई हैं। उनका भी उपचार कराया गया। इंस्पेक्टर सासनी गेट के अनुसार शव बिना किसी कार्रवाई के ही परिजन ले गए।
अगले माह 13 नवंबर को था वैष्णवी का जन्मदिन
राजेश सरकोंड़ा के अनुसार, सचिन की यह इकलौती संतान थी। उसका आने वाले 13 नवंबर को जन्म दिन था। बच्ची के इस तरह देहांत के बाद घर की खुशियां काफूर हो गई हैं।